• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Jabalpur
  • After Two Years, Parihar Became The DIG Of Jabalpur, Said That I Am Familiar With The Effect Of The District.

बेहतर कानून व्यवस्था व ट्रैफिक होगी प्राथमिकता:दो साल बाद जबलपुर डीआईजी बने परिहार ने कहा जिले की तासीर से परिचित हूं

जबलपुरएक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
डीआईजी आरआरएस परिहार ने पद संभाला। - Dainik Bhaskar
डीआईजी आरआरएस परिहार ने पद संभाला।

बेहतर कानून व्यवस्था और ट्रैफिक हमारी प्राथमिकता होगी। जबलपुर बेहतर पुलिसिंग के लिए पहले से जानी जाती है, बस इसे डायरेक्शन देने की जरूरत है। ये कहना है जबलपुर के नए डीआईजी आरआरएस परिहार का। बोले कि मैं जबलपुर में एसडीओपी के तौर पर सिहोरा में रह चुका हूं। मंडला में एसपी रहते हुए प्रमोशन पाया हूं। इस कारण इस क्षेत्र के तासीर को समझता हूं।

डीआईजी परिहार ने 03 दिसंबर शुक्रवार को जबलपुर डीआईजी का पद संभाला। इस अवसर पर एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा, आरआई सौरव तिवारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। 1990 में वह बतौर डीएसपी पुलिस विभाग में अपनी सेवा शुरू की थी।

2006 में आईपीएस अवार्ड हुआ

31 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले डीआईजी परिहार मूलत: रीवा के रहने वाले हैं। यहां पदस्थापना से पहले वह पुलिस मुख्यालय भोपाल में डीआईजी थे। 1998 में वह एसडीओपी के तौर पर सिहोरा में रह चुके हैं। 2006 में उन्हें आईपीएस अवार्ड हुआ। बतौर एसपी वे मंडला, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, आगर जिले में रह चुके हैं।

01 जनवरी 2021 को डीआईजी बने

01 जनवरी 2021 को वे डीआईजी पद पर प्रोन्नत हुए, तब वे मंडला में बतौर एसपी पदस्थ थे। डीआईजी परिहार ने कहा कि बेहतर कानून व्यवस्था और महानगर का स्वरूप ले रहे जबलपुर में बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था काे लागू करने पर फोकस करेंगे। भू-माफिया, नशे के सौदागर, और संगठित अपराध करने वालों पर नकेल कसेंगे।

दो साल से अधिक समय से खाली रहा पद

जबलपुर डीआईजी के तौर पर 30 जून 2019 को मनोहर वर्मा रिटायर हुए थे। तब से डीआईजी का पद खाली था। ये पहली बार है, जब जबलपुर डीआईजी का पद इतने समय तक रिक्त रहा। अब आरआरएस परिहार को जबलपुर डीआईजी का दायित्व मिला है। वे काफी सुलझे हुए अधिकारी माने जाते हैं।

खबरें और भी हैं...