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  • The Tradition Of Bhajiya Festival Is Going On In Chapada For 7 Years, This Time Six Quintals Of Bhajiya Will Be Made, People Will Enjoy After Ravana Combustion

आयाेजन का 8वां वर्ष:चापड़ा में 7 साल से चली आ रही है भजिया उत्सव की परंपरा, इस बार छह क्विंटल के भजिए बनेंगे, रावण दहन के बाद लाेग उठाएंगे लुत्फ

चापड़ाएक महीने पहलेलेखक: नाथूसिंह सैंधव
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  • लाेगाें ने 195 किलाे बेसन, 200 किलाे प्याज, 80 किलाे गिलकी, 25 किलाे आलू, 6 डिब्बे तेल आदि सामग्री दी

दशहरे पर जहां देशभर में रावण दहन के साथ ही दशहरा मिलन हाेता है, वहीं चापड़ा में सात वर्षाें से एक अनूठी परंपरा चली आ रही है। प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी नवदुर्गा उत्सव समिति के तत्वावधान में चापड़ा चाैराहे पर स्थित अंबे माता मंदिर परिसर में 15 अक्टूबर शुक्रवार काे दशहरे के दिन भजिया उत्सव मनाया जाएगा।

यहां पूरे गांव के लाेग इकट्ठा हाेकर एक-दूसरे काे पर्व की शुभकामनाएं देकर भजिए का लुत्फ उठाते हैं। उत्सव का यह आठवां वर्ष है। यह परंपरा 2014 से चली अा रही है। इस वर्ष भी करीब 6 क्विंटल के भजिए बनाए जाएंगे।

समिति के अध्यक्ष रामेश्वर पाटीदार एवं सचिव शंकरसिंह सैंधव ने बताया कि दशहरे के दिन रावण दहन के बाद अंबे माता मंदिर प्रांगण में पूरे गांव का दशहरा मिलन समारोह एक ही जगह होता है। इस दाैरान बालिकाएं गरबे की प्रस्तुति भी देती हैं। भजिया उत्सव देर रात तक चलता है।

युवाओं के साथ साथ गांव की महिलाएं भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती हैं। साथ ही आसपास के करीब पांच से अधिक गांवों के लोग भी भजिए खाने आते हैं। उत्सव के लिए ग्रामीण स्वेच्छा से सामग्री दान करते हैं। दान देने में सबसे आगे महिलाएं रहती हैं, जो बेसन, गिलकी, अजवाइन आदि सामग्री देती हैं।

पिछले वर्ष करीब साढ़े 3 क्विंटल के भजिए बनाए थे : इस वर्ष करीब 195 किलाे बेसन, करीब 200 किलाे प्याज, 80 किलाे गिलकी, 25 किलाे आलू, 6 डिब्बे तेल, मिर्च, मसाला, पालक आदि सामग्री सहित करीब 6 क्विंटल के भजिए बनाए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष कोरोना काल में भी करीब साढ़े तीन क्विंटल के भजिए बनाए थे।

शुभकामनाएं देने पहले घर-घर जाते थे

उत्सव मनाने के पीछे मुख्य कारण यह है कि पहले लाेगाें काे रावण दहन के बाद बड़ाें से आशीर्वाद लेने के लिए घर-घर जाना पड़ता था। लेकिन अब पूरे गांव के लाेग एक जगह इकट्ठा हाे जाते हैं और यहीं एक-दूसरे काे पर्व की शुभकामनाएं देते हैं। साथ ही भजिए का भी लुत्फ उठाते हैं।

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