• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Indore
  • Weak Tomato Crop In The South; Goods Are Being Sent There From Malwa Nimar, So In Indore It Became Costly By Up To Rs 45 A Kg.

सुर्ख हुआ टमाटर:साउथ में टमाटर की कमजोर फसल; मालवा-निमाड़ से माल वहां भेजा जा रहा है, इसलिए इंदौर में 45 रुपए किलो तक हुआ महंगा

इंदौर9 महीने पहलेलेखक: विश्वनाथ सिंह
  • कॉपी लिंक
मंडी में आम दिनों सेे आवक आधी, सिर्फ 5 से 6 हजार कैरेट आ रहे, महाराष्ट्र से आ रहेे हलके माल के भी 10 गुना बढ़े रेट। - Dainik Bhaskar
मंडी में आम दिनों सेे आवक आधी, सिर्फ 5 से 6 हजार कैरेट आ रहे, महाराष्ट्र से आ रहेे हलके माल के भी 10 गुना बढ़े रेट।

टमाटर को लेकर अब पूरे देशभर से डिमांड आनी शुरू हो गई है। सबसे ज्यादा डिमांड साउथ तरफ से आ रही है। इसके कारण इंदौर के साथ ही मप्र के अलग-अलग हिस्सों से अच्छी क्वालिटी के टमाटर बड़ी मात्रा में साउथ के बाजारों में भेजे जा रहे हैं। इसके चलते इंदौर के बाजार में भी अच्छे टमाटर की शॉर्टेज हो गई और यहां पर भाव 45 रुपए किलो तक बढ़कर खेरची में 90 रुपए किलो पहुंच गए हैं। पिछले दो माह में टमाटर के थोक के दाम भी 24 रुपए किलो से नीचे नहीं आए।

शहर की प्रमुख चोइथराम मंडी में बुधवार तक जो टमाटर थोक में 36 से 55 रुपए और खेरची में 60 से 90 रुपए किलो तक में बिक रहा था। उसके भाव में आवक बढ़ने से गुरुवार को थोक भाव में 14 से 16 और खेरची के भाव में 20 से 25 रुपए तक की मंदी देखने को मिली।

मंडी में वही टमाटर थोक में 24 से 38 रुपए और खेरची में 40 से 70 रुपए तक के भाव में बिक गया। चोइथराम मंडी में वर्तमान में आवक 5 से 6 हजार कैरेट की हो रही है। आमतौर पर इन दिनों 10 से 15 हजार कैरेट की आवक होती थी।

ये है टमाटर का कैलेंडर

  • असल में पूरे देशभर में टमाटर की सप्लाय किए जाने को लेकर 6-6 महीने का कैलेंडर बना हुआ है। इसी के हिसाब से फसल के निकलने के बाद सप्लाय की जाती है।
  • अप्रैल से सितंबर तक बेंगलुरु महाराष्ट्र, पीपलगांव, सिरपुर, मावली नारायणगांव, संगमनेर, बबलाज, आदि जगहों से टमाटर की सप्लाय पूरे देश में होती है।
  • अक्टूबर से मार्च तक मध्यप्रदेश के मालवा-निमाड़ क्षेत्र के नागलवाड़ी, रतलाम, उज्जैन, नीमच, इंदौर के आसपास सेे पूरे देश में सप्लाय होती है।

आवक कम और भाव ज्यादा होने के ये हैं बड़े कारण

किसान सीधे भेज रहे अपना माल- देवी अहिल्या थोक सब्जी मंडी एसोसिएशन के अध्यक्ष सुंदरदास माखीजा ने बताया कि साउथ में टमाटर की डिमांड ज्यादा है। इसके लिए यहां से किसान खुद अपने खेतों से अच्छा माल लोड करके भेज रहे हैं। ऐसे में मप्र के बाजारों में टमाटर की शॉर्टेज होने लगी है और लोकल बाजार में भाव बढ़ रहे हैं।

बारिश में देरी, फसल में लगे कीड़े

इस बार बारिश देरी से हुई और फसल में कीड़े लगने के कारण टमाटर की फसल को लगभग 25 से 30 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। पिछले साल लॉकडाउन के कारण टमाटर के थोक भाव 12 से 14 रुपए प्रति किलो के रहे थे।

महाराष्ट्र का हलका माल भी खप रहा

चोइथराम मंडी के सब्जी व्यापारी शक्ति बिरहे ने बताया कि महाराष्ट्र से हलका और मीडियम माल डेढ़ से ढाई रुपए प्रति किलो में थोक में बिकता था। यहां तक लाने में इससे ज्यादा तो भाड़ा लग जाता था। इसके कारण इसे खरीदार नहीं मिल पाते। अब शॉर्टेज में वही हलका टमाटर इंदौर के व्यापारी थोक में 24 रुपए प्रति किलो तक में खरीद रहे हैं।

खबरें और भी हैं...