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LHB कोच से दौड़ेंगी दयोदय एक्सप्रेस:जबलपुर से अजमेर के बीच अब 200 की स्पीड से हो सकता है संचालन, नहीं लगेगा यात्रियों को झटका

जबलपुर2 महीने पहले
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एलएचबी कोच से 6 दिसंबर से चलेगी जबलपुर-दयोदया एक्सप्रेस। - Dainik Bhaskar
एलएचबी कोच से 6 दिसंबर से चलेगी जबलपुर-दयोदया एक्सप्रेस।

जबलपुर से अजमेर के बीच संचालित होने वाली दयोदय एक्सप्रेस अब एलएचबी कोच से दौड़ेगी। इस कोच की खासियत ये है कि इससे 200 किमी की स्पीड से चलाया जा सकता है। इसके बावजूद अंदर बैठे यात्रियों को झटका नहीं लगेगा।

जबलपुर से अजमेर के बीच सफर करने वाले यात्रियों को काफी राहत मिलने वाली है। इसकी सीट जहां लंबाई में बड़ी होती है, वहीं झटका नहीं लगता है। ये कोच जर्मन तकनीक से बनाए गए हैं। इस तरह के कोच अभी शताब्दी और राजधानी जैसी सुपरफास्ट ट्रेनों में लगाए गए हैं। पश्चिम मध्य रेलवे अब अपने रेल मंडल में चलने वाली ट्रेनों में ये कोच लगवा रहा है।

06 दिसंबर से एलएचबी कोच के साथ चलेगी

जबलपुर-अजमेर-जबलपुर दयोदय एक्सप्रेस ट्रेन 6 दिसंबर से एलएचबी कोच के साथ चलेगी। इस नए सुरक्षित और अत्याधुनिक कोच से इस गाड़ी की सुरक्षा और गति दोनों बढ़ जाएगी। दयोदया एक्सप्रेस फिलहाल 24 कोच के साथ चलती है। जबलपुर रेल मंडल के सीनियर डीसीएम विश्वरंजन के मुताबिक दयोदया एक्सप्रेस (गाड़ी नंबर 12181/12182) 6 दिसंबर से जर्मन तकनीकी से निर्मित एलएचबी (लिंक हाफमन बुश) कोचों से चलेगी।

पुराने कोच की तुलना में 1.7 मीटर अधिक लंबा हाेगा नया कोच

नए कोच पुराने कोच की अपेक्षा 1.7 मीटर अधिक लंबे हैं। इसमें यात्रियों के लिए सभी श्रेणियों में बर्थ भी सामान्य कोच की तुलना में अधिक हैं। साथ ही इस कोच के साथ ट्रेन को अधिकतम 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया जा सकता है। ये कोच ज्यादा सुरक्षित हैं। किसी अप्रत्याशित दुर्घटना होने पर एक-दूसरे के ऊपर नहीं चढ़ते हैं। एलएचबी रैक के इन कोच में झटका नहीं लगने से यात्रा भी ज्यादा आरामदायक होती है। जबलपुर रेल मंडल कई मेल/एक्सप्रेस गाड़ियों में ये कोच लगा चुका है.

रेलवे सभी ट्रेनों में एलएचबी कोच चरणबद्ध तरीके से लगा रही

रेलवे के लिए LHB कोच पंजाब की कपूरथला रेल कोच फैक्टरी में बनाए जाते हैं। LHB कोच सबसे पहले गतिमान एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस और राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन में लगाए गए थे। बाद में भारतीय रेलवे ने सभी ट्रेनों में ये कोच लगाने का फैसला किया। यह कोच सुरक्षा, गति, क्षमता, आराम के मामलों में पुराने कोच से बेहतर हैं।

एल्युमीनियम से बने ये कोच वजन में हल्के होते हैं। इन कोचों में डिस्क ब्रेक का प्रयोग होता है। इसकी अधिकतम रफ्तार 200 किमी प्रति घंटे होती है और इसमें 80 यात्री बैठते हैं। जबकि पुराने कोच में 72 यात्रियों के लिए ही सीट होती है। इसी तरह एसी में 64 के मुकाबले इसमें 72 सीट होंगी।

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