परेशानी / कोरोना के चलते गांव लौटे मजदूर, दो महीने से नहीं मिला काम, कर्ज लेकर चला रहे है परिवार

Workers returned to village due to Corona, did not get work for two months, families are running loans
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Workers returned to village due to Corona, did not get work for two months, families are running loans

  • भांडाखेड़ा में निस्तार तालाब का काम पंचायत ने कराया, कई ग्रामीणों को नहीं मिल पाया काम

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 07:25 AM IST

राणापुर. स्थानीय जनपद की पंचायतों में चल रहे मनरेगा के काम नाकाफी सिद्ध हो रहे हैं। बाहर से आए प्रवासी मजदूरों को पिछले दो महीने से कोई काम नहीं मिला है। लाॅकडाउन के कारण उनका रोजगार चले जाने से उन्हें अपने घर वापस लौटना पड़ा। यहां कोई काम नहीं मिला तो आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो चली है। आपस में कर्जा लेकर वे आवश्यक वस्तुओं को जुटाकर जीवन निर्वाह कर रहे हैं।

ग्राम पंचायत भांडाखेड़ा में निस्तार तालाब का काम पंचायत ने करवाया। ग्रामीणों को काम भी मिला पर अधिकतर लोग इससे वंचित रहे। ग्राम के आकाश मंडोड़ ने बताया वो गुजरात के राजकोट में एक कंपनी में मजदूरी करता था। उसके परिवार के 6 लोग यहां काम करते थे। वहां ऑरेंज जोन घोषित हो गया तो फैक्टरी बंद हो गई। एक महीने पहले रिश्तेदार से किराए के पैसे उधार लेकर घर लौटे। तब से ही बेरोजगार बैठे हैं, मामा से उधार रुपए लेकर आवश्यक वस्तुओं की खरीदी की। इसी पंचायत के ग्राम नाहरपुरा के तड़वी फलिया निवासी दीवान मंडोड मोरबी में टाइल्स फैक्टरी में काम करते थे। परिवार के 10 सदस्य 3000 रुपए रोज की मजदूरी पाते थे। 2 महीने पहले घर आ गए थे। अभी तक कोई काम नहीं मिला। इधर-उधर से पैसा लेकर काम चला रहे हैं। भांडाखेड़ा के सरपंच फलिया निवासी सोहन मंडोड़ बताते हैं कि वे कच्छ में मिस्त्री का काम करते थे। 500 रुपए रोज मिलते थे। 7 सदस्यों को वहां मजदूरी मिलती थी, यहां तालाब काम चला तो परिवार 2-3 सदस्यों को ही काम मिल पाया। 

लापरवाही: फाइल घुमा दी, 3 घंटे बिठाए रखा
भांडाखेड़ा के सरपंच मकनसिंह मंडोड़ ने बताया गांव में 700 से ज्यादा लोग वापस लौटकर आए हैं। गांव में करीब 1800 लोग पहले से थे। काम की सख्त जरूरत है। सुदूर सड़क के 2 काम स्वीकृत करवाने जिला पंचायत में गुरुवार को गया था। मंडोड़ ने बताया बाबू ने उसकी दी हुई फाइल खो दी। फाइल ढूंढने के चक्कर में उसको 3 घंटे बिठाए रखा। शाम 6 बजे तक फाइल नहीं मिली तो वह वापस अपने गांव लौट आया। उधर, ग्राम पंचायत ढोलियावाड़ के सरपंच रकसिंह भाभोर ने बताया सुदूर सड़क के काम स्वीकृत जिला पंचायत से किए जाते हैं। वहां से स्वीकृति देने में बहुत आनाकानी की जाती है। उसका कहना है कि एक ओर मुख्यमंत्री लोगों को रोजगार देने की बात कह रहे किंतु जिम्मेदार अधिकारी काम की स्वीकृति देने में सरपंच-सचिवों को जिला मुख्यालय तक दौड़ा रहे।

मजदूरों के लिए 3053 कार्य खोलने का दावा
जनपद राणापुर क्षेत्र अंतर्गत लगभग 7500 प्रवासी मजदूर वापस अपने घरों को लौट कर आए हैं। इन्हें अपने ग्राम में ही मजदूरी मिल सके इसके लिए जनपद पंचायत राणापुर द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जिसमें सफलता भी मिल रही है। मजदूरों के लिए कुल 3053 कार्य खोल रखे हैं। इनमें से आज 568 कामों पर 5199 मजदूर कार्यरत हैं। जनपद में कुल 27 हजार 751 जॉब कार्ड है। इनमें से 16 हजार 709 एक्टिव है।

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