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MP में छात्रा की डेथ मिस्ट्री-3:मौत से पहले 14 साल की अंजिशा पढ़ रही थी 'कौन रोएगा आपकी मृत्यु पर' नाम की किताब; जबलपुर में 5वीं मंजिल से गिरने से हुई थी मौत

जबलपुर4 महीने पहलेलेखक: संतोष सिंह
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दंपती की जिदंगी में अब लाडो की यादें ही रह गईं। - Dainik Bhaskar
दंपती की जिदंगी में अब लाडो की यादें ही रह गईं।

जबलपुर में पांचवीं मंजिल से गिरी अंजिशा की मौत सभी को चौंका रखा है। अंजिशा की मौत और इसके बाद गहराते रहस्य ने सभी को परेशान कर रखा है। सुसाइड, हादसा या हत्या के बीच सभी उलझे हुए हैं। इस बीच अंजिशा के कमरे में मिले 'हू विल क्राई, ह्वेन यू डाई' नाम की किताब ने और मामला पेचीदा बना दिया है। इस किताब का हिंदी शीर्षक है 'कौन रोएगा आपकी मृत्यु पर?'। किताब के लेखक रॉबिन शर्मा हैं।

अंग्रेजी वाली किताब अंजिशा के कमरे में खुली मिली थी। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि मौत से पहले वह इस किताब को पढ़ रही थी। 14 साल की उम्र में इस तरह के गंभीर पुस्तक का अध्ययन के पुलिस मायने तलाश रही है। पुलिस इस किताब को जब्त कर ले गई है। इधर, अंजिशा की मौत ने मां ज्योता और पिता आनिध्या को तोड़ कर रख दिया है। ज्योता बदहवासी की हालत में पहुंच गई है। सदमे के चलते वह कई बार बेहोश हुई। चार घंटे तक चले पोस्टमार्टम में भी डॉक्टर उसकी मौत का रहस्य नहीं सुलझा सके।

यही उलझन दंपती को परेशान कर रही है कि आखिरी समय में उनके कलेजे के टुकड़े के साथ क्या हुआ होगा? पीएम के बाद शव आया तो मां उसके शरीर से लिपट कर दहाड़े मारने लगी। अपनी लाडो को आखिरी विदाई देने शमशान घाट तक भी गई।

अंजिशा की मौत के बाद ये किताब उसके टेबल पर खुली हालत में मिली थी।
अंजिशा की मौत के बाद ये किताब उसके टेबल पर खुली हालत में मिली थी।

ग्वारीघाट में हुआ अंतिम संस्कार
अंजिशा का पीएम दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक तीन बार हुआ। फिर भी डॉक्टर मौत के कारण को लेकर किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाए। परिजनों को अंजिशा की लाश शाम चार बजे के लगभग मिल पाई। दर्द को सीने में समेटे पिता आनिध्या चक्रवर्ती लाडली का शव लेकर रेसीडेंसी पहुंचे तो माहौल गमगीन हो गया।

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मां ज्योता बिटिया के शव से लिपट कर रोने लगी। स्कूल की सहकर्मी और रेसीडेंसी में रहने वाली महिलाओं को भी उसे संभालना भारी पड़ रहा था। उनके दर्द भरे आंसुओं को देख लोगों का कलेजा बैठा जा रहा था।

लाडली अंजिशा की यादों के सहारे ही जीना होगा जिंदगी।
लाडली अंजिशा की यादों के सहारे ही जीना होगा जिंदगी।

पति के साथ मिलकर बिटिया को दी मुखाग्नि
बड़ी मुश्किल से बिटिया के अंतिम संस्कार के लिए दंपती निकला। ज्योता भी अपनी लाडो को आखिरी विदाई देने ग्वारीघाट स्थित शमशान घाट गई। पति के साथ बिटिया को मुखाग्नि दी। ज्योता राेते हुए खुद को कोसती रही कि पहली बार उससे गलती हुई थी कि उसने फ्लैट को बाहर से ताला नहीं लगाया था। उसे नहीं पता था कि उसकी एक छोटी सी भूल ताउम्र का जख्म दे जाएगा।

एक साल पहले अंजिशा ने गेम भी डेवलेप किया था।
एक साल पहले अंजिशा ने गेम भी डेवलेप किया था।

गेम डेवलेपर थी अंजिशा
शहर के शारदा चौक गढ़ा स्थित यश रेसीडेंसी में रहने वाली अंजिशा पढाई में होशियार होने के साथ-साथ कंप्यूटर में भी दक्ष थी। उसने 2020 में एक गेम डेवलेप किया था। इसका उसे प्रमाणपत्र भी मिला था। माउंट लिटेरा में पढ़ने वाली अंजिशा अपने हर क्लास में फर्स्ट आती थी। उसकी मौत से स्कूल के टीचर से लेकर साथ पढ़ने वाले बच्चे भी स्तब्ध हैं।

ये है पूरा मामला
मूलत: कोलकाता (पश्चिम बंगाल) के रहने वाले आनिध्या चक्रवर्ती सिविल कंट्रेक्टर हैं और ग़ढ़ा शारदा चौक यश अपार्टमेंट में सेकेंड फ्लोर पर बी-6 फ्लैट में रह रहे हैं। मौजूदा समय में वे भोपाल स्मार्ट सिटी में केबलिंग का काम ठेके पर लिए हैं। पत्नी ज्योता जबलपुर स्थित नामी माउंट लिटेरा स्कूल में पढ़ाती हैं।

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9 जुलाई की दोपहर 12 बजे के लगभग 8वीं में पढ़ने वाली उनकी इकलौती बिटियां अंजिशा (14) रेसीडेंसी के ग्राउंड प्लस चौथी मंजिल की छत से गिर गई थी। घटना में उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। हादसे के समय अंजिश फ्लैट में अकेली थी। मां स्कूल तो पिता भोपाल में थे।

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