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70 करोड़ की MD ड्रग्स मामले में 4 और गिरफ्तार:आरोपियों में महिला ड्रग पैडलर भी शामिल, अब तक हो चुकी है 32 आरोपी गिरफ्तार, इंदौर से ले जाकर मुंबई में करते थे सप्लाई

इंदौर3 महीने पहले
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70 करोड़ रुपए की एमडीएमए ड्रग्स मामले में इंदौर क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता हाथ लगी है। ऑपरेशन प्रहार के तहत की गई कार्रवाई में इंदौर क्राइम ब्रांच ने मुंबई से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिसमें एक महिला भी शामिल है।

एमडीएमए ड्रग्स मामले में अब तक कुल 32 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इंदौर डीआईजी मनीष कपूरिया ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा चलाए गए ऑपरेशन प्रहार के तहत की गई कार्रवाई में इंदौर क्राइम ब्रांच ने मुंबई से ड्रग्स कारोबार के चार सूत्रधारों को गिरफ्तार किया है। जिसमें एक महिला भी शामिल है। महिला मुंबई में ड्रग्स पैडलर के रूप में लोगों को ड्रग्स सप्लाई करती थी। पकड़े गए चारों आरोपियों महजबीन शेख, सलीम चौधरी, जुबैर हलाई और अनवर लाला बताए जा रहे हैं और क्राइम ब्रांच ने एमडीएमए ड्रग्स के नेटवर्क को तोड़ने की कार्रवाई के लिहाज से मुंबई में दबिश देकर सोमवार को चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

वही इंदौर डीआईजी मनीष कपूरिया ने बताया कि चारों आरोपी एमडी ड्रग्स के अलावा अन्य नशीले पदार्थों के कारोबार में भी लिप्त हैं। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में चारों आरोपियों ने ये कबूल किया है। कि वो कई पाश इलाकों में ड्रग्स को सप्लाई करते थे। वहीं इस पूरे गिरोह का मुख्य सरगना सलीम चौधरी खुद को किसी अखबार से जुड़ा होना बताकर एमडी ड्रग्स के कारोबार को अंजाम देता था। बता दें आरोपी इंदौर से ड्रग्स ले जाकर मुंबई सहित अन्य क्षेत्रों में बेचते थे। गिरोह की महिला सदस्य महजबीन शेख ड्रग पैडलर के तौर पर काम करती थी। अब गिरफ्तार आरोपियों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और कार्रवाई से आरोपी आसानी से बच न निकले। इस बात को भी ध्यान में रखा जा रहा है। फिलहाल, इंदौर क्राइम ब्रान्च को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है और माना जा रहा है कि 70 करोड़ के एमडीएमए ड्रग्स मामले से जुड़े हर शख्स को पुलिस सलाखों के पीछे भेजेगी।

ड्रग्स तस्करों की चेन।
ड्रग्स तस्करों की चेन।

ड्रग्स लेडी की कहानी -

मेहजबीन ने बताया कि वह इस गिरोह में सह आरोपी सलीम चौधरी और हैदर के साथ मिलकर एमडी ड्रग्स खरीदने बेचने लगी थी। उसकी पहचान कफिल खान निवासी अजमेर से हुई थी । जिसके साथ मिलकर मेहजबीन उसके द्वारा बताए अनुसार ही एमडी ड्रग्स के पैडलर का काम करने लगी थी। उसके द्वारा इन्दौर से एमडी ड्रग्स खरीद कर पूरे मुंबई शहर में छोटे-छोट पैडलर्स के द्वारा पबों मे बार, रेव पार्टियों मे ड्रग्स की तस्करी करवाती थी। साथी ही उसके द्वारा फिल्म इंड्रस्टीज के संपर्क मे रहने वाले कई व्यक्तियों के माध्यम से वहां भी एमडी सप्लाई करने की बात बता रही है। महिला ड्रग्स का व्यापार करने के लिए बांग्लादेश और विदेशों के सिम कार्ड इस्तेमाल करती थी।

आरोपी एमडी ड्रग्स से मिले रुपयों को हवाला के माध्यम से भेजती थी। लिंक का संबध सुशांत राजपूत केस में ड्रग्स तस्करों से होने की बात की भी तस्दीक की जाना शेष, क्योंकि मेहजबीन इतनी शातिर है कि वह जेल में बंद कई गंभीर आरोपियों के लगातार संपर्क में होकर उनके कहे अनुसार तस्करों के संपर्क में आकर एमडी ड्रग्स तस्करी का काम करने लगी थी। महिला आरोपी कई तरह के ड्रग्स लेने की आदी है। जिसने फरारी के दौरान मोबाईल सिम व फोन तोड़कर फेक दिए। सोशल मीडिया तथा अन्य एप्लीकेशन के माध्यम से अन्य फरार आरोपियों से बात करती थी। आरोपियों द्वारा फार्मासुटिकल कम्पनी GLOBAL ENTERPRISES के लाइसेंस की आड़ में ड्रग्स का काम किया जाता था।

लिव इन रिलेशन शिप मे रहकर करने लगी ड्रग्स क काम -

मेहजबीन ने बताया कि वह सलीम चौधरी के साथ लिव इन रिलेशनशिप मे रहकर उससे भी एमडी ड्रग्स की तस्करी करवाने लगी थी। आरोपी सलीम चौधरी के मुम्बई पुलिस से संपर्क होने के कारण कोविड -19 पास बनवाकर उसकी आड़ में महिला आरोपियों को साथ लाकर इन्दौर से कार से आकर एमडी ड्रग्स का व्यापार करते थे। जो मुम्बई में होटलों से एमडी ड्रग्स खरीदने बेचने का काम करती थी। जिसके होटल में रुकने के प्रमाण होटल से लिये गये है। सलीम चौधरी निवासी मुंबई ने बताया कि वह अपनी दो पत्नियों को तलाक दे चुका है एवं वर्तमान में कई दिनों पहले तक मेहजबीन के संपर्क मे आकर उसके साथ रहने लगा था एवं उसके कहने परएमडी ड्रग्स का सेवन करने के साथ ही इन्दौर जाकर क्रय करने लगा एवं मुंबई एवं गुजरात मे छोटी-छोटी मात्रा में तस्करी भी करने लगा था। उसने यह भी बताया कि वह रईस एवं हैदर को भी अच्छे से जानता है। जिनसे वह मेहजबीन के साथ कई बारएमडी ड्रग्स खरीदने के दौरान मिला था। जिसमें कई बार तो इन्दौर में आकर होटलों मे रूकने बादएमडी ड्रग्स के माल की क्वालेटी चेक करने बाद कीमत तय कर सौदा करते थे।

मेहजबीन का संबंध जयपुर जेल में बंद अपराधी से

सलीम ने यह भी बताया कि मेहजबीन का संबध जयपुर जेल मे बंद कफील खान से है जिसके कहने पर वह ड्रग्स की तस्करी करती थी एवं मीरा रोड मुंबई मे छोटी–छोटी जगह सप्लाई करने लगी थी। आरोपी सलीम चौधरी पार्टियों का शौकिन है जो महिला मित्रों के साथ ड्रग्स की पार्टियां ARRANGE करता था। आरोपी मुम्बई के प्रेस कार्ड का दुरुपयोग कर मुम्बई पुलिस से लॉकडाउन पास बनवाकर जरुरतमंदों की मदद करने के बहाने एमडी ड्रग्स के खरीदने व बेचने में का काम करता था। पूर्व में गिरफ्तार आरोपी शाहिद पत्रकार द्वारा भी पत्रकारिता के आड़ में लॉकडाउन में उपरोक्त आरोपियों से ड्रग्स का व्यापार किया जा रहा था, जो गिरफ्तार आरोपी सलीम चौधरी के संपर्क में लगातार था।
रजनीगंधा के पाउच में मिलाकर खा भी लेता एमडी ड्रग्स

जुबेर हलाई मुंबई महाराष्ट्र ने बताया कि वह मुंबई मे पिछले 30 साल से रह रहा हैं। वह रईस निवासी इन्दौर से मिलने के बाद से रुपयों की लालच एवं नशे का आदि होने के कारण एमडी ड्रग्स विक्रय करने लगा था। वह सोचने लगा था कि ड्रग्स के रुपयों से मुंबई में प्रापर्टी भी खरीद लेगा। वह अधिकतर रईस से ही एमडी ड्रग्स खरीदा करता था और स्वंय भी रजनीगंधा के पाउच मे मिलाकर खा भी लेता था। आरोपी रईस के एमडी ड्रग्स के पैसे मेहजबीन से लेता था। जिसे रईस को इन्दौर देने के लिए आता था। आरोपी रईस के अधिकतर पैसों का लेन-देन मेहजबीन से आरोपी द्वारा किया जाता था।

एंटी नारकोटिक्स ब्यूरो के मुखबिरी का आड़ में करता था ड्रग्स का व्यापार

अनवर लाला मुम्बई में कुर्ला, माहिम ,बान्द्रा में ड्रग्स पैडलर का काम करता है। जो मेहजबीन के संपर्क मे आने के बाद से एमडी ड्रग्स का खरीदने व बेचने लगा था। उसकी मेहजबीन से पहचान दिल्ली की एक किन्नर मित्र के माध्यम से हुई थी जो की पार्टी आयोजित करती थी उसी पार्टी मे मेहजबीन से परिचय हुआ था। एमडी ड्रग्स बेचने की योजना वही से बनाई गई थी। उसके द्वारा सलीम चौधरी एवं मेहजबीन के साथ मिलकर पिछले लगभग 16 महीनों से मुंबई मे ड्रग्स पैडलर्स का कार्य कर रहा है। उसने यह भी बताया कि उसका एक साथी फैजल को कुछ दिन पहले NCB मुंबई ने ड्रग्स तस्करी में पकड़ लिया था। जो वर्तमान में जेल में बंद है। आरोपी ANC का मुखबिर बनकर मुखबिरी का आड़ में ड्रग्स का व्यापार करता था ।

यह है मामला

क्राइम ब्रांच ने 5 जनवरी को 5 आरोपियों से 70 करोड़ रुपए की 70 किलो MDMA ड्रग्स बरामद की थी। इनके पास से 13 लाख रुपए नकद भी बरामद हुए थे। आरोपी तेलंगाना और मप्र के रहने वाले हैं। आरोपी ड्रग्स की खेप देने और टोकन मनी लेने के लिए एकत्रित हुए थे। आरोपियों की माने तो वे ट्रेन, प्लेन, बस, ट्रक ट्रांसपोर्ट और निजी कार हर प्रकार से ड्रग्स लाते थे। ये इतने शातिर हैं कि ट्रांसपोर्ट से ड्रग्स भेजते समय वे पैकेट में मुर्गी दाना पाउडर या बीमारियों के वैक्सीन का पाउडर बताते थे। इस मामले में अब तक 15 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

एमडी ड्रग्स मामले में पूर्व में मुंबई से दो आरोपी अय्यूब इब्राहिम कुरैशी और वसीम खान को मुंबई से पकड़ा था। इनमें एक 1993 के मुंबई ब्लास्ट में सजा काट चुका है, जबकि दूसरा टी सीरीज के मालिक गुलशन कुमार हत्याकांड में शामिल अबू सलेम गैंग का सदस्य रहा था।

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