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इंदौर में दुष्कर्म पीड़िता का AUDIO:बोली- एमवाय अस्पताल में वार्ड बॉय ने एनिमा लगाने के दौरान गलत काम किया, मुझे 2 दिन प्राइवेट वार्ड में बंद रखा, फिर एंबुलेंस में बैठाकर पीछे के रास्ते से घर छोड़ दिया

इंदौर3 महीने पहले

प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल इंदौर के महाराजा यशवंतराव (एमवाय) में दुष्कर्म के मामले में पीड़िता का ऑडियो सामने आया है। उसने कहा कि वार्ड बॉय ने एनिमा लगाते समय गलत काम किया था। मैं चिल्लाई तो भाग गया। किसी ने हेल्प नहीं की। मुझे दो दिन तक प्राइवेट वार्ड में बंद रखा। सिर्फ खाना दिया। मैंने खाना नहीं खाया, बेटा कुछ खाता रहा। शनिवार सुबह अभय सर (टीका लगाते हैं) ने एंबुलेंस को पैसे देकर मुझे अस्पताल के पीछे के रास्ते से घर भेज दिया।

घटना 27 जुलाई की रात की है। धार की रहने वाली 55 वर्षीय महिला एमवाय अस्पताल के वार्ड 26 में डायलिसिस के लिए भर्ती हुई थी। महिला ने अस्पताल के वार्ड बॉय पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। पुलिस भी मौके पर पहुंची थी, महिला एसआई ने घटना की जानकारी दी थी। एसआई ने एफआईआर के लिए कहा तो महिला ने उस समय मना कर दिया था। अब ऑडियो में महिला ने कहा है कि सीएमओ मैडम के दबाव में एफआईआर दर्ज नहीं कराई थी। परिवार के ही लोग कह रहे थे बदमानी होगी। अब मैं एफआईआर दर्ज कराना चाहती हूं।

महिला का ऑडियो सामने आने के बाद बड़ा सवाल यह है कि एमवाय प्रबंधन ने आखिरकार महिला की बात को दबाने की कोशिश क्यों की और पीछे के दरवाजे से महिला को उसके घर क्यों भेजा। इधर, संयोगिता नगर पुलिस का कहना है कि महिला चाहे तो अपने समीप के थाने में मामला दर्ज करा सकती है। हालांकि घटना के अगले दिन अस्पताल अधीक्षक पीएस ठाकुर ने यह बयान दिया था कि छेड़छाड़ करने वाला जरूरी नहीं कि अस्पताल का कर्मचारी हो वह बाहर का भी हो सकता है। इसके लिए जांच कमेटी गठित की है।

पहचान उजागर न हो, इसलिए पीछे के रास्ते से भेजा

मामला मेरे संज्ञान में आने के बाद मैंने ही पुलिस को सूचना दी थी। महिला को पीछे के दरवाजे से इसलिए रवाना किया गया था, क्योंकि महिला की पहचान किसी भी तरह से उजागर ना हो। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कमेटी गठित की है जो दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।

- पीएस ठाकुर, एमवाय अस्पताल, इंदौर