7 को जिंदा जलाया, मैसेज-ओए @#$% मुझसे कांड हो गया:इंदौर से दोस्त को कहा- मैं मुंबई आ रहा हूं; जेल नहीं जाना चाहता

इंदौर7 महीने पहले

इंदौर की मल्टी में 7 लोगों को जिंदा जलाने के आरोपी संजय उर्फ शुभम दीक्षित के मोबाइल से पुलिस के हाथ बड़ा सुराग लगा है। घटना वाली दोपहर को आरोपी को जब ये पता चला कि CCTV फुटेज से पुलिस ने आग लगाने वाले युवक की पहचान कर ली है। तो उसने अपने मुंबई वाले दोस्त को एक मैसेज किया था। जिसमें लिखा था 'ओए@#$%&%$#@ (गाली) मुझसे कांड हो गया है। पुलिस अब मेरे पीछे पड़ जाएगी। मैं वापस जेल नहीं जाना चाहता। मुंबई आ रहा हूं।' पुलिस इस मैसेज को अहम सबूत मान रही है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के मोबाइल से पुलिस को कुछ ऐसी ही अहम जानकारियां मिली हैं। आरोपी संजय फिलहाल 18 मई तक पुलिस रिमांड पर है।

दरअसल, शुक्रवार 6 मई को विजय नगर की स्वर्ण बाग कॉलोनी की मल्टी में लगी आग में 7 लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद शनिवार दोपहर 1 से 2 बजे पुलिस ने यह पता लगा लिया था कि घटना शॉर्ट सर्किट से नहीं हुई है, बल्कि किसी ने जानबूझकर यह आग लगाई है। शाम 4 बजे तक पुलिस के पास एक चेहरा सामने आ गया था। इसके बाद पुलिस को आरोपी की पहचान करने में देर नहीं लगी और पुलिस ने 18 घंटे के भीतर ही उसे ढूंढकर गिरफ्तार कर लिया था। वारदात के बाद आरोपी घटना के बाद अपने दोस्त के घर जाकर सो गया था।

घटना में एक दंपती की भी दम घुटने से मौत हो गई। दोनों की शव यात्रा साथ निकाली गई।
घटना में एक दंपती की भी दम घुटने से मौत हो गई। दोनों की शव यात्रा साथ निकाली गई।

इंटरनेट के जरिए मैसेज भेज रहा था
घटना के बाद आरोपी देर रात को भागने की फिराक में था। लेकिन भागने से पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी संजय अपने मोबाइल से सिर्फ इंटरनेट के माध्यम से ही दोस्तों को मैसेज भेज रहा था। उसे पता था कि मेरे बारे में पता चलते ही पुलिस सबसे पहले मेरा मोबाइल नम्बर ट्रेस करेगी। इधर, आरोपी के मोबाइल में डेटा के साथ-साथ पुरानी प्रेमिकाओं के साथ उसकी बातचीत का ब्यौरा भी पुलिस को मिला है। पुलिस अन्य महिला मित्रों से बात कर आगे की जानकारी जुटा रही है।

शवों को पुलिस ने उठाकर भेजा था अस्पताल
शवों को पुलिस ने उठाकर भेजा था अस्पताल

दिल्ली-पुणे से जुटा रहे हैं जानकारी
पुलिस के अनुसार दिल्ली व अन्य जगह संजय की महिला मित्र होने की जानकारी मिली है। जिसके लिए पुलिस की एक टीम दिल्ली और पुणे रवाना की है। दिल्ली में भी आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। इंदौर की महिला मित्र ने पुलिस को बताया था कि दिल्ली की गर्लफ्रेंड ने संजय के बारे में उसे जानकारी दी थी। संजय उस महिला को भी फ्रॉड में फंसा चुका है। जिसके लिए कई दिन वह जेल में रही थी।

अग्निकांड के बाद शवों को बाहर ले जाते पुलिसकर्मी
अग्निकांड के बाद शवों को बाहर ले जाते पुलिसकर्मी

आरोपी की दोस्त ने भी कहा इसे फांसी हो
घटना के बाद आरोपी की महिला मित्र ने भास्कर से बात करते हुए कहा था कि संजय को फांसी की सजा हो, वह भी कम है क्योंकि उसने बदला लेने के लिए निर्दोष लोगों की जान ली है। घटना के दिन भी वह फोन कर उससे लड़ाई कर रहा था। वहीं महिला मित्र की मां से बात करने के बाद वह युवती की गाड़ी जलाने पहुंचा था। जिसके कारण पूरी बिल्डिंग में आग लग गई थी। जिसमें 7 लोग जिंदा जल गए थे।