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कोरोना:हर दिन एक दर्जन कोरोना संदिग्धों की मौत, जो रिपोर्ट में पॉजिटिव नहीं पर कोविड लक्षण पूरे, उनका रिकॉर्ड नहीं

जबलपुरएक महीने पहले
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  • न जिला स्तर पर सच्चाई का पता, न अस्पतालों में आँकड़े का, केवल श्मशान में अंतिम संस्कार के समय कह दिया जाता है कोविड पॉजिटिव मानकर प्रोटोकॉल का पालन करें

कोरोना संकट काल में विक्टोरिया से लेकर मेडिकल अस्पताल तक अव्यवस्थाओं को लेकर लोगों में खासी नाराजगी है। अब सवाल ये भी उठ रहे हैं कि कोरोना से ज्यादा लोग मर रहे हैं और दर्ज हर दिन 2 या 3 ही हो रहे हैं। अस्पतालों में सीरियस मरीजों के सैम्पल लिये ही नहीं जाते हैं। सीधे मरीज कोविड-19 के लक्षणों के साथ आया और दम तोड़ दिया तो यह सामान्य मौत मानी जाती है। संदिग्ध मौत का कोई कॉलम कोविड-19 के फाइनल रिकॉर्ड में दर्ज ही नहीं किया जा रहा है। जैसे सब कुछ छिपाने के अंदाज में काम हो रहा है।

चौहानी में ही होने वाले अंतिम संस्कारों को देखा जाए तो हर दिन 10 से 12 कोविड-19 संदिग्धों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। साफ है कि कोरोना वायरस रिकॉर्ड में भले ही 2 या 3 लोगों की जान ले रहा है पर असल में सस्पेक्टेड को जोड़ा जाए तो आँकड़ा कहीं ज्यादा है। सोमवार को ही चौहानी शमशान में 11 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। इनमें से 2 पॉजिटिव थे, सस्पेक्टेड का रिकॉर्ड कहीं नहीं है। शेष मौतें पूरी तरह से सामान्य हैं। कई ऐसे जिनके सैम्पल लिये जाने के पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया, तो कहीं वो जो सीरियस थे जिनका सैम्पल ही नहीं लिया गया। अब शवों का सैम्पल लेने का नियम भी खत्म कर दिया गया है, जिससे मौत होगी भी तो यह सामान्य मौत में दर्ज होगी।

पहले के मुकाबले अब ज्यादा संदिग्ध

मोक्ष उत्थान समिति के आशीष ठाकुर कहते हैं कि सस्पेक्टेड मौतों में जोरदार इजाफा हुआ है। सोमवार को ही हमने 11 शवों का अंतिम संस्कार किया, जिनमें से 9 संदिग्ध मौतें कोविड-19 से हुई हैं। हो सकता है कि अगले दिन कुछ की रिपोर्ट निगेटिव आए और कुछ के सैम्पल ही फेल हो जाएँ। एक दो पॉजिटिव भी हो सकते हैं। सस्पेक्टेड का कोई विशेष रिकॉर्ड तैयार नहीं होता। मोक्ष हर शव को कोविड-19 पॉजिटिव मानकार ही अंतिम संस्कार करता है ताकि उनके परिजन या कोई व्यक्ति इस संक्रमण की गिरफ्त में न आ जाएँ। हम प्रशासन से उम्मीद करते हैं कि मोक्ष जो काम कर रहा है उसमें सहयोग करे।पी-2

प्रोटोकॉल का पालन

संदिग्ध मरीजों का रिकॉर्ड मेडिकल रखता होगा। प्रोटोकॉल व नियमों के तहत ही आँकड़े तैयार किये जा रहे हैं। मरने वाले का रिकॉर्ड तो रखा जाएगा।
-रत्नेश कुरारिया सीएमएचओ
वार्ड में जानकारी

सस्पेक्टेड मौत की जानकारी कोविड वार्ड में रहती है। किसी भी संदिग्ध की मौत के बाद रिपोर्ट निगेटिव आती है तो उसे सामान्य मौत माना जाएगा।
-डॉ. राजेश तिवारी, अधीक्षक मेडिकल

नियम अनुसार काम

सस्पेक्टेड की मौत हुई है तो शव को घर ले जाने नहीं दे सकते। निगेटिव या पॉजिटिव यह रपट पर निर्भर करता है। हमारे हिस्से का काम नियम से करते हैं।
-अनूप श्रीवास्तव तहसीलदार गोरखपुर

कोविड केयर सेंटर का निरीक्षण | कोविड मरीजों के लिए की गई तैयारियों का निरीक्षण करने सोमवार को डॉ. वंदना खरे ने ज्ञानोदय कोविड केयर सेंटर और जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने व्यवस्थाएँ सुधारने के निर्देश दिए। मंगलवार को वह फीवर क्लीनिकों का निरीक्षण व चिकित्सकों से वीसी के माध्यम से बात करेंगी।

निजी अस्पतालों में रिपोर्ट का नहीं, लक्षणों का इलाज

भले ही मरीज की कोविड-19 रिपोर्ट निगेटिव आई हो, लेकिन अगर लक्षण हैं तो उसका इलाज कोरोना मरीज मानकर ही किया जा रहा है, खासकर निजी अस्पतालों में। अभी तक मरीज को भर्ती करने के लिए कोविड-19 पॉजिटिव का सर्टिफिकेट मांगा जाता था, पर जैसे ही निगेटिव रिपोर्ट पर पॉजिटिव लक्षण वाले मरीजों की संख्या बढ़ी, वैसे ही इलाज का प्रोटोकॉल बदल दिया गया। एक हार्ट हास्पिटल में एक दिन में 20 प्रकरण आए, उनमें से 18 के सीटी चेस्ट कोरोना मरीजों जैसे थे, जिन्हें हार्ट की बजाए निमोनिया के कारण लंग्स में तकलीफ थी। इनमें से 11 के कोविड-19 टेस्ट पॉजिटिव आए पर सभी का इलाज कोरोना पॉजिटिव मानकर ही किया गया। कोविड के इलाज से जुड़े तीन चिकित्सकों ने स्पष्ट कहा कि अब लक्षण का इलाज कर रहे हैं न कि रिपोर्ट का और इसके परिणाम भी बेहतर मिल रहे हैं।

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