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नकली रेमडेसिविर मामले में एक और आरोपी बना:जबलपुर की SIT ने रेमडेसिविर इंजेक्शन का रैपर बनाने वाले वापी के नागूजी को बनाया 11वां आरोपी, प्रोडक्शन वारंट पर आएगा जबलपुर

जबलपुर3 महीने पहले
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सिटी अस्पताल में 465 नकली इंजेक्शन लगाए खपाए गए थे। - Dainik Bhaskar
सिटी अस्पताल में 465 नकली इंजेक्शन लगाए खपाए गए थे।

गुजरात की फैक्ट्री में तैयार होकर जबलपुर तक पहुंचे 500 नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन मामले में 11वां आरोपी बनाया गया। यह गुजरात के मोरबी जेल में बंद है। आरोपी ने इंजेक्शन के लिए सबसे अहम पार्ट रैपर बनाने में भूमिका निभाई थी। आराेपी 75 हजार रैपर 1.80 लाख रुपए लेकर बनाए थे। अब उसे जबलपुर प्रोडक्शन वारंट पर लाने की तैयारी में SIT जुट गई है। यहां बताते चले कि 465 इंजेक्शन सिटी अस्पताल में मंगाए थे और 35 इंजेक्शन बिचौलिए की भूमिका निभाने वाले सपन जैन ने खुद रख लिए थे।

गुजरात की माेरबी पुलिस ने महाराष्ट्र बार्डर से सटे दक्षिणी गुजरात के इंडस्ट्रियल एरिया वापी से बीते दिनों नागूजी उर्फ नागेश को गिरफ्तार किया था। आरोपी काफी शातिर है। उसने रेमडेसिविर इंजेक्शन का रैपर देखकर हूबहू उसी तरह का डिजाइन तैयार कर लिया था। उसने रैपर पर अंकित अंग्रेजी के शब्दों को लिखकर उसी साइज में फोटोशॉप करके इसे बनाया था। इस रैपर की वजह से कोई इस नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन को देखकर धोखा खा जाता था।

गुजरात पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी।
गुजरात पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी।

जबलपुर का 11वां आरोपी बना नागूजी
एसआईटी सूत्रों के मुताबिक नागूजी उर्फ नागेश जबलपुर के ओमती में दर्ज FIR में 11वां आरोपी बनाया गया है। सोमवार 5 जुलाई को उसका नाम अपराध में बढ़ाया गया। इससे पहले यहां एसआईटी सिटी अस्पताल के संचालक सरबजीत मोखा, उसकी पत्नी जसमीत कौर, मैनेजर सोनिया खत्री, दवाकर्मी देवेश चौरसिया, बेटा हरकण सिंह मोखा, भगवर्ती फार्मा का संचालक जबलपुर निवासी सपन जैन, उसका मित्र इंदौर में एमआर राकेश मिश्रा, फार्मा फैक्ट्री से इंजेक्शन खरीदी के सौदे में बिचौलिया रीवा निवासी सुनील मिश्रा और फार्मा कंपनी के डायरेक्टर पुनीत शाह और कौशल वोरा को आरोपी बना चुकी है।

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जबलपुर लाने प्रोडक्शन वारंट जारी
जबलपुर के प्रकरण में 11वां आरोपी बने नागूजी को जबलपुर लाने के लिए कोर्ट से प्रोडक्शन वारंट जारी कराया जा चुका है। जल्द ही एक टीम उसे लेने गुजरात की मोरबी जिले को जाएगी। सूत्रों की मानें तो जबलपुर के प्रकरण की विवेचना लगभग एसआईटी पूरी कर चुकी है। नागूजी इस प्रकरण में आखिरी आरोपी है। अब इंजेक्शन बनने से लेकर उसे मरीजों को लगाने और नष्ट करने तक की गुत्थी एसआईटी सुलझा चुकी है। सब कुछ ठीक रहा तो इसी महीने एसआईटी अपना चालान भी कोर्ट में पेश कर देगी।

जबलपुर पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी।
जबलपुर पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी।

ये है मामला
एक मई को गुजरात में नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन का भंडाफोड़ हुआ था। 6 मई की देर रात गुजरात पुलिस ने जबलपुर से सपन जैन को उठाया। सपन के खुलासे पर ओमती पुलिस ने 9 मई को सिटी अस्पताल के संचालक सरबजीत मोखा व देवेश के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। जांच आगे बढ़ी तो 9 और आरोपी बनाए गए। जांच में पता चला कि जबलपुर में कुल 500 इंजेक्शन आए थे।

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465 सिटी अस्पताल में 23 व 27 अप्रैल को अम्बे ट्रांसपोर्ट के माध्यम से तो 35 इंजेक्शन सपन जैन ने रख लिए थे। सिटी अस्पताल में 171 मरीजों को कुल 209 इंजेक्शन लगाए गए थे। इसमें 9 लोगों की मौत हुई है। चार नकली इंजेक्शन साबूत जब्त हुए हैं तो 196 के लगभग टूटी शीशियां जब्त हुई हैं। भर्ती मरीजों के बयान और बिल भी एसआईटी जब्त कर चुकी है।

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