संक्रमण का खतरा:खुले में पड़ा कोरोना मरीजों का बायो मेडिकल वेस्ट, मेडिकल में ग्राउंड पर लगा ढेर

जबलपुर6 महीने पहले
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  • विडंबना :आवारा पशु फैला रहे कचरा, प्रबंधन का दावा- दिन में तीन बार कचरा उठा रही एजेंसी

बायो मेडिकल वेस्ट का प्रबंधन इस तरह होना चाहिए कि वह आम लोगों की पहुँच से दूर रहे और बात जब कोरोना से जुड़े बायो मेडिकल वेस्ट की हो तो इसका विशेष ध्यान रखना जरूरी है। मेडिकल कॉलेज में बायो मेडिकल वेस्ट के प्रबंधन को लेकर लापरवाही देखने मिल रही है।

कैंपस के अंदर ही एक ग्राउंड पर कोरोना वार्डों से निकले मेडिकल वेस्ट एवं अन्य चीजाें को डंप किया जा रहा है। प्रबंधन का दावा है कि बायाे मेडिकल वेस्ट उठाने के लिए जिस एजेंसी काे अनुबंधित किया गया है, वह दिन में तीन बार वेस्ट उठा रही है। वहीं हकीकत कुछ और दिखाई दे रही है। एजेंसी के कचरा उठाने के बाद भी कचरे का ढेर लगा हुआ है और भोजन की तलाश में पहुँच रहे पशु कचरे काे फैलाने का काम कर रहे हैं। इससे बीमारियाँ फैलने का खतरा भी बना हुआ है।

मरीजों के कपड़े और खाने की थालियाँ भी

बायो मेडिकल वेस्ट में पीपीई किट, ग्लव्ज के अलावा मरीजों के कपड़े, उपयोग किए गए डिस्पोजेबल बर्तन, खाने की डिस्पोजेबल थालियाँ एवं अन्य सामग्री शामिल हैं। इसी के चलते गाय, बैल एवं अन्य पशु पहुँच रहे हैं और कचरे में खाना ढूँढ़ते-ढूँढ़ते कचरा फैला रहे हैं।

बायो हजार्ड पैकेट खोल देते हैं जानवर

अस्पताल से निकलने वाले वेस्ट को बायो हजार्ड पैकेट में पैक करके बाहर किया जाता है, ताकि कोई इसके संपर्क में न आ सके, लेकिन पैकेट जब कुछ दिन तक पड़े रह जाते हैं तो जानवर मुँह मार-मारकर पैकेट खोले देते हैं और कचरा बाहर निकल आता है।

कोरोना संक्रमण के चलते बायो मेडिकल वेस्ट ज्यादा निकल रहा है। कचरे के प्रबंधन के लिए एजेंसी अनुबंधित है जो दिन में तीन बार कचरा उठाती है। मेडिकल वेस्ट बायो हजार्ड बैग में पैक किया जाता है, ताकि कोई इसके संपर्क में न आए।
-डॉ. राजेश तिवारी, अधीक्षक, मेडिकल अस्पताल

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