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रियलिटी चेक:असुरक्षित सफर करने वालों में से वायरस की गिरफ्त में आए 50% लोग, इसलिए खतरनाक स्तर तक पहुँच गई संक्रमण की रफ्तार

जबलपुर6 महीने पहले
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प्रशासन को नहीं दी सूचना { जो चुनाव से लौटे दमोह, बंगाल गए, कुंभ स्नान करने गए और बाहर से आये उनको कायदे से प्रशासन को अपनी जानकारी देना चाहिए, पर िकसी ने संजीदगी से अपना यात्रा विवरण नहीं दिया। यहां तक कि बाहर से आकर होम आइसोलेशन के नियम का पालन करना था उसको भी दरकिनार कर दिया। - Dainik Bhaskar
प्रशासन को नहीं दी सूचना { जो चुनाव से लौटे दमोह, बंगाल गए, कुंभ स्नान करने गए और बाहर से आये उनको कायदे से प्रशासन को अपनी जानकारी देना चाहिए, पर िकसी ने संजीदगी से अपना यात्रा विवरण नहीं दिया। यहां तक कि बाहर से आकर होम आइसोलेशन के नियम का पालन करना था उसको भी दरकिनार कर दिया।
  • कोई सगाई, कोई लग्न तो कोई लौटा चुनाव से, कुंभ स्नान समेत कई तरह की असावधानी पूर्ण यात्रा पड़ गई पूरे शहर को भारी
  • कई लोग अब होम आइसोलेशन में भी बरत रहे घोर लापरवाही

इसी माह 8 से लेकर 11 अप्रैल के बीच कोरोना के अचानक 1100 पॉजिटिव मामले सामने आए जिससे शहर में संक्रमण की दर खतरनाक रूप से बढ़ गई। एक बार यह सिलसिला आरंभ हुआ तो अब तक थमने या कम होने का नाम नहीं ले रहा है। एक्सपर्ट का मानना है कि इस तरह के हालात इसलिए बने क्योंकि कई लोगों ने दूसरे शहरों तक असुरक्षित सफर किया। गैर जिम्मेदाराना तरीके से यात्रा पर गए। वहां मास्क, डिस्टेंसिंग या सेनिटाइजेशन जैसे नियमों का पालन नहीं किया और ज्यादा संक्रमित दूसरे शहरों से संक्रमण लेकर यहाँ आ गए।

ट्रेवल हिस्ट्री से पता चला कि यात्रा टालने की अपील के बाद भी कोई लग्न उत्सव में गया, कोई सगाई में तो कोई चुनाव में वोट बटाेरने गया, यहाँ तक कि कुंभ जैसी यात्रा से लौटे तो क्वारंटीन नहीं हुए और अन्य लोगों को तक संक्रमण की चपेट में ला दिया।

कमांड सेंटर तक जो जानकारी आ रही है उसके अनुसार अभी जो 6 हजार से अधिक एक्टिव केस हैं, इनमें से तकरीबन आधे लोग लापरवाही पूर्वक, असुरक्षित सफर या इनके संपर्क में आने से इस जानलेवा नए स्ट्रेन का शिकार हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना के इस पीक दौर में लम्बी दूरी की असुरक्षित यात्रा घातक साबित हो सकती है।

खुद बीमार, खोल ली दुकान

गुलौआ चौक गढ़ा में एक किराना व्यवसायी सागर से एक लग्न समारोह में शामिल होकर लौटे। इस कार्यक्रम के बाद कोरोना की चपेट में आ गए और बाद में दुकान भी खोले रखी। कई लोगों ने मना िकया, लेकिन वे नहीं माने। अब हालात यहाँ तक हुए कि लापरवाही पूर्वक यात्रा की और फिर अपना संक्रमण बेरहमी से दूसराें को भी बाँट दिया।

चुनाव में गए वायरस ने जकड़ा

दीनदयाल चौक निवासी एक पार्टी से जुड़े कार्यकर्ता डिस्टेंसिंग काे दरकिनार कर पड़ोसी जिले में प्रचार के लिए गए। लौटे तो बुखार ने जकड़ा, हालत ऐसी हुई कि पहले उन्हें और फिर उनके पूरे परिवार को वायरस ने गिरफ्त में ले लिया। लापरवाही पूर्व असुरक्षित यात्रा उन्होंने खुद ने की और शहर में खुद के साथ अनेकों को बीमार बना दिया। अभी इन्हीं के परिवार के 3 सदस्य बीमार हैं।

धार्मिक यात्रा से बढ़ी परेशानी

विजय नगर निवासी एक सेवा निवृत्त अधिकारी, परिजनों के मना करने के बाद भी धार्मिक यात्रा पर गए। लौटने के बाद वे कोरोना की गिरफ्त में आ गए। उनके लंग्स में इंफैक्शन पाया गया। उन्होंने वैक्सीन के दो डोज भी लगवाए थे। चिकित्सक ने बताया वैक्सीन के डोज के बाद एग्जरशन, डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने और लापरवाही की वजह से उनकी यह स्थिति बनी है।

कई जगह दहशत में पड़ाेसी

यह भी जानकारी आई कि कुछ लोग बाहर से आकर घर में संक्रमित हो गए और धीरे-धीरे पूरा परिवार कोविड की गिरफ्त में आ गया, लेकिन ऐसे लोग घर में रुकने की बजाय पूरे में घूमकर संक्रमण फैला रहे हैं। कई इलाकों से कमांड और कन्ट्रोल सेंटर तक शिकायतें आ रही हैं कि होम आइसोलेशन में हमारे जो पड़ोसी पाॅजिटिव हैं, वे खुले तौर पर टहलते हैं, मना करने पर आँखें तरेरते हैं जैसे कि उन्हें कुछ नहीं हुआ। पाॅजिटिव रिपोर्ट का जो नोटिस प्रशासन ने घर में चस्पा किया था, कई लोग उसको तक फाड़कर निश्चिंत घूम रहे हैं। इस तरह के लापरवाह लोगों की वजह से कई इलाकों में पड़ोसी तक दहशत में हैं।

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