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चलती का नाम जिंदगी:गली में कर्फ्यू लगा तो बच्चे छत पर ही चलाने लगे साइकिल; होम आइसोलेशन में बोरियत से बचाने ऑनलाइन हंसा रहे, छत पर कर रहे पाठ

इंदौर6 महीने पहलेलेखक: अभिषेक दुबे
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खंडवा रोड स्थित श्री कृष्णा एवेन्यू कॉलोनी को माइक्रो कंटेनमेंट एरिया बनाने पर शाम होते ही बच्चे अपना मनोरंजन करने छतों पर साइकिल चलाते हैं। - Dainik Bhaskar
खंडवा रोड स्थित श्री कृष्णा एवेन्यू कॉलोनी को माइक्रो कंटेनमेंट एरिया बनाने पर शाम होते ही बच्चे अपना मनोरंजन करने छतों पर साइकिल चलाते हैं।

कोरोना वायरस के संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए शहर लॉक है। संक्रमण का खौफ ऐसा है कि गलियों में बच्चे भी नहीं दिख रहे। लॉकडाउन की इसी बोरियत को कुछ लोग अपने अंदाज में रोचक बना रहे हैं। बच्चे बाहर नहीं निकल पा रहे तो उन्होंने छतों पर साइकिल चलाना शुरू कर दिया। वहीं महिलाएं छतों पर गीत, संगीत, कीर्तन, पाठ कर रही हैं। कुछ लोग होम आइसोलेशन में मरीजों की बोरियत दूर करने के लिए उन्हें ऑनलाइन हंसा रहे हैं, तो कोई गीत संगीत सुना रहा है।

गली में कर्फ्यू लगा तो बच्चे छत पर ही चलाने लगे साइकिल
खंडवा रोड स्थित श्री कृष्णा एवेन्यू कॉलोनी को माइक्रो कंटेनमेंट एरिया बनाने पर लोगों ने घर से बाहर निकलना बंद कर दिया। कॉलोनी के रवि दांगी ने बताया कि कोरोना के डर से लोग बाहर नहीं निकल रहे हैं, लेकिन शाम होते ही बच्चे अपना मनोरंजन करने छतों पर इकट्ठा हो जाते हैं। कोई साइकिल चलाता है तो कोई शतरंज, कैरम आदि खेलता है। परिवार के बड़े लोग भी घर का काम पूरा करने के बाद बच्चों का साथ देने छतों पर आ जाते हैं।

इंद्रपुरी कॉलोनी : बीमारी खत्म करने के लिए प्रार्थना कर रहे
भंवरकुआं की इंद्रपुरी कॉलोनी में रोजाना शाम 5.30 बजे से 6.30 बजे तक महिलाएं अपने-अपने घरों की छतों और आंगन में इकट्ठा होकर कॉलोनी का माहौल खुशहाल रखने और कोरोना महामारी को खत्म करने के लिए सुखमनी साहब का पाठ कर रही हैं। पीपल्याराव गुरुद्वारा के प्रधान प्रीतपाल सिंह भाटिया ने बताया कि कोरोना के डर को खत्म करने और हमेशा सकारात्मक रहने के लिए पीपल्याराव संगत में आने वाले परिवार की हर महिला रोज शाम 1 घंटा छत या आंगन में आकर सुखमनी साहब का पाठ करती है। वहीं पाठ के समय कॉलोनी में रहने वाले अन्य समाज के लोग भी शामिल होते हैं। पाठ के साथ ही गीत-संगीत के आयोजन भी कई परिवारों में किए जा रहे हैं। इन आयोजनों में सोशल डिस्टेंस का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।

रोज डेढ़ घंटे हंसाकर दे रहे सकारात्मक संदेश
लगभग 50 होम आइसोलेशन मरीजों के साथ ही गणेशपुरी कॉलोनी के लोग रोज शाम डेढ़ घंटे अपना समय हंसकर बिताते हैं। लोगों को हंसाने और उन्हें सकारात्मक बनाए रखने का यह काम शहर के स्टैंडअप कॉमेडियन देवांश सिंह कर रहे हैं। देवांश ने बताया कि मां के कोरोना पॉजिटिव आने से वह बहुत डर गई थीं। तभी मैंने सोचा कि क्यों न रोज कॉमेडी कर लोगों को सकारात्मक रखने के साथ उनका मनोरंजन करूं। इसके बाद ऑनलाइन मैं उन्हें हंसाने का प्रयास करने लगा।

लोगों को सकारात्मक रखने के साथ उनका मनोरंजन करूं
बांसुरी मास्टर सुनील शर्मा लोगों का मनोरंजन करने के लिए ऑनलाइन परफॉर्मेंस दे रहे हैं। वह रोजाना ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए कभी बांसुरी बजाकर तो कभी किशोर कुमार के गीत सुनाकर लोगों का मनोरंजन कर रहे हैं। शर्मा की तरह ही सांघी कॉलोनी में रहने वाले पेशे से इंजीनियर सूर्यभान मेरावी स्पीड पेंटिंग कर लोगों का मनोरंजन करने के साथ ही उनको सिखाने का काम भी कर रहे हैं। उनके इस प्रयास को काफी सराहा जा रहा है।

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