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उज्जैन :साल में एक बार नाग पंचमी पर दर्शन देने वाले नागचंद्रेश्वर को ऑनलाइन निहारेंगे भक्त, बाबा महाकाल के सवारी रूट में भी बदलाव

उज्जैन16 दिन पहले
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बाबा महाकाल की सावन में हर साल निकले वाली सवारी में लाखों भक्त शामिल होते थे, लेकिन इस बार भक्तों के आने पर मनाही है। (फाइल)
  • सवारी नए मार्ग से महाकाल मंदिर से हरसिद्धि चौराहा, सिद्धाश्रम होकर रामघाट पहुंचेगी
  • 6 अगस्त से महाकाल मंदिर में भक्तों को सुबह 5:30 बजे से शाम को 7:00 बजे तक एंट्री
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श्रावण और भादौ में बाबा महाकाल पूरे लाव-लश्कर के साथ नगर भ्रमण पर निकलेंगे, लेकिन भक्त सवारी में शामिल नहीं हो पाएंगे। इसके अलावा संक्रमण की रोकथाम के लिए सवारी मार्ग में भी बदलाव कर उसे छोटा कर दिया गया है। पहली बार सवारी महाकाल मंदिर से हरसिद्धि चौराहा, सिद्धाश्रम होकर रामघाट पहुंचेगी। सवारी रामानुज कोट, पाल से हरसिद्धि चौराहा होकर महाकाल मंदिर लौटेगी। इसके अलावा, साल में एक बार खुलने वाला नागचंद्रेश्वर मंदिर भी भक्तों के लिए नहीं खुलेगा। सभी निर्णय मंगलवार को महाकाल प्रबंध समिति की बैठक में हुए। 

श्रावण की शुरुआत 6 जुलाई से होगी। पहले ही दिन सोमवार है। इसी दिन से श्रावण सोमवार की सवारियों का क्रम शुरू होगा। कोरोना संक्रमण को देखते प्रशासन सवारी के स्वरूप और अन्य व्यवस्थाओं का फैसला नहीं ले पा रहा था। क्योंकि सवान में और सवारी के दर्शन को दूर-दूर से भक्त उज्जैन पहुंचते हैं। समिति ने संक्रमण को देखते हुए बड़ा निर्णय लिया है। महाकाल  मंदिर में निकलने वाली सवारी में इस बार श्रद्धालुओं को प्रवेश नहीं मिलेगा। समिति की मानें तो इस बार श्रद्धालु ऑनलाइन और सोशल मीडिया के जरिए घर बैठे सवारी के दर्शन कर पाएंगे। 

पूजन में सोशल डिस्टेंसिंग, सवारी में भी संख्या सीमित
सवारी निकलने के पूर्व भगवान महाकाल के मुखारबिंद का विधिवत पूजन के पश्चात सवारी निकाली जाएगी। पूजन चांदी द्वार के पास सभा मंडप में किया जाएगा। इसके बाद तय समय पर शाम 4 बजे सभा मंडल से सवारी निकलेगी। मुख्य द्वार पर पुलिस जवान पालकी को गार्ड ऑफ ऑनर देंगे। सवारी में उद्घोषक वाहन, तोपची, भगवान महाकाल का ध्वज, घुड़सवारी, विशेष सशस्त्र बल, पुलिस बैंड, नगर सेना, महाकाल मंदिर के पुजारी-पुरोहित, ढोल वादक समेत अन्य आवश्यक व्यवस्था में लगने वाले कर्मचारी सीमित संख्या में रहेंगे।

नागचंद्रेश्वर मंदिर भी भक्तों के लिए बंद
नाग पंचमी पर साल में एक बार खुलने वाला नागचंद्रेश्वर मंदिर भी इस बार श्रद्धालुओं के लिए नहीं खुल पाएगा। नागचंद्रेश्वर के दर्शन को भी भक्त दूर-दूर से यहां आते हैं। मंदिर समिति के अध्यक्ष कलेक्टर उज्जैन ने कहा कि नागचंद्रेश्वर भगवान के दर्शन और सावन माह की सभी सवारियां श्रद्धालु घर बैठे ऑनलाइन दर्शन कर सकते हैं। इसके अलावा सावन माह के पहले सोमवार 6 अगस्त से महाकाल मंदिर में दर्शनार्थियों को प्रवेश सुबह 5:30 बजे से शाम को 7:00 बजे तक मिल सकेगा। साथ ही किसी भी प्रकार की कावड़ यात्रा को उज्जैन में प्रवेश नहीं मिलेगा। उज्जैन कलेक्टर ने सभी जिलों के कलेक्टरों से पत्र के माध्यम से इसकी जानकारी दी है।

ये हैं बड़े निर्णय 

  • महाकाल मंदिर की निकलने वाली सवारी में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध।
  • परंपरागत मार्ग की बजाय नए रूट से निकलेगी महाकाल की सवारी।
  • सावन में भजन मंडलियां भी शामिल नहीं हो पाएंगी। 
  • सावन महीने में सुबह 5.30 से शाम 7 बजे तक दर्शन कर सकेंगे श्रद्धालु।
  • सावन माह में प्रतिदिन 10 हजार श्रद्धालु दर्शन कर पाएंगे।
  • नागचंद्रेश्वर मंदिर श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेगा, ऑनलाइन दर्शन होंगे।
  • सावन महीने में कावड़ यात्रियों को उज्जैन में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
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