इंदौर में पाकिस्तान की हिंगलाज देवी के दर्शन, VIDEO:​​​​​​​​​​​​​​जनकल्याण महोत्सव में देश-विदेश की छटा, 51 शक्तिपीठ बनाए; 75 फीट ऊंचा राम मंदिर भी

इंदौर2 महीने पहले

प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में अनूठा आयोजन हो रहा है। यहां अयोध्या का श्रीराम मंदिर, देश-विदेश के 51 शक्तिपीठ और भैरवजी की 31 फीट ऊंची प्रतिमा के प्रतिरूप बनाए गए हैं। यहां असम की कामाख्या देवी से लेकर पाकिस्तान की हिंगलाज देवी की प्रतिकृति के दर्शन हो सकेंगे। दरअसल, आजादी के अमृत महोत्सव को समर्पित और भैरव अष्टमी के पावन पर्व पर नौ दिवसीय 'जनकल्याण महोत्सव' बास्केटबॉल कॉम्प्लेक्स में किया जा रहा है। आयोजन में 20 राज्यों के 150 शहर-गांव के लोग शामिल हुए हैं। डॉ. वसंत विजय महाराज के मार्गदर्शन में यहां सैकड़ों भक्त आए हैं।

40 कारीगरों ने 10 दिन में तैयार की प्रतिकृतियां बास्केटबॉल कैम्पस में मंदिर और प्रतिमाओं का निर्माण बंगाल से आए 40 कारीगरों ने किया। 8 नवंबर से लेकर 18 नवंबर के बीच काम कर इन्हें बनाया है। निर्माण में मिट्टी, कपड़ा, लकड़ी, लोहा, प्राकृतिक रंग, लाइटिंग, थर्माकोल आदि का इस्तेमाल किया गया है। यहां बना राम मंदिर 75 फीट ऊंचा, 100 फीट लंबा और 60 फीट चौड़ा है। इसमें 108 स्तंभ लगे हैं, जिस पर अद्भुत नक्काशी भी की गई है। साथ ही, मंदिर में राम भगवान समेत 11 देवी-देवताओं की प्रतिमा विराजमान की गई है। अयोध्या से राम लला की प्रतिमा, श्री राम की पादुका, जन्मभूमि की मिट्टी और ध्वजा यहां लगाकर विराजित की गई है।

51 शक्तिपीठ के होंगे दर्शन।
51 शक्तिपीठ के होंगे दर्शन।

4 हजार वर्गफीट में तैयार किया गुफा का स्वरूप और 51 शक्तिपीठ
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जनकल्याण महोत्सव समिति के सचिव सौमिल कोठारी के मुताबिक, बास्केटबॉल कॉम्प्लेक्स में 4 हजार वर्ग फीट के अंदर गुफा का निर्माण किया गया है। इसमें देश के साथ ही पाकिस्तान, नेपाल व अन्य स्थानों की 51 शक्तिपीठ (देवियों) की प्रतिमाओं का निर्माण किया गया है। यह प्रतिमाएं मिट्टी, प्राकृतिक रंगों आदि से तैयार की गई है। बास्केटबॉल कॉम्प्लेक्स में 31 फीट ऊंची भैरव जी की प्रतिमा तैयार की गई।

31 फीट ऊंची भैरव जी की प्रतिमा भी बनाई।
31 फीट ऊंची भैरव जी की प्रतिमा भी बनाई।

अहमदाबाद के 20 कलाकार बनाते हैं रंगोली
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सौमिल कोठारी ने बताया कि आयोजन के लिए अहमदाबाद से विशेष रूप से 20 कलाकारों को बुलवाया गया है, जो यहां रोजाना परिसर के अंदर व बाहर अद्भुत रंगोली बनाते हैं। पूरे नौ दिन तक वे लोग यहां रंगोली बनाने के साथ ही 2 हजार दीपक यहां रोज लगाएंगे। इसके अलावा यहां आए सैकड़ों भक्तों के रहने-खाने और जप-तप की भी नि:शुल्क व्यवस्था की गई है।