MP में वकीलों का प्रतिवाद दिवस रहा सफल:प्रदेश भर के वकील न्यायिक कार्य से रहे विरत, सिवनी अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष को कदाचरण का नोटिस जारी

जबलपुर2 महीने पहले
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जिला कोर्ट गेट नंबर एक से प्रवेश पर रोक लगाने को लेकर मामला तूल पकड़ा। - Dainik Bhaskar
जिला कोर्ट गेट नंबर एक से प्रवेश पर रोक लगाने को लेकर मामला तूल पकड़ा।

जबलपुर सहित एमपी के कई जिलों में पिछले 8 माह में लगातार अधिवक्ताओं के ऊपर हमले, मारपीट व अभद्रता की घटनाएं बढ़ी है। अधिवक्ताओं के साथ बढ़ती घटनाओं और न्यायाधीशों द्वारा न्यायालय में उनके प्रति की जाने वाली अशोभनीय टिप्पणी को लेकर आज 7 अक्टूबर को प्रदेश भर में अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे।

05 अक्टूबर को जबलपुर जिला कोर्ट में अधिवक्ताओं के साथ घटित घटना को लेकर स्टेट बार कौंसिल ऑफ मध्यप्रदेश की अपील पर पूरे प्रदेश में अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहकर प्रतिवाद दिवस मनाया।

स्टेट बार कौंसिल के सचिव प्रशांत दुबे ने बताया कि प्रतिवाद दिवस पूर्णत: सफल रहा। इस दौरान प्रदेश के हाईकोर्ट सहित जिला एवं तहसील न्यायालयों में अधिवक्तागण उपस्थित नहीं हुए। स्टेट बार कौंसिल के उपाध्यक्ष आर.के. सिंह सैनी ने कहा कि अधिवक्ताओं के सम्मान के प्रति खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सिवनी जिला अधिवक्ता संघ प्रतिवाद दिवस में नहीं हुए शामिल।
सिवनी जिला अधिवक्ता संघ प्रतिवाद दिवस में नहीं हुए शामिल।

सिवनी जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष को नोटिस

वहीं दूसरी ओर जिला अधिवक्ता संघ सिवनी के अध्यक्ष रवि कुमार गोल्हानी द्वारा बार कौंसिल द्वारा जारी अधिसूचना पर अमल नहीं करने पर अधिवक्ता अधिनियम 1961 की धारा 35 के तहत उन्हें कदाचरण का नोटिस जारी कर 7 दिवस के भीतर जवाब तलब किया गया है।

10 दिन में कार्रवाई नहीं, तो लंबा चल सकता है विरोध

स्टेट बार कौंसिल के अध्यक्ष डॉ. विजय कुमार चौधरी, कोषाध्यक्ष रश्मि ऋतु जैन, बीसीआई सदस्य प्रताप मेहता, कार्यकारिणी समिति अध्यक्ष मृगेन्द्र सिंह, को-चेयरमेन मनीष तिवारी, प्रेम सिंह भदौरिया, हितोषी जय हार्डिया, राजेश व्यास, अखंड प्रताप सिंह, शैलेन्द्र वर्मा, कार्यकारिणी समिति उपाध्यक्ष अहादुल्ला उस्मानी, प्रवक्ता राधेलाल गुप्ता, सदस्यद्वय रामेश्वर नीखरा, जय प्रकाश मिश्रा, नरेन्द्र कुमार जैन, मनीष दत्त, राजेश कुमार शुक्ला आदि ने कहा कि राज्य शासन, जिला व पुलिस और विधि प्रशासन-1 अगले 10 दिनों के अंदर कोई ठोस व निर्णायक कार्यवाही नहीं करता है, तो स्टेट बार कौंसिल प्रदेश के अधिवक्ताओं के हितार्थ कठोर निर्णय लेने बाध्य होगी।

जबलपुर जिला कोर्ट का गेट नंबर एक बंद करने के मामले ने पकड़ा तूल

जिला कोर्ट की ओर से बताया गया है कि गेट नंबर एक से प्रवेश पाने की वकीलों की जिद आधारहीन है। वर्तमान में अधिवक्ताओं के लिए गेट नंबर दो, तीन व चार खुला रखा गया है। पक्षकार सहित वकील वहां से आ जा सकते हैं। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने माननीय पोर्ट फोलियों न्यायमतूर्ति जिला न्यायालय जबलपुर से परामर्श करते हुए हाल ही में दिल्ली के रोहिणी कोर्ट, छिंदवाड़ा, भोपाल, सिहोरा व पाटन में पूर्व में हुई घटनाओं को दृष्टिगत गेट नंबर एक को वकीलों के लिए बंद किया गया है।

आरएफआईडी आईडी कार्ड बनने के बाद खोला जाएगा गेट

जिला कोर्ट में उच्च स्तरीय जांच प्रणाली के क्रियान्वयन की प्रक्रिया जारी है। वकीलों के लिए मप्र राज्य विधिक परिषद द्वारा सत्यापित आरएफआईडी कार्ड जारी किए जाने की व्यवस्था प्रक्रिया में है, इस कारण जब तक वो व्यवस्था लागू नहीं हाे जाती, वकीलों का प्रवेश उचित नहीं होगा। जबलपुर जिला कोर्ट की सुरक्षा को अन्य कोर्ट की तुलना में अधिक खतरा बताया गया है।

एमपी हाईकोर्ट में भी सुनवाई स्थगित रहेगी।
एमपी हाईकोर्ट में भी सुनवाई स्थगित रहेगी।

ये था मामला

जिला कोर्ट में गेट नंबर एक से प्रवेश रोके जाने पर 05 अक्टूबर को वकील धरने पर बैठ गए थे। उसी दौरान प्रधान जिला सत्र न्यायाधीश नवीन कुमार सक्सेना की कार पहुंची तो वकीलों ने रोक ली थी। मजबूरन उन्हें पैदल ही भीतर प्रवेश करना पड़ा था। नाराज जिला सत्र न्यायाधीश ने इसकी शिकायत एसपी-कलेक्टर से कर दी थी। इसके बाद पांच थानों का बल मौके पर पहुंचा और अधिवक्ताओं को गिरफ्तार कर लिया था। बड़ी संख्या में वकीलों ने मौके पर ही गिरफ्तारी दी थी। बाद में सभी को छोड़ दिया गया था।

चीफ जस्टिस का प्रयास भी रहा था बेनतीजा

यहां बता दें कि प्रतिवाद दिवस की गंभीरता को देखते हुए, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के माननीय चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक ने माननीय जस्टिस विजय कुमार शुक्ला, माननीय जस्टिस संजय द्विवेदी तथा माननीय जस्टिस विशाल धगट की 3 सदस्यीय विशेष समिति गठित की थी, जिसकी बैठक बेनतीजा रहने के उपरांत स्टेट बार कौंसिल ने गुरुवार को प्रतिवाद दिवस आयोजित किया जो कि पूर्णत: सफल रहा।

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