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  • 800 Meters Road Costing 2.66 Crores Was Breaking As Soon As It Was Built, Bhopal Team Caught The Mistake

PM मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार:जबलपुर में स्मार्ट सिटी की 2.66 करोड़ की 800 मीटर सड़क बनते ही ध्वस्त; सांठगांठ करके पास कराई तो भोपाल की टीम ने कर दी रिजेक्ट

जबलपुर9 दिन पहले
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शारदा चौक से शारदा मंदिर की सड़क का हाल। - Dainik Bhaskar
शारदा चौक से शारदा मंदिर की सड़क का हाल।

PM मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल स्मार्ट सिटी में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। आलम ये है कि 2.66 करोड़ की जिस सड़क को भोपाल से आई क्वालिटी कंट्रोल टीम ने रिजेक्ट कर दिया। उसे यहां के इंजीनियरों ने पास कर दिया था। जांच के बीच ही निर्माण एजेंसी ने काम बंद कर दिया। कई बार नोटिस के बाद भी काम शुरू नहीं किया। एक साल बाद इस एजेंसी को अब टर्मिनेट करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही कुछ और एजेंसियों को भी चेतावनी दी गई है।

जबलपुर स्मार्ट सिटी की ओर से शारदा चौक से शारदा मंदिर तक 800 मीटर की सड़क निर्माण का ठेका सुमित कंट्रक्शन कंपनी को दिया गया था। 2 करोड़ 66 लाख की लागत वाली इस सड़क का निर्माण पिछले एक साल से अटका हुआ है। स्मार्ट सिटी की सीईओ निधि सिंह राजपूत के मुताबिक कई बार ठेका कंपनी को काम शुरू करने के लिए कहा गया। नोटिस भी दी गई, लेकिन काम शुरू नहीं हुआ। लेटलतीफी के चलते कार्यकारी निदेशक संदीप जीआर ने एजेंसी को टर्मिनेट कर दिया। वहीं दूसरी एजेंसियों को भी चेतावनी जारी की है।
असल खेल पेमेंट और कमीशन का
स्मार्ट सिटी के सुत्रों के मुताबिक 2 करोड़ 66 लाख की लागत से तैयार हो रही इस सड़क के निर्माण क्वालिटी काे लेकर शिकायत हुई थी। इसकी जांच करने भोपाल से क्वालिटी कंट्रोल की टीम आई थी। इस टीम ने निर्माण की गुणवत्ता को स्तरहीन मानते हुए इसे रिजेक्ट कर दिया था। इस रोड का कुछ हिस्सा निर्मित भी हो चुका है। जांच में सामने आया कि इस रोड की सीमेंट छूटने लगी है। गड्‌ढे होने लगे हैं। रोड के साथ निर्मित नाली भी टूटने लगी थी। इसके बावजूद स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने इसे पास करने की कोशिश की। तीन बार के नियम को परे रखकर 9 बार कोर कटिंग कराई। इसमें से 7 बार की कोर कटिंग 100 प्रतिशत से पास भी हो गई। 2 कोर कटिंग में थोड़ा संदेह था, मगर बाद में वे भी पास हो गई।
ठेकेदार को थमाए 2 नोटिस
रोड-नाला निर्माण में हुई गड़बड़ी को लेकर ठेकेदार को स्मार्ट सिटी प्रबंधन की ओर से 2 बार नोटिस जारी हुआ लेकिन निर्माण की गुणवत्ता की शिकायत दूर नहीं हुई। इस रोड का काम करीब महीने भर से बंद था। ठेकेदार का दावा है कि स्थानीय लोग काम नहीं करने दे रहे हैं। वहीं यहां के टाल संचालक अपने ट्रैक्टर नई बनी रोड से निकालने लगे थे। इसकी वजह से रोड टूट गई थी। रनिंग पेमेंट भी रोक दिया गया। इसके चलते काम रोकना पड़ा।
मोटी तनख्वाह ले रहे इंजीनियरों की भूमिका पर सवाल
स्मार्ट सिटी के कामों की देखभाल व मॉनिटरिंग के लिए मोटी तनख्वाह पर इंजीनियर रखे गए हैं। बावजूद इस सड़क की गुणवत्ता ने उनकी भूमिका को कटघरे में खड़ा कर दिया है। हालांकि सीईओ निधि सिंह राजपूत ने बचाव किया है। उनका तर्क है कि इंजीनियरों की मॉनिटरिंग के चलते ही ऐसे लापरवाह ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
गुणवत्ता और लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं
स्मार्ट सिटी के कार्यों में लेटलतीफी और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करेंगे। कार्यों की समीक्षा में ऐसे सभी एजेंसियों को चेतावनी दी गई है। सुमित कंट्रक्शन की लापरवाही के चलते टर्मिनेट किया गया है। सभी एजेंसी गुणवत्ता का ध्यान रखें, नहीं तो सभी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
संदीप जीआर, कार्यकारी निदेशक, स्मार्ट सिटी कंपनी जबलपुर

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