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जीएसटी विभाग के अधिकारी को खरी-खरी:आपने टैक्स नहीं भरा, पेनल्टी लगेगी; कारोबारी ने कहा- शर्म आती कि नहीं, कोरोना काल में दबाव बना रहे

इंदौर6 महीने पहले
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  • जीएसटी विभाग ने काॅल किया तो संक्रमण से दुखी कारोबारी ने सुनाई खरी-खरी

आपने अभी तक टैक्स और रिटर्न दाखिल नहीं किया। जल्द भर दीजिए, नहीं तो पेनल्टी लगेगी और सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस तरह का कॉल गुरुवार को एक कारोबारी के पास जीएसटी विभाग से आया तो उसने अधिकारी को खरी-खरी सुना दी। कारोबारी ने अधिकारी से कहा- आपको फोन करते हुए शर्म आ रही है कि नहीं, मैं अभी संक्रमित हूं, मेरे घर के बाकी लोग भी संक्रमित हैं, आ जाइए। घर आकर टैक्स और रिटर्न ले जाइए।

पूरा इंदौर, देश इस समय महामारी की चपेट में है। सख्त लॉकडाउन चल रहा है। इसके बाद भी आप मदद करने के बजाय उलटा परेशान करने का काम कर रहे हैं। पेनल्टी क्या, आप तो मेरी दुकान पर आकर उसे सील कर दीजिए और जो जब्त करना है कर लीजिए। मैं ऐसे हालात में कारोबार ही नहीं करना चाहता। इतनी खरी-खरी सुनने के बाद अधिकारी ने चुपचाप फोन रख दिया। यह समस्या केवल एक कारोबारी की नहीं है।

इस समस्या से इन दिनों कई कारोबारी जूझ रहे हैं, क्योंकि जीएसटी का मासिक टैक्स व रिटर्न भरने के लिए महीने की 20 तारीख (पांच करोड़ से अधिक टर्नओवर वालों के लिए और इससे अधिक के लिए 22 तारीख) अंतिम होती है। लेकिन कोरोना कर्फ्यू के चलते कारोबारी यह रिटर्न और टैक्स दाखिल नहीं कर पा रहे हैं। वहीं विभाग के अधिकारी अपना लक्ष्य पूरा करने के लिए कारोबारी को फोन करने लगे हैं।

मप्र में पौने 4 लाख कारोबारी जीएसटी में रजिस्टर्ड, दो लाख के पास मासिक रिटर्न भरने का विकल्प

  • हर महीने पौने दो लाख कारोबारियों ने मासिक रिटर्न भरने का विकल्प लिया है।
  • बीते वित्तीय साल में कुल 42 हजार 583 करोड़ का राजस्व मिला। वहीं इंदौर ने एक साल में 6500 करोड़ का राजस्व दिया था, जो पहले के सालों से ज्यादा था। टैक्स में 17 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
  • जीएसटी 3 बी रिटर्न और टैक्स पांच करोड़ रुपए से अधिक टर्नओवर वाले कारोबारी को हर महीने अनिवार्य 20 तारीख तक भरना होता है।
  • इससे कम टर्नओवर वाले को 22 तारीख तक भरना होता है।
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