पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

धार्मिक आयोजन:क्षमा ऐसा सुई धागा है जो प्रेम से सब को जोड़ देता है

पेटलावद16 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • स्थानक भवन में विराजित साध्वीश्री सुलोचनाजी ने संवत्सरी पर्व के अवसर पर कहा

क्षमा सच्ची आराधना है जिसे हर प्राणी को करना है
संवत्सरी पर्व हमें सिखाता है कि दुश्मन को भी पुत्र समान समझकर माफ कर देना है। संसार के हर जीव के प्रति क्षमा भाव रखना है, पालिताणा तीर्थ की हजार सीढ़ियां चढ़ना सरल है पर भाई की पांच सीढ़ियां दूसरा भाई नहीं चढ़ पाता है।

जबकि वह पांच सीढ़ियां सच्ची तीर्थयात्रा है, आह ऐसी हो कि जीने को मजबूर कर दे, राह ऐसी चुनो कि चलो को मजबूर कर दे और क्षमा ऐसी हो कि सामने वाला को गले लगाने को मजबूर कर दे। आज हमें पूरे विश्व क्षमा की सुगंध फैलाना है।

उपवास करने वालों का किया बहुमान

साध्वी श्री श्वेता जी ने कहा अहंकार, क्रोध , मान, माया, लोभ आदि की हवा हमारी आत्मा को बाहर निकलने नहीं दे रही है। जिस दिन यह हमारे में से निकल गई उस दिन मोक्ष द्वार हमसे दूर नहीं होगा। साध्वीश्री रुपेल जी ने कहा संवत्सरी पर्व तीन संदेश दे रहा है।

व्यक्तियों को जोड़ें, वस्तुओं को छोड़ें और अच्छे विचारों से खुद को जोड़ें। 33 उपवास करने वाले विनय धाणोदिया 28 उपवास करने वाली मानसी जैन, 9 उपवास करने वाली मधु मेहता, प्रकाश चाणोदिया, 8 उपवास करने वाले अंकित बरबेटा, नीतेश मुथा, कांतिलाल मुरार, अभिनंदन कटकानी, शिल्पा बरबेटा आदि का श्री संघ द्वारा बहुमान किया गया।

कई लोगों ने उनके सम्मान में तपस्या की बोली भी लगाई। क्षमा ऐसा सुई धागा है जो प्रेम से सब को जोड देती है, उक्त बार इस स्थानक भवन में विराजित साध्वी श्री सुलोचना जी ने संवत्सरी पर्व के अवसर पर धर्म सभा को संबोधित करते हुए कही।

साध्वी श्री रुचिता जी ने कहा क्षमा हमारी सच्ची आराधना है जिसे हर प्राणी को करना है।

अंत: गढ़ सूत्र का वाचन पूर्ण हुआ

स्थानक भवन में प्रतिदिन प्रतिक्रमण करवाने वाले श्रावक-श्राविकाओं का भी आज सम्मान किया गया। इस थाना भवन में सेवा देने वाले कान्हा भाई का भी उनकी सेवा के लिए सम्मान किया गया। पर्व पर्युषण के अंतिम दिवस पर साल भर के पापों की आलोचना भी की गई।

अंत: गढ़ सूत्र का वाचन भी पूर्ण हुआ। कई श्रावक-श्राविकाओं ने संवत्सरी प्रतिक्रमण कर चौरासी लाख जीव योनियों से क्षमा याचना की। मास खमण करने वाले तपस्वी विनय धाणोदिया एवं मानसी जैन को श्री संघ की ओर से अभिनंदन पत्र भेंट किया गया।

खबरें और भी हैं...