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विभााग की अनदेखी:23 लाख से बने तालाब से 500 किसानों को मिलना था पानी, घटिया निर्माण होने से बह गया

राणापुर5 दिन पहले
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तालाब झाड़ियों से पट गया है। - Dainik Bhaskar
तालाब झाड़ियों से पट गया है।
  • भूतखेड़ी पंचायत के ग्राम सालरपाड़ा में 2019 में सेक्शन हुआ था तालाब, अब झाड़ियों से पट गया

भूतखेड़ी पंचायत के ग्राम सालरपाड़ा में 2019 में सेक्शन हुआ था। एक वर्ष बाद आरईएस विभाग ने 2020 में 23 लाख 18 हजार रुपए की लागत से तालाब बनकर तैयार करवा दिया। लेकिन अब तालाब की हालात देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसे बनाने में किस तरह की अनियमितता की गई है।

तालाब से 500 किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलना था। लेकिन तालाब लीकेज है जिससे किसानों को पानी उपलब्ध नहीं हो सकेगा। अब जिम्मेदार एक दूसरे पर जवाबदारी थोप रहे है। तालाब का काम मजदूरों से कराया जाना था। जिससे मजदूरों को रोजगार और किसानों को पानी मिल सके। लेकिन मजदूरों को उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ।

स्थानीय रहवासी हिम्मतसिंह, भुरूसिंह, केसर सिंह, राजू आदि का कहना है कि तालाब में जेसीबी से भी काम किया गया है। लीकेज होने के कारण तालाब में पानी टीक नहीं रहा है। गर्मी तक पूरा पानी इसमें से बह जाएगा और किसानों के लिए पानी नहीं बचेगा। तालाब भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया।

एक साल पहले आरईएस विभाग ने किया था तालाब का निर्माण

जिनकी जमीन गई उन्हें नहीं मिला मुआवजा

जिन्होंने तालाब बनाने जमीन दी है उनका कहना है कि ना तो इस तालाब से सिंचाई हो रही है ना हम इस जमीन पर खेती कर पा रहे है। ना ही इसका मुआवजा मिल पाया। हमारी जमीन से कुछ भी फायदा हमें नही मिला और आसपास के लोगों को भी नहीं मिला। हमने तालाब बनाने के लिए जमीन दी, दिन रात काम किया फिर भी हमारी जमीन कुछ काम की नहीं रही। जब मनरेगा के तहत कार्य स्वीकृत हुआ तो जेसीबी मशीन लगाकर काम क्यों किया गया।

मजदूर बाेले नहीं मिली मजदूरी

मजदूरों का कहना है कि हमने राणापुर जनपद पंचायत के मनरेगा कार्यालय पर शिकायत की तो कुछ भुगतान हुआ और अब तो यह हालात है कि ठेकेदार संजय परमार व इंजीनियर महेश कदम भी फोन नहीं उठाते है व जवाब भी नहीं देते है। ट्रेक्टर वालो का भुगतान बाकी है। किसी मजदूर को 45 दिन की मजदूरी में से 12 दिन की ही मिली। मनरेगा एपीओ विकास गुप्ता ने बताया कि यह कार्य आरईएस का है।

हमने पत्र भेज दिया है, आरईएस, एसडीओ से जानकारी मिलेगी। इस संबंध प्रभारी सहायक यंत्री महेश कदम ने कहा हमने भूतखेड़ी सरपंच से मजदूरों की सूची मांगी है। भूतखेड़ी सरपंच ने कहा जो तालाब हम 6 से 7 लाख रुपए बनाते आरईएस ने 25 लाख रुपए लगा दिए। रोजगार सहायक ने बताया कि मजदूरों को मजदूरी नहीं मिली है। एपीओ ने जियोटेक से मना किया है तालाब के काम में अनियमितता है।

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