कांग्रेस नेत्री ने कलेक्टर कार्यालय पर ज्ञापन चस्पा किया:आरोप लगाया भाजपा के कलेक्टर है, उनकी ही भजते है, और उनके इशारों पर ही काम करते हैं

जबलपुरएक महीने पहले
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कलेक्टर कार्यालय के गेट पर ज्ञापन चस्पा करते हुए। - Dainik Bhaskar
कलेक्टर कार्यालय के गेट पर ज्ञापन चस्पा करते हुए।

कांग्रेस नेत्री और पूर्व मंत्री कौशाल्या गोंटिया रविवार 05 सितंबर को कलेक्टर से दोपहर में मिलने का समय मांगी थी। दरअसल गोसलपुर के भमकी गांव में खनिज के नाम पर वहां रह रहे आदवासियों को धमका कर गांव खाली कराए जा रहे हैं। कलेक्टर तय समय पर नहीं पहुंचे। कॉल किया तो व्यवस्तताओं का हवाला देकर आने से मना कर दिया। इस पर पूर्व मंत्री का सब्र टूट गया। उन्होंने कलेक्टर कार्यालय पर ज्ञापन चस्पा रकते हुए बोली कि ‘भाजपा के कलेक्टर है, उनकी ही भजते है, और उनके इशारों पर ही काम करते हैं।‘

पूर्व मंत्री कौशल्या गोंटिया ने कहा कि कलेक्टर के पास आदिवासियों की समस्याओं को सुनने के लिए समय नहीं है। जबकि आदिवासियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। खनिज के नाम पर गाेसलपुर के भमकी गांव को राजीव चड्‌ढा नाम का माफिया आदिवासियों से खाली कराने पर तुला है। स्थानीय पुलिस प्रशासन भी गांव वालों की नहीं सुन रहे हैं। उम्मीद थी कि कलेक्टर सुनेंगे, लेकिन वे तो बीजेपी एजेंट की तरह जिले में काम कर रहे हैं।

कलेक्टर कार्यालय के बाहर इंतजार करते हुए।
कलेक्टर कार्यालय के बाहर इंतजार करते हुए।

2.30 बजे कलेक्टर से मिलने का समय मांगा था

दरअसल रविवार को कार्यालय बंद रहता है। सीएम शिवराज सिंह भी आ रहे हैं। इसे देखते हुए कलेक्टर व्यस्त थे। पूर्व मंत्री कौशल्या गोटिया ने इसी व्यस्त भरे माहौल में मिलने का समय मांगा था। वह तो तय समय पर पहुंच गईं, लेकिन कलेक्टर नहीं पहुंचे। कुछ देर तक इंतजार करने के बाद उन्हें कॉल किया, लेकिन उन्होंने व्यवस्तताओं का हवाला देकर आने से मना कर दिया। ये बात पूर्व मंत्री को नागवार गुजरी और गुस्से में उन्होंने कलेक्टर को भाजपा का एजेंट बता दिया। यहां बता दें कि कौशल्या गोंटिया को दिग्विजय सिंह के कार्यकाल में मंत्री बनने का मौका मिला था। आज भी वह दिग्विजय सिंह की करीबियों में गिनी जाती हैं।

कलेक्टर के आने से इनकार करने पर मीडिया से बातचीत करते हुए।
कलेक्टर के आने से इनकार करने पर मीडिया से बातचीत करते हुए।

जनता की नहीं सुनते कलेक्टर

कांग्रेस नेत्री ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाते हुए बताया कि गोसलपुर गांधी ग्राम भमकी गांव में आदिवासी रहते थे लेकिन खनिज के नाम पर राजीव चड्डा नाम के व्यक्ति ने पूरा गांव खाली करा दिया। इस गांव में वर्षों से आदिवासी निवासरत थे, तो फिर उन्हें कैसे बेघर कर दिया गया। जबकि आदिवासियों की जमीन लेने का अधिकार किसी को नहीं है। पूर्व मंत्री कौशाल्य गोंटिया और उनके समर्थकों ने करीब एक घंटे तक कलेक्टर के आने का इंतजार किया। वे नहीं पहुंचे तो उनके कार्यालय के दरवाजे में ज्ञापन चस्पाकर अपना विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शन की बात पर बात में एक महिला अधिकारी को ज्ञापन लेने भेजा गया।
प्रदर्शन की बात पर बात में एक महिला अधिकारी को ज्ञापन लेने भेजा गया।
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