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आपदा प्रबंधन की बैठक में बनी सहमति:औद्योगिक श्रमिकों के आने-जाने के लिए तीन टाइम स्लाॅट, फैक्टरी बसों को 24 घंटे छूट

इंदौरएक महीने पहले
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फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो।

औद्योगिक संगठनों के साथ आपदा प्रबंधन समूह की शुक्रवार को हुई बैठक के बाद आखिरकार उन्हें चालू रखने पर सहमति बन गई। तय किया गया उनके यहां काम करने वाले सुबह, शाम और रात को तीन टाइम स्लाॅट में ही फैक्टरी और घर के बीच आना-जाना कर सकेंगे। इसमें सुबह के लिए साढ़े आठ से दस बजे का, शाम छह से सात बजे का और रात के लिए एक से ढाई बजे तक का समय तय किया गया है। हालांकि यदि कोई फैक्टरी की बसों से आना-जाना करता है तो वह कभी भी मूवमेंट कर सकता है, उन्हें प्रतिबंधित नहीं किया गया है।

यदि श्रमिक अपने वाहनों से आना-जाना करते हैं तो उन्हें इसी टाइम स्लाॅट में निकलना होगा और इनके पास संबंधित इंडस्ट्री का आईकार्ड होना चाहिए। जिसे ही पास माना जाएगा। रेसीडेंसी कोठी में हुई इस बैठक के दौरान मंत्री तुलसी सिलावट के साथ सांसद शंकर लालवानी और एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्री मप्र के अध्यक्ष प्रमोद डाफरिया, उपाध्यक्ष योगेश मेहता व अन्य प्रतिनिधि मौजूद थे।

कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि सभी उद्योगों को टाइम स्लाॅट का पालन करना होगा। यह भी तय हुआ कि फार्मा इंडस्ट्री को हर सप्ताह सौ ऑक्सीजन सिलेंडर दिए जाएंगे जिससे वह एम्प्यूल फिलिंग का काम कर सकें। सांसद लालवानी ने कहा कि उद्योगों को चलाने से करीब दो लाख लोगों का रोजगार जारी रहेगा, इसलिए सभी की मांग और समस्या को देखते हुए इन्हें कोविड प्रोटोकाल के पालन के साथ मंजूरी दी है।

आज और कल सब्जियां नहीं मिलेंगी
कलेक्टर मनीष सिंह द्वारा 3 मई को जारी किए गए नए प्रतिबंधात्मक आदेश के तहत शनिवार और रविवार को पूरी तरह से कोरोना कर्फ्यू है, इस दिन मंडियां बंद रहेंगी और फल-सब्जी भी नहीं बिकेंगी। केवल दवा दुकान खुलेंगी। दूध की बिक्री सुबह छह से दस और शाम पांच से सात बजे तक ही होगी। वैक्सीनेशन के लिए आ-जा सकेंगे, साथ ही मेडिकल सुविधा के लिए भी आना-जाना हो सकेगा।

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