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जबलपुर में 26 हजार से अधिक डोज लगाए गए:जिले में 87 सेंटर्स पर कोवीशील्ड का लगाया गया टीका, शहर में 33 तो ग्रामीण क्षेत्रों में 54 केंद्रों पर लगा वैक्सीन

जबलपुर13 दिन पहले
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जिले में 87 केंद्रों पर कोवीशील्ड की दोनों डोज लगाई गई। - Dainik Bhaskar
जिले में 87 केंद्रों पर कोवीशील्ड की दोनों डोज लगाई गई।

जबलपुर में चार दिन बाद बुधवार 14 जुलाई को 87 केंद्रों पर 26 हजार से अधिक वैक्सीन लगाई गई। सभी जगह कोवीशील्ड ही लगाई गई। शहर में 33 तो ग्रामीण क्षेत्रों में 54 सेंटर बनाए गए थे। शहर में अधिक डिमांड को देखते हुए 15 हजार डोज तो ग्रामीण क्षेत्र के 55 सेंटर्स के लिए 10 हजार डोज लगाने का टार्गेट दिया था। कोवैक्सीन की उपलब्धता न होने पर कई लोगों को दूसरा डोज नहीं लग पा रहा है।

जिला टीकाकरण अधिकारी डॉक्टर शत्रुघन दाहिया ने बताया कि मंगलवार को ऑटो वालों का वैक्सीनेशन किया गया था। बुधवार को जिले के 87 केंद्रों पर वैक्सीनेशन के लिए कुल 25 हजार डोज उपलब्ध कराई गई थी। 18 प्लस से ऊपर के सभी लोगों को इन सेंटरों पर वैक्सीन लगाई गई। अभी कोवैक्सीन के लिए लोगों को इंतजार करना होगा। बुधवार को 45 प्लस वालों ने 14 हजार 378 तो 18 प्लस वालों ने 11 हजार 925 लोगों ने वैक्सीन लगवाई। जिले में अब कुल 12 लाख 21 हजार 73 लोग वैक्सीन लगवा चुके हैं। 21 जून के बाद सबसे अधिक 3 लाख 82 हजार 990 लोग वैक्सीन लगवा चुके हैं। हालांकि 13 दिन ही वैक्सीनेशन हो पाया।

कई लोगों के पास वैक्सीनेशन का नहीं आया मैसेज

अंतर राज्यीय बस स्टैंड में वैक्सीनेशन अधिकारी की पहल पर विशेष शिविर का आयोजन किया गया था। वहां पहला डोज भी लग गया। बावजूद अभी तक किसी के पास वैक्सीनेशन का मैसेज नहीं आया। मुश्किल है कि वैक्सीनेशन के पहले डोज का मैसेज न मिलने पर दूसरा डोज कैसे लगेगा? वहीं पोर्टल की गड़बड़ी से दूसरी समस्या भी आ रही है। लोगों को डोज तो कोवीशील्ड का लगा, लेकिन उनके मोबाइल पर मैसेज कोवैक्सीन का आ गया है। इसी तरह दोनों डोज लगवा चुके लोगाें को पहले डोज का सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया।

हेल्प डेस्क में भटकने को लोग परेशान

जिला अस्पताल विक्टोरिया में बने हेल्प डेस्क में लोग इसी तरह की त्रुटियां सुधरवाने पहुंच रहे हैं। खासकर विदेश जाने वाले अधिक परेशान हैं। उन्हें कोवीशील्ड का ही प्रमाण पत्र चाहिए, पर मैसेज कोवैक्सीन का मिलने से उनकी मुश्किल बढ़ गई है। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉक्टर दाहिया के मुताबिक कोविन पोर्टल पर हितग्राही भी अपनी त्रुटियों को खुद सुधार सकता है। या फिर वह हेल्प डेस्क की मदद ले सकता है।

शहर में यहां वैक्सीन लगी-

ग्रामीण क्षेत्रों में यहां वैक्सीन लगी-

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