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धाार्मिक कार्यक्रम:भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया

सादलपुर9 दिन पहले
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कृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंग की प्रस्तुति देते हुए कलाकार। - Dainik Bhaskar
कृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंग की प्रस्तुति देते हुए कलाकार।
  • आदर्श रामायण व सांस्कृतिक मंडल के कलाकाराें ने कृष्ण-रुक्मिणी विवाह की रंगारंग प्रस्तुति दी

संकटमोचन हनुमान मंदिर सादलपुर में भागवत कथा का आयाेजन चल रहा है। छठे दिन द्वारकाधीश भगवान एवं रुक्मिणी के विवाह की रंगारंग प्रस्तुति आदर्श रामायण एवं सांस्कृतिक मंडल सादलपुर के लोक कलाकाराें द्वारा दी गई। पं. पवन व्यास के सानिध्य में संगीतमय भागवत कथा की जा रही है।

कालाकार रामभरोसे वर्मा, सुभाष जाट, कृतिका व्यास ने द्वारकाधीश, अंशिका कैलवा ने रूक्मिणी, ललित ने बलराम, पुनीत ने रूक्मय्या एवं नित्या, चारू, दिशा, रानुने सखियों की भूमिका निभाते हुए रंगारंग प्रस्तुति दी। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।

कथावाचक पं व्यास ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए गोवर्धन पूजा का प्रसंग सुनाया। कहा कि जब श्री कृष्ण भगवान से पूछा गया कि आपने विराट पर्वत को कैसे उठा लिया तो कन्हैया ने कहा कि कुछ बल तो ब्रज के दूध, दही, माखन से, कुछ सखाओं की हिम्मत से तथा ब्रज के नागरिकों के आशीर्वाद से उठा लिया।

इन्द्र के अहंकार के मर्दन के लिए यह पुरुषार्थ जरूरी हो गया था। इस कथा से हमें यह सीख लेना चाहिए कि हमें कभी भी अहंकार नहीं करना चाहिए। वर्ना इंद्रदेव जैसे हाल होते हैं। संगीत अमित शर्मा, शंकरलाल सोनगरा, उमेश गिरी ने दिया। पतंजलि योग समिति के जिला अध्यक्ष रामभरोसे वर्मा ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया। आनंदीलाल पटेल ने आभार व्यक्त किया।

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