पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

आक्रोश:पीथमपुर-घाटाबिल्लौद फोरलेन की मरम्मत नहीं होने को लेकर न्यायालय जाएंगे क्षेत्रवासी

पीथमपुर3 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • एमपीआरडीसी के अधिकारी बोले- एस्सेल ग्रुप ने काम शुरू नही‌ं किया तो कार्रवाई करेंगे

महू-नीमच फोरलेन के पीथमपुर-घाटाबिल्लौद रोड की मरम्मत नहीं किए जाने से नाराज क्षेत्रवासियों ने कोर्ट जाना तय किया है। इसके लिए क्षेत्र की सामाजिक संस्थाओं ने तैयारी शुरू कर दी है। पीथमपुर से घाटाबिल्लौद तक का फोरलेन गड्ढों से पटा पड़ा है।

17 किमी के इस मार्ग पर 300 से ज्यादा गड्ढें हो‌ंगे। कई जगह तो 25 से 50 मीटर तक का पूरा रोड ही खराब है। घाटाबिल्लौद के ब्रिज के नीचे तो रोड पर पानी भरता है और वर्तमान में वहां बारिश में भरा कीचड़ सूख गया है। इसके चलते एक लेन चलने के काम ही नहीं आ रही है। उद्यौग नगर पीथमपुर से जुड़ा होने से यह मार्ग दिनभर चलता है लोगों को गड्ढों से लेकर धूल उड़ने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

फूल भेंट कर चुके गांधीगिरी : ग्राहक पंचायत के जिला सचिव राजेश चौधरी ने बताया कुटी चौराहे से टोल नाके तक चार किलोमीटर तक पैदल मार्च निकालकर टोलकर्मियों को फूल भेंटकर गांधीगिरी कर चुके हैं ताकि रोड की मरम्मत शुरू हो सके।

इसके बाद भाजपा ने पूर्व जिला उपाध्यक्ष प्रकाश धाकड़, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि संजय वैष्णव ने धरना देकर आंदोलन किया तो इस रोड की मरम्मत के लिए रुपए तो स्वीकृत हो गया लेकिन अब तक काम शुरू नहीं किया गया है। इंडोरामा चौराहे पर पार्षद मनोज जायसवाल भी धरना दे चुके हैं।

पेंचवर्क तक नहीं कर रहे कोर्ट में जाएंगे : चौधरी

ग्राहक पंचायत के जिला सचिव अभिभाषक राजेश चौधरी ने बताया मार्ग का पेंचवर्क तक नहीं किया जा रहा है। इसके चलते अब हमें कोर्ट की शरण में जाना पड़ेगा। जल्द ही इस मामले को कोर्ट लेकर जाएंगे ताकि लोगों को राहत मिल सके। एमपीआरडीसी के श्रीमन शुक्ल ने बताया रोड मरम्मत के लिए एस्सेल ग्रुप को कहा गया है यदि जल्द काम शुरू नहीं किया तो कार्रवाई की जाएगी।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- घर-परिवार से संबंधित कार्यों में व्यस्तता बनी रहेगी। तथा आप अपने बुद्धि चातुर्य द्वारा महत्वपूर्ण कार्यों को संपन्न करने में सक्षम भी रहेंगे। आध्यात्मिक तथा ज्ञानवर्धक साहित्य को पढ़ने में भी ...

और पढ़ें