फ्लाई ओवर विस्तारीकरण को मंजूरी:जबलपुर में 900 मीटर दमोहनाका की ओर बढ़नी है लंबाई, 78 करोड़ है स्वीकृत

जबलपुर9 दिन पहले

जबलपुर शहर में बन रहे मदन महल से दमोहनाका के बीच बन रहे फ्लाईओवर के विस्तारीकण को सरकार से मंजूरी मिल गई है। फ्लाईओवर को गोपाल बाग से दमोहनाका तक लगभग 900 मीटर का विस्तार दिया गया है। लगभग 78 करोड़ की लागत से ये निर्माण होना है। हालांकि मौजूदा कंपनी ने इसका काम करने से ये कहते हुए मना कर दिया है कि तय लागत से अधिक खर्च आएगा। अब लोक निर्माण विभाग नए सिरे से इसका टेंडर बुलाने की प्रक्रिया में जुटा है।

पहले मदन महल से गोपालबाग तक फ्लाईओवर निर्माण का ठेका हुआ था। बाद में केंद्र सरकार की तरफ से अतिरिक्त लंबाई बढ़ाने की मंजूरी दी गई। करीब 78 करोड़ रुपये इसके लिए स्वीकृत हुए। फ्लाईओवर निर्माण करने वाले एजेंसी एनसीसी को ही यह कार्य देने की पेशकश की गई, लेकिन कंपनी ने कदम पीछे खींच लिए। मजबूरी में लोक निर्माण विभाग की तरफ से नई निविदा जारी करने के लिए शासन के पास प्रस्ताव मंजूरी के लिए भेजा गया। अब इसकी मंजूरी मिली है।

ये प्रस्तावित मॉडल है।
ये प्रस्तावित मॉडल है।

900 मीटर बढ़ाई जाएगी लंबाई

लगभग 900 मीटर के अतिरिक्त हिस्सा निर्माण होना है। इसमें दमोहनाका चौक पर रोटरी के अलावा 200 मीटर आधारताल की ओर और 200 मीटर लंबाई दमोह रोड़ की तरफ फ्लाई ओवर की ओर बढ़ाई जानी है। नया टेंडर नहीं होने के कारण गोपाल बाग तक ही पियर निर्माण हुआ है। आगे का काम नई निविदा तक के लिए रोका गया है।

200 कब्जे हटाने पड़ेंगे

फ्लाई ओवर निर्माण से पहले दमोहनाका के आसपास करीब भू अर्जन की प्रक्रिया होनी है। इसके लिए करीब 200 निर्माण हटाने पड़ेंगे। इस पर लगभग 40 करोड़ रुपये का मुआवजा तय किया गया है। इसके अलावा बिजली लाइन और अंडरग्राउंड पाइपलाइन व सीवेज लाइन को भी शिफ्ट करना पड़ेगा।

तेजी से चल रहा फ्लाईओवर का काम।
तेजी से चल रहा फ्लाईओवर का काम।

30 प्रतिशत काम पूरा

शहर में बन रहे फ्लाईओवर का काम 2023 में मौजूदा कंपनी को पूरा करना है। कंपनी ने अभी तक 30 प्रतिशत काम पूरा कर लिया है। इसमें मदनमहल की रोटरी का काम चालू है। इसके अलावा मदनहल थाने की ओर स्टे केबिल ब्रिज के लिए पायलान का काम चालू है। फ्लाईओवर में हर पिलर के बीच 36 मीटर लंबे स्पान कंक्रीट के रखे जा रहे हैं। लेकिन रानीताल और बल्देवबाग के बीच यातायात अधिक होता है। इन दोनों ही क्षेत्रों में 65 मीटर लंबे लोहे के स्पान रखे जाएंगे।

हैदराबाद से आने लगे स्टील ब्रिज

मदन महल से दमोहनाका के बीच बनने वाले फ्लाईओवर में दो स्पान हैदराबाद में तैयार हो रहे थे। लोहे के बने इस स्पान को रानीताल और बल्देवबाग में लगाया जाना है। ये ब्रिज हैदराबाद से बनकर आना शुरू हो गए है। इनकी लंबाई अधिक होने के कारण कई टुकड़ों में इन्हें ट्रक से लाया जा रहा है। अभी एक स्पान का आधा हिस्सा भी नहीं पहुंचा है। एक स्पान का पूरा हिस्सा लाने के लिए छह से ज्यादा ट्रक में इसके हिस्से को लाया जाएगा। करीब 200 फीट लंबा एक लोहे का ब्रिज है जिसे कई टुकड़ों में लाया जा रहा है।

शहर में बन रहा एमपी का सबसे लंबा फ्लाईओवर

  • लंबाई-7 किमी
  • लागत - 827 करोड़
  • कहां से कहां तक-दमोहनाका से मदनमहल तक
  • मदनमहल स्टेशन के ऊपर- केबल स्टे ब्रिज 38 करोड़ रुपए की लागत से
  • निर्माण की अवधि- 36 माह
  • फ्लाईओवर के नीचे दोनों तरफ 36-36 फीट की सड़क।
  • फ्लाईओवर की चौड़ाई- 36 फीट
  • मदनमहल, रानीताल, दमोहनाका में रोटरी का निर्माण

उधर, कटंगा फ्लाईओवर का भी हुआ टेंडर

शहर में नर्मदा रोड पर कटंगा फ्लाईओवर का भी टेंडर हो गया है। शासन की ओर से लोक निर्माण विभाग द्वारा कराए जा रहे इस 450 मीटर प्रस्तावित फ्लाईओवर का काम भोपाल की एजेंसी को मिला है। ईई लोक निर्माण विभाग सेतु नरेंद्र शर्मा के मुताबिक 17 करोड़ की लागत से यह फ्लाईओवर बनेगा।

इसमें 8.4 मीटर फ्लाईओवर की चौड़ाई होगी। एक साल में निर्माण पूरा करने की समय सीमा निर्धारित की गई है। स्थानीय कांग्रेस विधायक एवं पूर्व वित्त मंत्री तरुण भनोत ने बताया कि कमलनाथ सरकार ने इस फ्लाईओवर को स्वीकृति दी थी। बजट भी 34 करोड़ आवंटित की थी, लेकिन इसे बाद में लटकाया गया।