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पर्युषण पर्व:पर्व के समापन पर नगर में भगवान की रथयात्रा और 25 तपस्वियाें का वरघोड़ा निकाला

हाटपिपल्या11 दिन पहले
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हाटपिपल्या में पर्युषण के समापन पर तपस्वियाें का वरघाेड़ा निकालते हुए। - Dainik Bhaskar
हाटपिपल्या में पर्युषण के समापन पर तपस्वियाें का वरघाेड़ा निकालते हुए।

नगर के चंद्रप्रभु श्वेतांबर जैन मंदिर में अमित गुणाश्रीजी की शिष्या साध्वी अर्पित गुणाश्रीजी महाराज आदि ठाना तीन का चातुर्मास एवं तपस्या धर्म आराधना के साथ चल रहा है। पर्युषण महापर्व के समापन पर भगवान की रथयात्रा एवं सभी 25 तपस्वियों का वरघोड़ा नगर के प्रमुख मार्गों से निकाला।

इसमें सभी समाजजनों ने अपने घर पर अक्षत गवली कर प्रभु को बधाया। प्रभु के जयकारे के साथ सभी युवा नृत्य करते हुए चल रहे थे। रथयात्रा समापन अतिथि भवन में हुआ, जहां धर्म सभा में साध्वी जी ने अपने प्रवचन में क्षमापना और तपस्या के महत्व को समझाया।

श्रीसंघ की ओर से तपस्वियाें का बहुमान करने का सौभाग्य सिसोदिया परिवार ने लिया। इसके बाद वर्धमान स्थानकवासी श्रीसंघ, अलर्ट ग्रुप चापड़ा, हाटपिपल्या एवं सभी समाजजनों एवं बाहर से पधारे हुए अतिथियों ने तपस्वियाें का बहुमान किया।

इसके बाद सभी समाजजनों ने एक-दूसरे से सामूहिक क्षमापना की। विगत वर्ष में हुई सभी भूलों के लिए मिच्छामी दुक्कड़म कहा। धर्म सभा को स्थानकवासी श्रीसंघ के प्रमुख जीसी कांठेड़ व श्वेतांबर जैन मूर्तिपूजक श्रीसंघ के अध्यक्ष विनोद सिसोदिया ने संबोधित किया। इसमें दोनों ने तपस्वियों की अनुमोदना की। सभी सभा से क्षमा याचना की। संचालन अर्पित नाहर ने किया। उपाश्रय भवन में सभी तपस्वियाें का पारणा कराया गया।

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