पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

यह जानकारी है जरूरी:बिना डॉक्टर की सलाह के ना कराएं सीटी स्कैन, ऑक्सीजन का अनावश्यक उपयोग रोकने के लिए नियुक्त करें ऑक्सीजन प्रभारी - संभागायुक्त डॉ. शर्मा

इंदौर11 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
मंत्री सिलावट ने कहा कि कोरोना के विरुद्ध जीत हमारे संकल्प, सामर्थ्य एवं समन्वय की होगी। - Dainik Bhaskar
मंत्री सिलावट ने कहा कि कोरोना के विरुद्ध जीत हमारे संकल्प, सामर्थ्य एवं समन्वय की होगी।

कोविड संक्रमित मरीज अपनी मर्जी से सीटी स्कैन ना कराएं, इससे उत्पन्न होने वाले रेडिएशन मरीजों के लिए हानिकारक हो सकते हैं। कोरोना संक्रमित होने के बाद शुरुआती दिनों में सीटी स्कैन कराने से सही नतीजे भी नहीं मिलते हैं। इसलिए जरूरी है कि जब तक कोरोना लक्षण निर्मित ना हो या डॉक्टरों द्वारा सलाह ना दी जाए तब तक मरीज सीटी चेस्ट ना कराएं। यह जरूरी बात गुरुवार को एमजीएम मेडिकल कॉलेज के सभागृह में आयोजित वैज्ञानिक परिचर्चा में डॉक्टर सलिल भार्गव ने बताई।

इंदौर में कोविड मरीजों की बढ़ती हुई संख्या, गंभीर रोगियों के उपचार, उपचार में समरसता के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग एवं इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने एक वैज्ञानिक परिचर्चा का आयोजन किया था। इसमें जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी एवं संभागायुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा शामिल हुए। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. संजय दीक्षित, प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष मेडिसिन डॉ. वीपी पांडे, प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष टीबी एंड चेस्ट डॉ. सलिल भार्गव, सह प्राध्यापक मेडिसिन डॉ. अशोक ठाकुर एवं सहायक प्राध्यापक मेडिसिन डॉ. प्रणय बाजपेयी सहित ऑनलाइन वर्चुअल मीट के माध्यम से इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सदस्य भी शामिल हुए। यहां कोविड के वर्तमान स्वरूप, उपचार में आवश्यक जांच एवं सीटी स्कैन की आवश्यकता के साथ ही ऑक्सीजन का सही उपयोग एवं कम गंभीर रोगियों को घर पर ही होम आइसोलेशन में दिए जाने वाले उपचार एवं गंभीर रोगियों में रेमडेसिविर इंजेक्शन के उपयोग की नई गाइड लाइन और अन्य दवाइयों की आवश्यकता के बारे में चर्चा की गई।

मंत्री सिलावट बोले - अभियान को जनआंदोलन का रूप दिया

मंत्री सिलावट ने कहा कि कोरोना के विरुद्ध इस संघर्ष के असली योद्धा हमारे जिले के डॉक्टर हैं। जो अपने दृढ़संकल्प और इच्छाशक्ति के साथ अपना सर्वस्व न्यौछावर कर लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए कोरोना से लगातार लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि "हमारे डॉक्टर धरती पर ईश्वर का रूप हैं। उनके कोरोना मुक्त इंदौर बनाने के इस दृढ़सकंल्प को मैं नमन करता हूं। इंदौर के इस संकल्प का प्रभाव केवल प्रदेश पर नहीं बल्कि पूरे देश पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा यकीन है कि यदि कोरोना के विरुद्ध इस अभियान को जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा, तो जीत इंदौर नागरिकों के संकल्प, सामर्थ्य और समन्वय की होगी।

कोरोना मरीजों के इलाज के लिए ज्यादा कारगर होम क्वारैंटाइन है - सांसद लालवानी
सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि देखा गया है कि कोरोना संक्रमित पाए जाने पर मरीज एवं उसके परिवारजन घबड़ाहट में बिना मरीज के स्थिति की गंभीरता का परिक्षण किए सीटी स्कैन, ऑक्सीजन और रेमडेसिविर इंजेक्शन के उपयोग की मांग करने लगते हैं। लेकिन कोरोना के बढ़ते मामलों और संसाधनों की निरंतरता में आ रही कमी को दृष्टिगत रखते हुए यह जरूरी है कि हम जिन मरीजों को हॉस्पिटल में भर्ती करना है और जिन्हें होम क्वारैंटाइन से उपचार दिया जा सकता है, इन दो श्रेणी में विभाजित कर लें। साथ ही किस मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत है और किसे नहीं इसको भी चिकित्सकों द्वारा चिन्हित किया जाए और मरीजों को समझाया जाए। चिकित्सक निर्धारित पैरामीटर के आधार पर ही ऑक्सीजन एवं रेमडेसिविर इंजेक्शन का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि अपने व्यक्तिगत अनुभव से उनका मानना है कि कोरोना मरीज के उपचार में होम क्वारैंटाइन ज्यादा कारगर है। मरीज को जो सुविधा अपने घर पर प्राप्त होती है, उससे उसका मानसिक तनाव दूर होता है।

कोरोना के उपचार में जरूरी संसाधनों का ना हो अत्याधिक उपयोग - संभागायुक्त
संभागायुक्त डॉ. पवन शर्मा ने कहा कि गुजरात और महाराष्ट्र में बढ़ते कोविड मामलों के फलस्वरूप पिछले कुछ दिनों से जिले में ऑक्सीजन और रेमडेसिविर इंजेक्शन की उपलब्धता में कमी आई है। इसलिए वर्तमान समय की मांग है कि उक्त संसाधनों का कुशलतापूर्वक उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि असिंप्टोमेटिक कोरोना संक्रमित मरीज जिन्हें किसी प्रकार के लक्षण नहीं है, वे रेमडेसिविर इंजेक्शन की जगह एंटीवायरल डोज ले सकते हैं। वर्तमान में कोरोना संक्रमति मरीजों द्वारा अत्याधिक चेस्ट सीटी स्कैन कराया जा रहा है। यह भी एक चिंताजनक विषय है, अत्याधिक सीटी स्कैन मरीज के लिए हानिकारक हो सकता है। इसलिए सभी चिकित्सक यह सुनिश्चित करें कि मरीज के कहने पर नहीं बल्कि डॉक्टर की सलाह पर ही सीटी स्कैन कराया जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि जिन भी मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में कोरोना मरीजों का उपचार किया जा रहा है, वहां पर ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली लाइन की पूर्ण रूप से चेकिंग की जाए। जिससे ऑक्सीजन का अनावश्यक लीकेज रोका जा सके। ऐसे सभी अस्पताल, जहां पर संक्रमित मरीजों को रखा गया है, वहां वार्ड वार या फ्लोर वार ऑक्सीजन प्रभारी नियुक्त किए जाएं। सभी ऑक्सीजन प्रभारी यह सुनिश्चित करेंगे कि मरीज द्वारा ऑक्सीजन मास्क अनावश्यक रूप से ऑन ना छोड़ा जाए। ऑक्सीजन प्रभारी सतत मॉनिटरिंग करेंगे कि ऑक्सीजन का अनावश्यक उपयोग ना हो। जिस मरीज को जितनी संख्या में ऑक्सीजन देना है उसी संख्या में उसे ऑक्सीजन दिया जाए।

खबरें और भी हैं...

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- कुछ रचनात्मक तथा सामाजिक कार्यों में आपका अधिकतर समय व्यतीत होगा। मीडिया तथा संपर्क सूत्रों संबंधी गतिविधियों में अपना विशेष ध्यान केंद्रित रखें, आपको कोई महत्वपूर्ण सूचना मिल सकती हैं। अनुभव...

और पढ़ें