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  • A 10 year old Man Was Killed For Stealing A Mobile Phone In Such A Way That His Ear Was Torn, Got A Thumb Impression In Plain Paper.

बेरहम पुलिस वालों पर नहीं हुई कार्रवाई:मोबाइल चोरी के आरोप में 10 साल के मासूम काे ऐसा मारा कि फट गया कान का पर्दा, शिकायत हुई तो करवा लिए कोरे कागज पर हस्ताक्षर

जबलपुर7 महीने पहले
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IG कार्यालय से  मायूस होकर लौटता पीड़ित परिवार। - Dainik Bhaskar
IG कार्यालय से मायूस होकर लौटता पीड़ित परिवार।
  • बेलखेड़ा थाने में पदस्थ चार पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए भटक रहा परिवार
  • IG कार्यालय में दिन भर मिलने का इंतजार करता रहा परिवार, नहीं मिले साहब

बेलखेड़ा कस्बे में मोबाइल चोरी के आरोप में 10 वर्षीय मासूम को चार पुलिस कर्मियों ने ऐसा मारा कि उसके कान के पर्द फट गए। पीड़ित परिवार ने SP के यहां शिकायत की। उम्मीद थी कि दाेषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई होगी पर हुआ इसका उलटा। पुलिस कर्मी पीड़ित मासूम और उसके पिता को लेकर SP कार्यालय पहुंचे। यहां सादे कागज पर अंगूठा लगवा लिया। विक्टोरिया ले गए, तो वहां बिना MLC कराए ही लौटा ले गए। पीड़ित परिवार IG से मिलने पहुंचा तो साहब राष्ट्रपति दौरे की मीटिंग में ऐसे व्यस्त हुए कि पीड़ित परिवार का दुखड़ा सुनने नहीं निकले।

जानकारी के अनुसार 22 फरवरी को दोपर में डायल-100 से चार पुलिसकर्मी ब्रजेश गौड़ के घर पहुंचे। उसके 10 वर्षीय बेटे भोला उर्फ लखन को पकड़ा और उसे मारने-पीटने लगे। बेरहम पुलिसकर्मियों ने उसे कई बार उठा कर पटका। थप्पड़ों से ऐसा पीटा कि उसके कान से खून निकलने लगा। बाद में चिकित्सक ने बताया कि उसके कान के पर्दे फट गए हैं।

पता चला कि एक पुलिसकर्मी का मोबाइल गायब हो गया था। ये मोबाइल भोला के पास से मिला। भोला के मुताबिक उक्त मोबाइल उसके दोस्त राहुल ने रखने के लिए दिया था। आरोपी पुलिसकर्मियों ने उसके चाचा भगवानदास गौड़ के साथ भी मारपीट की थी।
23 फरवरी काे जनसुनवाई में की थी शिकायत
पीड़ित परिवार मासूम भोला को लेकर 23 फरवरी को SP की जनसुनवाई में पहुंचा। मामला तूल पकड़ा तो आरोपी पुलिसकर्मी सक्रिय हुए। अगले ही दिन बेलखेड़ा थाने की पुलिस भोला और उसके पिता को लेकर शहर आई। यहां ASP कार्यालय में कोरे कागज पर हस्ताक्षर करा लिया। विक्टाेरिया ले गए। वहां बिना MLC के मासूम को लेकर उसके घर छोड़ आए। धमकी दी कि अब कहीं शिकायत की तो जेल भेज देंगे।
IG कार्यालय गए थे शिकायत करने, नहीं मिले साहब
पीड़ित परिवार आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मंगलवार को IG कार्यालय पहुंचा। वहां दोपहर से शाम तक पीड़ित परिवार इंतजार में बैठा रहा। बावजूद IG​​​​​​​ भगवत सिंह चौहान नहीं मिले। हवाला दिया गया कि राष्ट्रपति के दौरे को लेकर मीटिंग में वे व्यस्त है। निराश परिवार आखिर में लौट गया। समाजसेवी मुकेश विश्वकर्मा के मुताबिक पीड़ित परिवार इलाज के लिए दर-दर भटक रहा है। न तो इनका इलाज कराया गया और न ही दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई।

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