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लॉकडाउन का बड़ा साइड इफेक्ट किसानों पर:इंदौर में मंडी तक नहीं पहुंची सब्जियां, किसानों ने लौकी की खड़ी फसल को जोत दिया

इंदौर20 दिन पहले
फसल को रौंदते हुए किसान।

इंदौर में लॉकडाउन का साइड इफेक्ट दिखने लगा है। खेतों से सब्जियां मंडी तक नहीं पहुंच पाई। इसकी वजह से किसान अब लौकी, तुरई की फसल को नष्ट करने लगे हैं। शहर से 60 किलोमीटर गौतमपुरा गांव के रुणजी क्षेत्र के सब्जी की फसल पर ट्रैक्टर चलाते दिख रहे हैं।

किसानों ने खेतों में सब्जियों की बोनी की थी। फसल तो अच्छी हुई, लेकिन कर्फ्यू के कारण फसल को बाजारों में बेचा ना जा सका और किसानों को आने अब आने वाले मानसून से पहले खेतों को अगली फसल सोयाबीन के लिए तैयार करना है।

किसान महेश भुत ने अपने 10 बीघा खेत मे लोकी की फसल लगाई थी। लोकी की फसल 60 दिनों में आना शुरू हो जाती है। परंतु फसल की बोवनी के कुछ दिनों बाद लॉकडाउन लग गया। किसान की फसल तैयार हुई, जब तक क्षेत्र व अन्य जिलों की मंडियों बंद हो गई लोकी खेत मे ही खराब होने लग गई।

किसान ने दो बार गाड़ी भर के लोकी इंदौर मंडी भी पहुंचाई, लेकिन लॉकडाउन के बीच मंडियों में लोकी नहीं बिक पाई। किसान ने सभी लोकी इंदौर के बाहर निकलते ही लोगों मे बांट दी। वहीं पूरे खेत मे अब लोकी खराब हो रही है, किसान ने आस पास के गांवों में यह संदेश भी पहुंचाया की जिस किसी को लोकी चाहिए तो वह फ्री में मेरे खेत से ले जा सकता है।

4 लाख तक का नुकसान
किसान महेश भुत ने बताया कि इस बार उम्मीद थी। कि लोकी की फसल मेरे खेत मे बहुत अच्छे से तैयार होगी ओर अच्छा मुनाफा होगा सोचा था। 10 बीघे खेत में बोई लोकी इंदौर, उज्जैन, बड़नगर, बदनावर, आदि जिलों की मंडियों में बेचूंगा, जिससे अच्छा मुनाफा होगा । लेकिन फसल तो बहुत अच्छी हुई। लेकिन लॉकडाउन ने आर्थिक नुकसान दे दिया।

किसना का कहना था कि 2 मार्च को मैने फसल बोई थी। जिसमें उच्च क्वालिटी के इंडो कंपनी के बीज 12000 रुपए किलो के भाव के बीज लगाए, 50 हजार की दवाई खर्च, 30 हजार नंदाई ,जुताई और मजदूरी व अन्य खर्च में कुल डेढ़ लाख से ज्यादा का खर्च किया, जिसमें तकरीबन 4 लाख का मुनाफा होता है। थोक में 6 से 10 रुपये किलो यह लोकी आराम से बिकती परंतु लॉकडाउन ने सब बर्बाद कर दिया।

अब अगली फसल सोयाबीन के लिए खेत को तैयार करना है। और अभी भी लोकी खेतो में पड़ी है। अगली फसल के लिए मजदूर कर के इन लोकियों को खेत से बाहर करना पड़ेगा। इसी लिए खेत मे ट्रैक्टर से लोकियों को हटवाने का कार्य शुरू कर दिया है ।