• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Indore
  • Used To Sell Up To 20 Thousand Liters Per Month On Fuel, 40 On Petrol, 30 On Diesel. Saving Liters, Profit Of Crores Per Month

मिलावट से मिलेनियर बनने वालों की कहानी:पेट्रोल-डीजल में बॉयलर-भट्टी जलाने का केमिकल मिलाकर बेचते थे, हर महीने 35 लाख की सूखी कमाई

इंदौर10 महीने पहले

​​​​इंदौर में पेट्रोल-डीजल में केमिकल मिलाकर दो आरोपी करोड़पति बन गए। वे हर महीने एक लाख लीटर मिलावट वाला पेट्रोल-डीजल बेच देते थे। मिलावट करके आरोपी पेट्रोल पर 40 रुपए और डीजल पर 30 रुपए प्रति लीटर का मुनाफा कमाते थे। हर महीने 20 हजार लीटर के चार से पांच टैंकर केमिकल लाते थे। इस तरह एक लाख लीटर पर 35 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से 35 लाख रुपए हर महीने कमाते थे। चार साल से यह धंधा चल रहा था। गुरुवार को पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया है, जबकि दो मुख्य आरोपी अभी फरार हैं।

किशनगंज थाना प्रभारी शशिकांत चौरसिया ने बताया पेट्रोलियम इंडस्ट्री से निकलने वाला रबड़ फ्यूल, मिक्सड हैक्जिन, C-09 जैसे केमिकल को गुजरात और मुंबई से मंगाया जाता था। शिवम इंडस्ट्रीज के मालिक विजय कुमार मूंदड़ा और पंप का मुख्य मैनेजर राकेश अग्रवाल उसे फैक्ट्रियों में लगे बॉयलर और भट्टियां जलाने के नाम पर मंगाते थे। इन केमिकल को बड़ी क्वांटिटी में मंगाया जाता था।

मिक्स कर बनाते थे फ्यूल
शिवम इंडस्ट्रीज को फैक्ट्रियों के लिए फ्यूल बनाने का लाइसेंस है, लेकिन इनका इस्तेमाल पेट्रोल और डीजल के रूप में नहीं किया जा सकता है। इंडस्ट्रीज में मुंबई और गुजरात से फ्यूल ऑइल, मिक्स्ड हैक्जिन, सी 09, पेंटेन और रबर प्रोसेस ऑइल खरीदकर मंगाए जाते हैं। इन सभी हाइड्रो कार्बन को अलग-अलग अनुपात में मिक्सिंग मशीन में मिक्स कर इस तरह बनाते हैं, जो पेट्रोल और डीजल की तरह दिखता है और वैसा ही काम भी करता है।

पुलिस ने शिवम इंडस्ट्रीज के मैनेजर चंद्रप्रकाश पांडेय और टैंकर ड्राइवर सुरेश कुशवाहा को हिरासत में लिया है।
पुलिस ने शिवम इंडस्ट्रीज के मैनेजर चंद्रप्रकाश पांडेय और टैंकर ड्राइवर सुरेश कुशवाहा को हिरासत में लिया है।

ऐसे खुला पूरा राज
पुलिस के अनुसार, किशनगंज ​​​​​​स्थित भारत पेट्रोलियम पेट्रोल पंप पर कम मात्रा में पेट्रोल मिलने की शिकायत नापतौल विभाग को मिल चुकी थी। जांच करने पर विभाग को तेल में मिलावट होने का भी पता चला। इसके बाद पुलिस ने मिलावट को लेकर पंप पर कार्रवाई की तो पूरा मामला सामने आ गया। अब पुलिस ऐसे व्यक्ति की तलाश कर रही है, जिसकी गाड़ी इस फ्यूल से प्रभावित होकर खराब हुई हो।

क्यों नहीं हुआ भारत पेट्रोलियम कंपनी को शक
टैंकर ड्राइवर सुरेश कुशवाहा ने पूछताछ में बताया कि वह करीब 10 वर्षों से इस पेट्रोल पंप पर काम कर रहा है। बीते चार साल से यहां पर यह धंधा शुरू हुआ है। उसने बताया किसी को शक ना हो इसलिए भारत पेट्रोलियम से 1 से 2 महीने में एक टैंकर पेट्रोल-डीजल का मंगवाया जाता था। अब पुलिस पेट्रोल पंप के मालिक और उसके मुख्य मैनेजर की तलाश कर रही है। इसके बाद इससे जुड़े और खुलासे होंगे। बताया जाता है कि शिवम इंडस्ट्रीज के मालिक विजय कुमार मूंदड़ा के पास आसपास के जिलों में एक दर्जन पेट्रोल पंप हैं।

पंप असली, पेट्रोल-डीजल नकली:मुंबई-गुजरात से केमिकल मंगवाकर नकली तेल बनाते थे; अपने पंपों पर मिलावट कर बेचते थे

खबरें और भी हैं...