ऊर्जा विभाग:कोविड सेंटर बनाने की घोषणा लेकिन स्टाफ नहीं

जबलपुर6 महीने पहले
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ऊर्जा विभाग द्वारा पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के रामपुर स्थित चिकित्सालय को प्रशासन के अधीन करने के निर्देश के साथ ही यहाँ कोविड संक्रमित मरीजों के इलाज कराने के निर्देश दिए गए हैं, साथ ही यहाँ कोविड मरीजों का इलाज हो सके इसके लिए आवश्यक उपकरण तक लगाने कहा गया है।

इतना ही नहीं पिछले दिनों बिजली कंपनी ने जरूरी उपकरणों की खरीदी करने 11 लाख 68 हजार रुपए भी आवंटित किए हैं, ताकि बिजली कर्मचारियों को यहाँ-वहाँ भटकना न पड़े और प्राथमिकता के आधार पर यहाँ इलाज हो सके, इन सब के बावजूद रामपुर स्थित अस्पताल को सर्वसुविधायुक्त नहीं बनाया जा रहा है। यहाँ केवल ओपीडी खोलकर मलहम-पट्टी की जा रही है।

विरोध के चलते खोला गया ताला - बताया जाता है कि ऊर्जा विभाग द्वारा इस अस्पताल को प्रशासन के अधीन किए जाने के बाद प्रशासन द्वारा यहाँ सुविधा मुहैया कराई जाने की बजाय यहाँ के स्टाफ को अन्यत्र भेजकर अस्पताल में ताला लगा दिया गया था। कर्मचारी संगठनों के विरोध के चलते दो दिनों बाद ताला तो खोल दिया गया, मगर अभी तक यहाँ का स्टाफ वापस नहीं आया है।

कर्मचारी संगठन के एसके पचौरी, अशोक जैन, सुनील कुरेले का कहना है कि बड़ी संख्या में विद्युत कर्मी कोरोना संक्रमित हो रहे हैं ऐसे में उन्हें अपने ही अस्पताल में इलाज नहीं मिल पा रहा है, जबकि बिजली कंपनी ने साढ़े 11 लाख रुपए अस्पताल के उपकरण खरीदी के लिए स्वीकृत किए हैं।

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