जबलपुर एक्सीडेंट की दर्दनाक कहानी:2 बेटियों की मां को बेटे की चाहत थी; पोस्टमॉर्टम में निकला मृत शिशु बेटा ही था

जबलपुरएक महीने पहलेलेखक: संतोष सिंह

जबलपुर में जननी एक्सप्रेस हादसे में दिल झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। गर्भवती महिला की पहले से ही दो बेटियां हैं। उसे और परिवार को इस बार बेटे की चाहत थी, लेकिन वह कोख में ही खामोश हो गया। हादसे की शिकार रेखा का गर्भस्थ शिशु दम तोड़ चुका था। वहीं रेखा कोमा में जा चुकी थी। शिशु का एक हाथ बाहर निकल आया था और पूरा शरीर अंदर था। इस दौरान रेखा की भी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम में निकला मृत शिशु बेटा ही था।

बता दें कि जबलपुर के पनागर एनएच-30 पर रूद्राक्ष ढाबा के सामने बुधवार रात करीब साढ़े 12 बजे रोड पर खराब ट्रक के पीछे से जननी एक्सप्रेस घुस गई थी। उसमें सवार गर्भवती महिला रेखा के भाई छोटू उर्फ सिपाही लाल, देवरानी पनिया उर्फ राजकली, ड्राइवर के दोस्त घन्नू यादव की मौके पर ही मौत हो गई। रेखा और उसके गर्भस्थ शिशु ने जबलपुर मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ दिया।

लाल शर्ट में सुखसेन पत्नी राजकली और भाभी रेखा की मौत की जानकारी देते हुए।
लाल शर्ट में सुखसेन पत्नी राजकली और भाभी रेखा की मौत की जानकारी देते हुए।

रेखा बाई की दो बेटियां अंजू (05) और अंजनी (03) पहले से थीं। बुधवार सुबह नौ बजे उसे लेबर पेन चालू हुआ था। पति राजकुमार, सास गीता बाई और देवरानी पनिया उर्फ राजकली उसे लेकर पहले बरही और फिर वहां से कटनी जिला अस्पताल पहुंचे थे। वहां रात 10.30 बजे के लगभग रेफर किया गया था। रास्ते में हादसा हो गया।

शरीर फंस गया था
रेखा का गर्भस्थ शिशु दम तोड़ चुका था। उसका एक हाथ बाहर निकल आया था और पूरा शरीर अंदर फंसा था। रेखा कोमा में जा चुकी थी। इंटरनल ब्लीडिंग रुक ही नहीं पा रही थी। शरीर में कई जगह फ्रैक्चर आ चुके थे। तमाम कोशिशों के बावजूद उसे नहीं बचाया जा सका। उसे मेडिकल कॉलेज में 27 अक्टूबर की देर रात 2.16 बजे लाया गया था। मेडिकल कॉलेज के उप अधीक्षक डॉक्टर अरविंद शर्मा के मुताबिक रेखा ने 28 अक्टूबर की सुबह 5.15 बजे दम तोड़ा। उसे जब लाया गया था तो कैजुअल्टी के डॉक्टरों की सूचना पर तुरंत न्यूरो सर्जन, आर्थोपेडिक, ईएनटी, गायनिक के विशेषज्ञों को बुलाया गया, लेकिन डॉक्टर उसे नहीं बचा सके।

मेडिकल में पीएम के लिए पहुंचे राजकली के पति सुखसेन कोल ने बताया कि समझ में नहीं आ रहा क्या करूं। भाई राजकुमार और मां मेडिकल में भर्ती हैं। यहां पत्नी और भाभी के शव पड़े हैं। रात दो बजे फोन आया तो लगा कि खुशखबरी है, लेकिन पनागर पुलिस ने हादसे के बारे में बताया तो दिल बैठ गया। राजकुमार का पैर फ्रैक्चर है। गीता बाई को सिर में गंभीर चोट आई है।

घन्नू यादव था इकलौता बेटा

कुठला कटनी निवासी घन्नू यादव मां-बाप का इकलौता बेटा था। उससे बड़ी तीन बहनें हैं। दो की शादी हो चुकी है। इकलौते बेटे की मौत की खबर पाकर मेडिकल पहुंचे पिता कमलेश यादव का रो-रोकर बुरा हाल है। घन्नू यादव जननी एक्सप्रेस के ड्राइवर विजय यादव का दोस्त था। रात में केस जबलपुर छोड़ने के चलते विजय ने उसे साथ ले लिया था। क्लीनर साइड में वह बैठा था। उसी साइड से जननी एक्सप्रेस टकराई थी।

इकलौते बेटे की मौत पर बदहवास पिता कमलेश यादव संभाले नहीं संभल रहे थे।
इकलौते बेटे की मौत पर बदहवास पिता कमलेश यादव संभाले नहीं संभल रहे थे।

बेटा-बेटी की लाश देख फफक पड़ा पिता

मेडिकल पहुंचे सिंरोज कटनी निवासी छोटू उर्फ सिपाही लाल के पिता धनीराम बेटे और बेटी रेखा का शव देख फफक पड़े। ऐसा गहरा सदमा पहुंचा कि मुंह से बोल तक नहीं निकल पा रहे थे। रोते हुए बोले कि पांच बेटों और दो बेटियों में रेखा और सिपाही लाल ही सबसे समझदार थे। सिपाही स्थानीय फैक्ट्री में काम करके घर चला रहा था। मुझे नहीं पता था कि बहन की डिलीवरी कराने निकला मेरा बेटा और बेटी अब नहीं लौटेंगे।

माथे पर हाथ रखे धनीराम रोते हुए। हादसे ने बेटी रेखा और बेटे सिपाही लाल को छीन लिया।
माथे पर हाथ रखे धनीराम रोते हुए। हादसे ने बेटी रेखा और बेटे सिपाही लाल को छीन लिया।

पूरा घटनाक्रम पढ़िए...एक्सीडेंट में गर्भस्थ शिशु समेत 5 की मौत: जबलपुर में डिलीवरी के लिए जा रही जननी एक्सप्रेस हाईवे किनारे खड़े ट्रक में घुसी

पनागर में रूद्राक्ष ढाबा के सामने खड़े ट्रक से टकरा गई थी जननी एक्सप्रेस।
पनागर में रूद्राक्ष ढाबा के सामने खड़े ट्रक से टकरा गई थी जननी एक्सप्रेस।