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एसआईटी की जांच शुरू:सिटी अस्पताल की मैनेजर सोनिया और अभिषेक को बयान दर्ज कराने किया तलब, अस्पताल भी सबूत जुटाने पहुंची टीम

जबलपुर5 महीने पहले
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सिटी अस्पताल में नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन स्कैम में एसआईटी की जांच तेज। - Dainik Bhaskar
सिटी अस्पताल में नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन स्कैम में एसआईटी की जांच तेज।

गुजरात के नकली रेमडेसिविर फैक्ट्री से 500 इंजेक्शन अपने सिटी अस्पताल में खपाने वाले डायरेक्टर सरबजीत मोखा के कारे कारनामों की परत उधेड़नी एसआईटी ने शुरू कर दी है। एसआईटी की एक टीम ने अस्पताल पहुंच कर कई अहम दस्तावेज जब्त किए। वहीं मोखा की राजदार और अस्पताल की मैनेजर सोनिया खत्री और अभिषेक को एसआईटी ने बयान दर्ज कराने तलब किया है।

एसआईटी टीम को अब तक के पूछताछ में यह पता चला है कि मोखा ने 500 इंजेक्शन खपाया है। इसका पता लगाने के लिए टीम 20 अप्रैल से भर्ती मरीजों का डाटा जुटाने में लगी है। इसमें अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या, कितने मरीजों को रेमडेसिविर इंजेक्शन लगे। कितने दिन वे भर्ती रहे। इस दौरान कुल कितने लोगों की मौत हुई। इन मरीजों से कितना बिल वसूला गया। वहीं अस्पताल को आवंटित रेमडेसिविर इंजेक्शन का भी पूरा ब्यौरा टीम ने जुटाया है।

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राजदार सोनिया बताएंगी मोखा के कारनामें
एसआईटी ने सिटी अस्पताल की मैनेजर सोनिया खत्री और सीनियर मैनेजर अभिषेक चक्रवर्ती को तलब किया है। अस्पताल में होने वाले सारे काले-पीले के ये राजदार हैं। खासकर सोनिया खत्री से टीम को मोखा के बारे में अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है। मोखा सबसे अधिक भरोसा भी सोनिया खत्री पर ही करता है। इस परिवार पर मोखा कुछ अधिक ही मेहरबान है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सोनिया की बहन सपना इसी अस्पताल में कैशलेस का काम देखती है। उसके भाई भी अस्पताल से जुड़े हैं।

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एसआईटी की चूक आ रही सामने
एसआईटी की टीम ने नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन मामले में कई तरह की चूक की है। एक बड़ी चूक मोखा का मोबाइल न जब्त करना है। सूत्रों की मानें तो मोखा को जेल भेजने के बाद एसआईटी को इसकी सुध आई। अब उसकी पत्नी और भाई से मोखा का मोबाइल प्राप्त करना टेढ़ी खीर साबित हो रही है। जबकि उसके मोबाइल से एसआईटी को कई अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है। पुलिस मोखा के काॅल डिटेल भी निकलवाने की कवायद में जुटी है।
ये है पूरा मामला
6 मई की देर रात गुजरात की मोरबी थाने की पुलिस ने अधारताल के आशानगर से सपन जैन को गिरफ्तार किया। इससे पहले गुजरात में नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन की फैक्ट्री का खुलासा वहां की पुलिस ने किया था। इस फैक्ट्री से पूरे देश में एक लाख इंजेक्शन बेचे गए। इसमें 500 जबलपुर में मोखा ने खरीदे थे। इस प्रकरण में सपन जैन, मोखा और उसके सिटी अस्पताल का कर्मी देवेश चौरसिया को ओमती पुलिस ने आरोपी बनाते हुए एफआईआर दर्ज है। इसी की जांच के लिए 20 सदस्यीय एसआईटी एसपी ने गठित की है।

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