सरकार ने 57 पेज में बयां की बेबसी:हाईकोर्ट से कहा- रेमडेसिविर पर हमारा कोई नियंत्रण नहीं; आज होगा आदेश जारी

इंदौर6 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
देवी अहिल्या एयरपोर्ट पर विशेष हेलिकॉप्टर से बुधवार रात रेमडेसिविर की एक और खेप पहुंची। - Dainik Bhaskar
देवी अहिल्या एयरपोर्ट पर विशेष हेलिकॉप्टर से बुधवार रात रेमडेसिविर की एक और खेप पहुंची।
  • एक घंटे में इंजेक्शन मुहैया कराने के आदेश दिए थे पहले
  • 8080 रेमडेसिविर इंजेक्शन मिले पूरे प्रदेश के लिए इंदौर को

रेमडेसिविर की किल्लत को लेकर सरकार ने बुधवार को कोर्ट के समक्ष अपनी बेबसी बयां की। कोर्ट में प्रस्तुत 57 पेज के जवाब में स्पष्ट किया कि ये इंजेक्शन निजी कंपनी बनाती है। इस पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। इस तरह का कोई कानून भी नहीं है। ऑक्सीजन का उत्पादन, अन्य राज्यों से आपूर्ति की व्यवस्था जारी है। हाईकोर्ट अब गुरुवार को इस संबंध में सरकार को आदेश जारी करेगा। कोरोना संक्रमितों को जरूरत होने पर एक घंटे में रेमडेसिविर इंजेक्शन मुहैया कराने के हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं होने पर दायर अंतरिम आवेदन पर हुई सुनवाई में बुधवार को हाईकोर्ट में सरकार ने अपना पक्ष रखा।

इसमें कहा गया कि इंजेक्शन की सप्लाय के हिसाब से अस्पतालों में मरीजों के अनुपात में आपूर्ति की जा रही है। चीफ जस्टिस मो. रफीक, जस्टिस अतुल श्रीधरन की खंडपीठ ने सरकार का पक्ष सुना। संस्था शांति मंच की ओर से अभिनव धनोतकर ने पैरवी की। कोर्ट से मांग की गई कि चाचा नेहरू अस्पताल को बच्चों के लिए ही रखा जाए। वहां कोरोना के साथ बच्चों की अन्य बीमारियों का इलाज होना चाहिए। इंदौर संभाग में बच्चों के लिए यह इकलौता अस्पताल है।

अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाएं, ताकि संकट न हो
अंतरिम आवेदन में कोर्ट से मांग की गई है कि बड़े अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने के आदेश जारी किए जाना चाहिए। ताकि ऑक्सीजन का संकट न रहे। प्लांट भी ऐसा हो जो जरूरत पड़ने पर दोगुना तक उत्पादन कर सके।

सेवाकुंज अस्पताल शुरू कर दिए जाने की जानकारी भी दी
शासन की ओर से एसीएस स्वास्थ्य मो. सुलेमान ने जवाब पेश किया। हालांकि कोर्ट ने मुख्य सचिव को तलब किया था, संक्रमित होने से नहीं आ सके। कोर्ट को सेवाकुंज में कोविड केयर सेंटर शुरू करने की जानकारी भी दी गई।

  • 1581 इंजेक्शन मिले शहर के अस्पतालों के लिए
  • 488 इंजेक्शन 14 बड़े अस्पतालों ने स्टॉकिस्ट से सीधे जुटाए
  • 737 प्रशासन ने 82 निजी अस्पतालों को दिए

प्रदेश को 200 टॉसी मिले समिति तय करेगी किसे देंगे

बीते कई दिनों से बाजार से गायब टाॅसीलिजुमैब (टॉसी) इंजेक्शन की 200 की खेप केंद्र से प्रदेश सरकार को मिली है। इसके लिए मेडिकल कॉलेज के डीन और संयुक्त संचालक स्वास्थ्य की एक समिति बनाई गई है। समिति की अनुशंसा के बाद ही मरीजों को इंजेक्शन आवंटित किए जाएंगे। अत्यंत आवश्यकता वाले मरीज को ही दिए जाएंगे। एमजीएम में मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. वीपी पांडे के अनुसार, मूलत: यह गठिया रोग के मरीजों को दिया जाता था। कोरोना में 3 से 5% लोगों में संक्रमण के 8-10वें दिन इनफ्लेमेशन (आंतरिक अंगों में सूजन) हो सकता है। यह ह्रदय की गति अनियंत्रित होने, निमोनिया तेजी से बढ़ने, फेफड़ों में थक्का जमने से रोकने की दवा है।

खबरें और भी हैं...