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जबलपुर में 60% निजी स्कूलों में रहा हड़ताल:नागरिक उपभोक्ता मंच ने कहा ये हाईकोर्ट की अवमानना, दायर की याचिका, अधिक फीस वसूलने वाले स्कूलों की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी

जबलपुरएक वर्ष पहले
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जबलपुर में 60% स्कूल हड़ताल में शामिल हुए। - Dainik Bhaskar
जबलपुर में 60% स्कूल हड़ताल में शामिल हुए।

आठ सूत्रीय मांग को लेकर प्रदेश भर के निजी स्कूलों की हड़ताल में जिले के लगभग 60% प्रतिशत संचालक शामिल हुए। अन्य में कहीं परीक्षाएं चल रही है, तो कुछ में ऑनलाइन क्लास चली। निजी स्कूल संचालकों की इस मनमानी और 48 घंटे में हड़ताल वापस लेने की नोटिस देने वाले नागरिक उपभोक्ता मंच ने सोमवार दोपहर को जनहित याचिका दायर करते हुए शीघ्र सुनवाई की मांग की है।

स्कूल संचालकों की मनमानी पर अंकुश लगाने प्रशासन ने भी तैयारी कर ली है। जबलपुर में जिला शिक्षा अधिकारी ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। फीस बढ़ाने वाले स्कूलों की अभिभावक यहां शिकायत कर सकते हैं।

जबलपुर जिले के 20 नामी स्कूलों की दैनिक भास्कर ने पड़ताल की। इसमें 60 प्रतिशत के लगभग स्कूल जहां हड़ताल में शामिल मिले। वहीं 40 प्रतिशत के लगभग ने इससे दूरी बना रखी है। विजय नगर स्थिज जॉय स्कूल में ऑनलाइन परीक्षा ली गई। वहीं सत्यप्रकाश, क्राइस्ट चर्च ब्वॉयस और गर्ल्स स्कूल में ऑनलाइन क्लास चलाई गई।

इन स्कूलों ने किया हड़ताल का समर्थन

स्टेमफील्ड इंटरनेशनल स्कूल विजय नगर व बल्देवबाग, आदित्य कांवेंट, अशोका हाॅल हाईस्कूल, दिल्ली पब्लिक स्कूल, ज्ञानगंगा पब्लिक स्कूल, लिटिल किंगडम स्कूल, लिटिल वर्ल्ड स्कूल, नचिकेता हॉ. सेकेंडरी स्कूल, स्मॉल वंडर्स स्कूल, सेंट अलॉयसिस स्कूल सदर, रिमछा व पोलीपाथर, सेंट अगस्टाईन स्कूल, सेंट जोसेफ कांवेंट स्कूलों ने हड़ताल का समर्थन करते हुए एक दिन की ऑनलाइन क्लास बंद रखी है।

संभाग आयुक्त को सौपेंगे ज्ञापन

निजी स्कूल एसोसिएशन अपनी मांग के समर्थन में जिला शिक्षा अधिकारी और संभाग आयुक्त को ज्ञापन सौंपेंगे। इस ज्ञापन में उनकी आठ सूत्रीय मांग शामिल रहेगी।

  • कोरोना की तीसरी लहर की सिर्फ संभावना के आधार पर स्कूल बंद करने का निर्णय तत्काल वापस लें।
  • निजी स्कूलों को आर्थिक पैकेज, बिजली के अनुसार बिल लेने व पुराने बिल को समायोजित किया जाए, संपत्ति कर, स्कूल वाहनों का रोड टैक्स, परमिट आदि में राहत प्रदान की जाए। वहीं आरटीई के तहत प्रवेश लेने वाले बच्चों के एवज में बकाया राशि का भुगतान किया जाए।
  • केंद्र सरकार के जारी एसओपी के अनुसार 9 से 12वीं के स्कूल को तुंरत खोल जाए।
  • अभिभावक नियमित फीस न दे तो विलंब शुल्क देने के लिए बाध्य किया जाए।
  • मप्र शिक्षा विभाग ने आदेश जारी किया था कि बिना टीसी कोई विद्यालय प्रवेश न दें, पर कई विद्यालय ऐसा नहीं कर रहे हैं। उन पर कार्रवाई की जाए।
  • शिक्षण शुल्क न देने वाले बच्चों को अगली कक्षा में प्रमोट न किया जाए।
  • सरकार निजी स्कूल संचालकों के साथ मिलकर बैठक करें और निजी स्कूलों के बारे में कोई भी निर्णय में एसोसिएशन को भी शामिल करे।
  • माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्धता प्राप्त स्कूलों की मान्यता का नवीनीकरण 5 वर्ष के लिए कर दिया जाए।

अभिभावक संघ मुखर, हाईकोर्ट में जनहित याचिका लगी

कोविड काल में निजी स्कूल संचालकों की मनमानी और फीस बढ़ाने का दबाव बनाने के लिए हड़ताल को लेकर अभिभावक संघ भी मुखर हो चला है। अभिभावकों की ओर से नागरिक उपभोक्ता मंच ने निजी स्कूल एसोसिएशन के खिलाफ सोमवार दोपहर को जनहित याचिका लगा दी।

इससे पहले स्कूल संचालकों को 48 घंटे का नोटिस भेजकर हड़ताल वापस लेने को कहा था। स्कूल एसोसिएशन को अपना पक्ष हाईकोर्ट में रखने की बात कही थी। मंच के डॉक्टर पीजी नाजपांडे के मुताबिक स्कूल संचालक मनमानी की छूट चाहते हैं। अब इसके खिलाफ कोर्ट में जनहित याचिका लगाया जा चुका है। कोर्ट से निजी स्कूलों की हड़ताल को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की गई है।

कोर्ट का नवंबर 2020 में आ चुका है स्पष्ट निर्णय

हाईकोर्ट ने 4 नवंबर 2020 को राज्य सरकार द्वारा 10% फीस बढ़ाए जाने के मामले में निजी स्कूलों को लेकर बड़ा और स्पष्ट निर्णय दिया था। कोर्ट ने कहा था कि जब तक कोविड का संक्रमण रहेगा और स्कूल पहले की स्थित में सामान्य तरीके से खुल नहीं जाते, तब तक कोई भी स्कूल ट्यूशन फीस के अलावा कोई शुल्क नहीं ले सकता है। कोर्ट के इसी आदेश को आधार बनाकर नागरिक उपभोक्ता मंच जनहित याचिका दायर करने जा रहा है।

जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश पत्र।
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश पत्र।

स्कूल संचालकों की मनमानी के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी

शासन ने वर्ष 2021-22 के लिए निजी स्कूलों के फीस में किसी तरह का बदलाव नहीं किया है। इसके बावजूद यदि कोई स्कूल फीस बढ़ाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। शासन के इस आदेश के क्रम में जबलपुर जिला शिक्षा अधिकारी ने विकास खंडवार और जिला स्तरीय हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। इस पर अभिभावक अपनी शिकायत कर सकते हैं। शिकायतों के निराकरण के लिए विकास खंड स्तरीय और जिला स्तरीय समिति भी बनाई है।

जिला स्तरीय काॅल सेंटर-

योजना अधिकारी रामानुज तिवारी-8965005152

मिर्जा मंसूर बेग-9425387830

विकासखंडवार यहां करें शिकायत-

बीआरसी जबलपुर नगर-एक- 8982369022

बीआरसी जबलपुर नगर-दो- 9425410716

बीआरसी ग्रामीण- 9424997963

बीआरसी पनागर- 9425945214

बीआरसी सिहोरा- 9926403746

बीआरसी मझौली- 8602150405

बीआरसी पाटन- 8319815758

बीआरसी शहपुरा- 8319749274

बीआरसी कुंडम- 9131401881

जिला स्तरीय समिति-

परियोजना समन्वयक आरपी चतुर्वेदी को नोडल अधिकारी बनाया गया है। वहीं समिति में प्राचार्य एसएन श्रीवास्तव व प्राचार्य डीके गुप्ता सदस्य होंगे।

विकास खंड स्तरीय समिति-

विकास खंड शिक्षा अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उनके सहयोग में संकुल प्राचार्य और विकास खंड स्रोत समन्वयक होंगे।

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