विदेशियों से करोड़ों की ठगी:इंदौर में फर्जी एडवाइजरी कंपनी चलाने वाले तीन पकड़ाए, एक दर्जन कर्मचारियों से पूछताछ

इंदौर2 महीने पहले
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काली जैकेट में अजय,सफेद शर्ट म� - Dainik Bhaskar
काली जैकेट में अजय,सफेद शर्ट म�

इंदौर में फर्जी एडवाइजरी कंपनी चलाकर विदेशियों को ठगने वाले तीन सरगनाओं को तिलक नगर पुलिस ने पकड़ा है। आरोपी छोटे-बड़े रूप में लोगों से रुपए जमा कराते थे। उन्होंने कई लोगो से रुपए खातों में डलवाए थे। शुरूआत जांच में ठगी करोड़ों की बताई जा रही है। हजारों लोगों को आरोपी ठग चुके हैं।

TI मंजू यादव के मुताबिक संविद नगर इलाके में कैपिटल प्राइड के नाम से फर्जी एडवाइजरी कंपनी चलाने वाले अजय कुमार निवासी सिगांपुर टाउनशिप लसूड़िया, नीरज निवासी प्रथम सागर अपार्टमेंट कनाड़िया व गौतम निवासी श्रीजी वेली को पुलिस ने पकड़ा है। आरोपी कॉल सेंटर के जरिए शेयर मार्केट में प्रॉफिट देने के बहाने से ठगी करते थे।

पुलिस ने ऑफिस सील किया
पुलिस ने आरोपियों का ऑफिस सील कर दिया है। उनके पास किसी तरह का लाइसेंस और परमिशन नहीं मिली है। यहां करीब एक दर्जन से अधिक युवक कॉल कर कंपनी में इनवेस्ट करने की बात कर लोगों से रुपए डलवाते थे। TI के मुताबिक आरोपियों के कैबिन में लैपटॉप और मोबाईल जब्त किए गए है।

बिहार और भिंड के रहने वाले हैं आरोपी

अजय कुमार मूल रूप से बिहार का रहने वाला है। गौतम पटना और नीरज भिंड का रहने वाला है। अजय पहले विजयनगर इलाके में एक एडवाइजरी कंपनी में काम करता था। यहां वह लोगों को कॉल कर शेयर बाजार में रुपए लगाने की बात करता था। कुछ समय बाद पुलिस ने एडवाइजरी कंपनी में दबिश दी थी। इसमें अजय कुमार वहां पकड़ाया था। छूटने के बाद उसने खुद की एडवाइजरी कंपनी डाल ली। इसमें गौतम और नीरज को भी शामिल कर लिया। तीनों यहां कई सालो से जमे हुए हैं।

करोड़ों पर जाएगी ठगी की रकम

अधिकारियों के मुताबिक आरोपी अपनी कंपनी कैपिटल प्राइड में गेटवे, पे वॉल और रेवर के जरिए रुपए ट्रांसफर करवाते थे। उनके मुताबिक आरोपियों ने कई विदेशी करेंसी को भी अपने खातो में जमा कराया है। देखा जाए तो ठगी की रकम करोड़ों में जाएगी। इसके लिए पुलिस ने डाटा की जानकारी निकालने के लिए साइबर टीम की भी मदद ली है।

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