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इंदौर में वेडिंग जूलरी के 6 नए ट्रेंड:पूरा परिवार एक थीम पर बनवा रहा गहने, 14 कैरेट गोल्ड-पेस्टल शेड्स बने पसंद

इंदौरएक महीने पहले

शादियों में अब कैसी जूलरी पसंद की जा रही है और वेडिंग जूलरी की बजटिंग-प्लानिंग लोग कैसे कर रहे हैं, इसे लेकर इंदौर के एक जूलरी बुटीक पर वर्कशॉप और ब्लॉगर्स मीट कराई गई। शहर के लाइफ स्टाइल ब्लॉगर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर यहां पहुंचे। उन्होंने कई तरह की ट्रेंडी जूलरी ट्राय की।

एक्सपर्ट पीनल भट्‌ट ने इस वर्कशॉप में बताया कि जूलरी टाइम लेस होती है। खास तौर पर वेडिंग जूलरी... इसमें बड़ा बजट लगाया जाता है और लोग इन गहनों को सहेज कर रखते हैं। वैल्यू फॉर मनी रहे और जूलरी हर दौर में ट्रेंडी रहे, इसके लिए लोग परम्परा और नई सोच दोनों को मिलाकर कस्टमाइज्ड जूलरी बनवा रहे हैं।

पोलकी, ऑक्सीडाइज्ड गोल्ड जूलरी जैसे ट्रेंड्स सदाबहार हैं पर कुछ ट्रेंड्स जो इन दिनों सबसे ज्यादा देखने में आ रहे हैं, उनमें पेस्टल शेड्स की इनैमलिंग और फैमिली जूलरी सबसे ज्यादा पॉपुलर हैं।

1. जूलरी फॉर फैमिली : अब तक यह देखने में आ रहा था कि शादियों में पूरा परिवार एक थीम एक कलर टोन के कपड़े पहन रहा था। जैसे पीकॉक थीम या फ्लोरल थीम। अब जूलरी भी पूरे परिवार के लिए बनवाई जा रही है। जैसे नियर टू नेचर थीम, पेस्टल कलर थीम। मान लीजिए कि परिवार ने जूलरी का बजट 30 लाख तय किया है, तो इसमें जूलरी डिजाइनर उन्हें प्लान करके दे रहे हैं कितना गोल्ड, कितने कैरेट का गोल्ड और कितने डायमंड या अलग-अलग प्रीशियस स्टोन्स का इस्तेमाल किया जा सकता है।

2. कपल रिंग्स : हर कोई अपने लिए कुछ यूनिक चाहता है। इसलिए पहले से बनी-बनाई रिंग्स के बजाय लोग अपने हिसाब से कस्टमाइज्ड जूलरी बनवाते हैं। इसमें कपल रिंग्स का चलन बढ़ा है। लड़का-लड़की दोनों की रिंग्स एक सी थीम पर बनवाई जा रही है। ये उनके आउट फिट ही नहीं, उनकी लव स्टोरी उनकी अब तक की जर्नी के मुताबिक भी बनाई जाती है। एक अंगूठी में उन दोनों की कहानी कहने की कोशिश करते हैं।

3. 14 कैरेट गोल्ड जूलरी : कोरोना के बाद एक बदलाव यह देखने में आया कि लोगों ने ग्रैंड वेडिंग के बजाय जूलरी में इन्वेस्टमेंट बढ़ा दिया। जो लोग पहले सिर्फ गोल्ड ले रहे थे वह अब डायमंड जूलरी पर भी शिफ्ट हो रहे हैं। चूंकि डायमंड के बेस में गोल्ड यूज होता है, तो उसमें 24 कैरेट का गोल्ड लेने के बजाय, 14 कैरेट गोल्ड चुन रहे हैं ताकि गोल्ड का लुक भी मिले, डायमंड जूलरी भी बन जाए और बजट न बढ़े।

4. पेस्टल इनैमल इन जूलरी : इनैमलिंग यानी पेंट्स का इस्तेमाल। यह कॉन्सेप्ट नया नहीं है। मीनाकारी पहले भी की जाती रही है पर पहले इसमें गहनों पर सिर्फ लाल और हरा रंग ही देखने को मिलता था। अब क्रीमी पर्पल, सॉफ्ट पिंक, मॉव जैसे पेस्टल शेड्स भी जूलरी की इनैमलिंग में देखने को मिल रहे हैं। यह बदलाव इसलिए आया क्योंकि शादी के कपड़ों में पेस्टल शेड्स का चलन बढ़ा। जूलरी भी कपड़ों से मैच करे, इसलिए गहनों में पेस्टल इनैमलिंग का ट्रेंड बढ़ गया।

5. डिटैचेबल जूलरी : शादी में दुल्हन हैवी सेट पहनेगी, लेकिन हर जगह वह भारी भरकम गहने काम नहीं आएंगे। जूलरी इज फॉर लाइफटाइम। ऐसे में डिटैचेबल जूलरी पसंद की जा रही है। जैसे शादी के लिए सतलड़ा हार बनावाया पर उसके चेन्स डिटैचेबल हैं। जब हैवी जूलरी पहनना है तो सारी चेन्स जोड़ लीजिए और कुछ लाइट पहनना चाहती हैं तो सिंगल या डबल चेन ही रखिए। इसमें बहुत इनोवेशन का स्कोप है। हार का एक हिस्सा ही मांग टीका बन जाता है। हैवी नेकपीस का एक हिस्सा ब्रेसलेट की तरह इस्तेमाल हो सकता है। जितना क्रिएटिव सोच सकते हैं, उतनी ही मल्टीपर्पज़ जूलरी बनाई जा सकती है

6. फैंसी कट डायमंड्स : अब तक राउंड शेप ही देखने को मिलता था लेकिन अब कई तरह के कट्स ट्रेंड में हैं। पियर कट, पिलो शेप कटिंग जैसे शेप्स भी चलन में हैं।