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कोविड-19 मुख्यमंत्री बाल कल्याण योजना:सीएम ने बेसहारा बच्चों के पालकों से कहा इन्हें महसूस न होने दें माता-पिता की कमी

जबलपुर18 दिन पहले
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  • पाँच-पाँच हजार की पेंशन राशि खाते में होगी जमा

कोविड महामारी में जिन बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया है अब इन बच्चों की परवरिश ऐसी होनी चाहिये कि उन्हें अपने माता-पिता की कमी का अहसास न हो। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जिले के 5 ऐसे अनाथ बच्चों का जिम्मा उनके संरक्षकों को सौंपते हुए वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग में यह बात कही। सीएम ने इस दौरान कहा कि ऐसे बच्चों के लिये मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना शुरू की गई है। जिसका लाभ बच्चों को दिया गया।

जिले के दो परिवारों के पाँच में से एक परिवार के दो तथा एक परिवार के तीन बच्चे हैं जिनके माता-पिता दोनों की मृत्यु हो गई है। मुख्यमंत्री ने वीसी के जरिये इन बच्चों के संरक्षक कैलाश सोनी और देवेंद्र नायडू से बात की और कहा कि बच्चों की शिक्षा-दीक्षा की जिम्मेदारी सरकार उठायेगी। इस दौरान कलेक्ट्रेट में अपर कलेक्टर राजेश बाथम ने उन्हें मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना का स्वीकृति पत्र प्रदान किया।

अपने बच्चों की तरह रखेंगे ख्याल; मुख्यमंत्री से हुई चर्चा में बरखेड़ा बाजार गंगई, शहपुरा निवासी कैलाश सोनी ने बताया कि उनकी बहू की मृत्यु 4 अप्रैल को एवं छोटे भाई मनोज सोनी की मृत्यु 20 मई को हो चुकी है उनके एक 10 वर्ष के बालक तथा 14 व 16 वर्ष की दो बालिका हैं जिनके वे अब संरक्षक हैं। उन्होंने कहा कि वे अपने बच्चों की तरह ही उनका पालन-पोषण करेंगे और उनका पूरा ख्याल रखेंगे।

इसी प्रकार नरसिंह नगर रांझी निवासी देवेंद्र नायडू ने बताया कि उनकी बहू की मृत्यु 19 अप्रैल को तथा उनके छोटे भाई की मृत्यु 24 अप्रैल को कोविड-19 से हो गई थी और उनकी 13 वर्ष की बिटिया और 12 वर्ष का बेटा है। वे अब इन बच्चों का पालन-पोषण करेंगे और उनका पूरा ध्यान रखेंगे। उन्होंने इन बच्चों के सहायतार्थ दिए जाने वाले 5 हजार रुपये प्रति माह पेंशन व उनके शिक्षा-दीक्षा के लिए किए जा रहे प्रयास पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को धन्यवाद ज्ञापित किया।

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