जाम की समस्या:खराब सिग्नल, अतिक्रमण, लेफ्ट टर्न ब्लॉकेज से दिन-रात रेंगता है ट्रैफिक

इंदौर11 दिन पहले
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पाटनीपुरा चौराहा शाम 7 से 9 बजे । - Dainik Bhaskar
पाटनीपुरा चौराहा शाम 7 से 9 बजे ।
  • रोज शाम, इंदौर जाम }पीक अॉवर्स में सिग्नल बंद, 300 मीटर लंबी लगी कतारें
  • आधे घंटे बाद सुधारे जा सके सिग्नल, एक जवान के भरोसे था यहां का ट्रैफिक

ट्रैफिक दबाव के लिहाज से शहर का सबसे व्यस्त चौराहा पाटनीपुरा भी खराब सिग्नल व्यवस्था का शिकार है। बुधवार शाम 6.30 बजे पीक ऑवर्स में यहां का ट्रैफिक सिग्नल्स बंद हो गए। इससे पलभर में ही ट्रैफिक ऐसा उलझा कि चारों मार्ग पर 200 से 300 मीटर लंबी वाहनों की कतारें लग गईं।

कई वाहन चालक तो नगर निगम और पुलिस प्रशासन को कोसते हुए पीछे-पीछे ही गाड़ियां पलटाकर लौटने को मजबूर हो गए। आधा घंटे तक ट्रैफिक जवान सिग्नल सुधारने के लिए जद्दोजहद करता रहा। पीक ऑवर्स में जनता को शहर के किसी भी प्रमुख मार्ग पर सुगम ट्रैफिक नहीं मिल रहा है।

चौराहे पर ये तीन बड़ी समस्याएं जो सालों से ट्रैफिक कर रहीं जाम

कभी भी बंद होते सिग्नल
यहां से रोज गुजरने वाले कारोबारी मयंक पावेचा ने बताया कि सालों से पाटनीपुरा चौराहे के सिग्नल्स बड़ी परेशानी बने हुए हैं। यहां इतने पुराने सिग्नल हैं कि ये पीक ऑवर्स में ही गड़बड़ाते हैं। कई बार तो सुबह-सुबह भी बंद हो जाते हैं। ट्रैफिक लोड अधिक होने से यहां इसी कारण जाम लगता है। इस चौराहे से रोज आने-जाने वाले राजकुमार जैन की मानें तो चौराहे पर सुबह के पीक ऑवर्स में भी ट्रैफिक जाम लोगों को परेशान करते हैं।

सड़क पर दुकानें

इस चौराहे की दूसरी बड़ी समस्या अतिक्रमण है। यहां शाम को गुरुद्वारे से भमोरी की तरफ जाने वाले मार्ग पर तो दो से तीन लेन में सब्जी के ठेले वाले कब्जा कर खड़े हो जाते हैं। रोड के दूसरी तरफ पूजन सामग्री बेचने वाले दुकानदार सड़कों तक सामान रख देते हैं। इससे एलआईजी की तरफ का लेफ्ट टर्न ब्लॉक हो जाता है। यही नहीं, इस मार्ग को लेकर मामला हाई कोर्ट तक जा चुका है। इसके बावजूद नगर निगम इसे अतिक्रमण मुक्त नहीं कर सका।

ट्रैफिक जवानों की कमी

तीसरी बड़ी समस्या ट्रैफिक लोड के हिसाब से जवानों की कमी है। यहां पीक ऑवर्स में भी एक जवान ही तैनात किया गया है, जबकि 5 लाख से ज्यादा वाहन चालक यहां से गुजरते हैं। इनमें सर्वाधिक दोपहिया और तीन पहिया वाहन चालक होते हैं। चौराहा छोटा व संकरा होने से यहां सिग्नल बंद और चालू होने की दशा में भी वाहन चालक नियमों का पालन नहीं करते और जाम की स्थिति बार-बार बनती है। ऐसे में यहां पर कम से कम चार जवान तैनात होने चाहिए।

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