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असली पैसा, नकली बैंक:18% तक वसूलते थे ब्याज, किश्त न चुकाने पर 50 रुपए पेनाल्टी रोजाना, सरगना समेत पांच गिरफ्तार

जबलपुरएक महीने पहले
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फर्जी बैंक के ऑफिस में पहुंची संजीवनी नगर पुलिस ने दस्तावेज खंगाले, इससे पता चलेगा कि कंपनी ने 400 के अलावा और कितने लोगों से ठगी की। - Dainik Bhaskar
फर्जी बैंक के ऑफिस में पहुंची संजीवनी नगर पुलिस ने दस्तावेज खंगाले, इससे पता चलेगा कि कंपनी ने 400 के अलावा और कितने लोगों से ठगी की।
  • गुजरात में निजी बैंक में मैनेजर रह चुका है संचालक, अभी 400 लोगाें से ठगी सामने आई
  • अधिक ब्याज देने का लालच देकर लोगों से आरडी और एफडी भी करवाते थे

संजीवनी नगर क्षेत्र के गंगानगर में ढाई साल से फर्जी बैंक चल रहा था। बैंक का डायरेक्टर और उसके कर्मी सूदखोरों की तर्ज पर भारी ब्याज पर लोन देकर लोगों का शोषण कर रहे थे। धोखाधड़ी की शिकार महिला की शिकायत पर यह गोरखधंधा उजागर हुआ और पुलिस ने बैंक संचालक सहित 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

शुरुआती जांच में 400 लोगों से ठगी होने की जानकारी सामने आ रही है। यही नहीं, अधिक ब्याज देने का लालच देकर ये लोगों से आरडी और फिक्स डिपॉजिट भी कराते थे। हालांकि लोन देने पर जोर अधिक रहता था। महज 8 से 10 हजार रुपए के कर्ज पर 12 से 18% तक ब्याज वसूला जाता था। किश्त चुकाने में देरी पर 50 रुपए पेनाॅल्टी रोजाना अलग से लगाते थे।

लोन की किश्तें रोजाना, साप्ताहिक आधार पर बनाई जाती थीं। पहली किश्त तो कर्ज देते समय ही काट ली जाती थी। प्रारंभिक छानबीन में सामने आया है, सरगना गणेश सिंह गुजरात में सहारा इंडिया बैंक में ब्रांच मैनेजर रह चुका है। वहां की नौकरी छोड़ने के बाद यहां जबलपुर में उसने खुद का बैंक खोला था, लेकिन वित्तीय लेनदेन की सेवाएं देने संबंधी उसके पास कोई लाइसेंस नहीं था।

5 कर्मचारी भी रखे थे, देता था 5 से 10 हजार रुपए वेतन
गंगानगर सदानंद सोसायटी निवासी गणेश सिंह राजपूत (47) वर्ष 2018 में घर में ही 'स्ट्रीम लाइन नवनिधि लिमिटेड' नाम से बैंक संचालित कर रहा था। इसकी अनुमति या लाइसेंस नहीं लिया गया था। बैंक में अनिकेत श्रीवास्तव, सूरज सोंधिया, गायत्री चंदेल, ममता ठाकुर और प्रीति पुरोहित को बतौर कर्मचारी भी रखा था। फर्जी बैंक में आरडी, एफडी, बचत खाता खुलवाने, लोन देने का काम होता था। गणेश इन कर्मचारियों को पांच से 10 हजार रुपए वेतन भी देता था। वहीं, एजेंट के तौर पर बैंक से जुड़ने वालों को कमीशन।

कमीशन और अधिक ब्याज का देता था लालच
आरोपी एजेंट को 8 हजार रुपए के लोन की हर किश्त पर 68 रुपए कमीशन देता था। इसके अलावा वह खाता खुलवाने पर 18 रुपए का कमीशन देता था। आरडी और एफडी कराने पर भी प्रति हजार पर 50 रुपए का कमीशन देता था। उसके बैंक में आरडी खुलवाने पर आठ से 10 प्रतिशत और एफडी पर 12 प्रतिशत ब्याज का लालच देता था। बैंक में न्यूनतम 1500 रुपए से खाता खुलता था। लोन लेने से पहले बैंक में खाता खोलना अनिवार्य था। लोन यश बैंक के चेक से देता था, जबकि गारंटी के तौर पर लोगों से ब्लैंक चेक लेता था।

आरडी व एफडी के नाम पर पैसे जमा कराए, किसी को लौटाए नहीं
फर्जी बैंक का भंडाफोड़ भूकंप कॉलोनी परसवाड़ा निवासी अंजना गुप्ता की शिकायत से हुई। अंजना ने संजीवनी नगर थाने में गुरुवार को शिकायत दर्ज कराई थी। अंजना गुप्ता के मुताबिक आरोपी गणेश ने उसे जॉब देने के नाम पर बैंक से जोड़ा था, लेकिन एजेंट के तौर पर ही काम लेता रहा। अंजना ने बैंक में सुनीता विश्वकर्मा, आरती, सुशीला, ज्योति, रुकमणि, ज्योति नामदेव, रेखा सोनी, मीना चांदवानी की 50 से लेकर 200 रुपए महीने की आरडी खुलवाई थी।

वहीं, अपने बेटे के नाम पर भी एक हजार की आरडी खुलवाई थी। सभी लोगों का बैंक में खाता भी खुला था। इन महिलाओं में से कुछ ने लोन भी लिया था। लोन की राशि जमा नहीं होने पर भी वह 50 रुपए प्रतिदिन की पेनाॅल्टी वसूलता था। अंजना के मुताबिक उसने बेटे की आरडी का पैसा पूरा होने पर मांगा, तो नहीं दिया गया।

किसी का पैसा नहीं लौटाया
बैंक के आकर्षक ब्याज के लालच में कई लोगों ने एफडी व आरडी कराई है, पर आज तक किसी का पैसा नहीं लौटाया। अंजना के मुताबिक गणेश ने ढाई साल में न तो उसे जॉब लेटर दिया और न ही सैलरी दी। बेटे के नाम पर जमा आरडी की रकम भी लौटाने से मना कर दिया। शिकायत पर शुक्रवार को संजीवनी नगर पुलिस ने गणेश समेत बैंक से जुड़े सभी कर्मियों के खिलाफ धारा 420, 406 भादवि और 3(1), 4, 6(1) मप्र निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच में लिया है।

10 हजार देकर 11 हजार 200 रुपए वसूलता था
गणेश सिंह सूदखोरों की तर्ज पर ब्याज की रकम वसूलता था। 10 हजार रुपए देकर वह 280 रुपए की 40 सप्ताह की किश्त बनाता था। 10 हजार के बदले में वह 11 हजार 200 रुपए वसूलता था। वह लोन वसूलने के लिए प्रतिदिन और सप्ताह का किश्त बनाता था। पांच हजार रुपए से अधिकतम 10 हजार रुपए ही लोन देता था। छानबीन में 400 लोगों को लोन देने की बात सामने आई है। एक भी किश्त का ब्रेक होने पर वह 50 रुपए पेनाॅल्टी वसूूता था।

सरगना रह चुका है निजी बैंक में मैनेजर
संजीवनी नगर टीआई भूमेश्वरी चौहान के मुताबिक मामले में सरगना गणेश सिंह राजपूत समेत अनिकेत श्रीवास्तव, सूरज सोंधिया, गायत्री चंदेल, ममता ठाकुर और प्रीति पुरोहित को गिरफ्तार कर लिया, जबकि फरार ममता ठाकुर की तलाश जारी है। पुलिस ने आरोपी के फर्जी बैंक से दस्तावेज जब्त किए हैं। मुख्य सरगना को पुलिस रिमांड पर लेकर मामले में पूछताछ की जाएगी।

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