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गरीब रथ को OHE से मिलेगी बिजली:हर साल 4 करोड़ रुपए की होगी बचत, जबलपुर से मुम्बई के बीच संचालित होती है ये ट्रेन

जबलपुरएक महीने पहले
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अब गरीब रथ में OHE लाइन से बिजली की सप्लाई होगी। - Dainik Bhaskar
अब गरीब रथ में OHE लाइन से बिजली की सप्लाई होगी।

जबलपुर से मुंबई के बीच चलने वाली गरीब रथ एक्सप्रेस के कोचों में अब बिजली सप्लाई सीधे OHE से होगी। अभी तक डीजल के पावर कार का उपयोग करना पड़ता था। रेलवे की इस पहल से हर साल चार करोड़ रुपए की बचत होगी।

पश्चिम मध्य रेलवे के मुताबिक डीजल के स्थान पर ट्रैक के ऊपर लगे OHE से कोच में बिजली की सप्लाई की जाएगी। इसका फायदा ये होगा कि ध्वनि और वायु प्रदूषण के साथ ही रेलवे को आर्थिक रूप से भी बचत होगी। इस नई तकनीकी का ट्रायल जबलपुर रेल मंडल ने कर लिया है, जिसमें किसी प्रकार का कोई व्यवधान नहीं आया है। अब जल्द ही यह तकनीकी गरीब रथ एक्सप्रेस में पूर्णरूप से लागू होने जा रही है। इसके लागू होते ही प्लेमटफार्म पर इस गाड़ी के खड़े होने पर इसके अगले और पिछले डिब्बों में लगे जनरेटर से आवाज आना और धुआं निकलना भी बंद हो जाएगा।

गरीब रथ में अब ओएचई से कोच को मिलेगी बिजली।
गरीब रथ में अब ओएचई से कोच को मिलेगी बिजली।

एक फेरे में 3000 लीटर डीजल की खपत

जबलपुर मंडल से चलने वाली गरीब रथ एक्सबप्रेस ट्रेन नं. 02187/88 जो कि ई.ओ.जी. (एण्ड ऑन जनरेशन) सिस्टम पर कार्यरत थी। इसमें कोचों में बिजली सप्लाई के लिए पावर कार में लगे डीजल जनरेटर का उपयोग करना पड़ रहा था। इसमें जबलपुर से मुंबई और वापसी यात्रा के दौरान लगभग 3000 लीटर डीजल की खपत होती थी।

ध्वनि और वायु प्रदूषण से भी मिलेगी मुक्ति

वरिष्ठ रेल मंडल विद्युत अभियंता संजय मनेरिया के मुताबिक अब जबलपुर मंडल द्वारा गरीबरथ एक्सप्रेस को एचओजी (हैड ऑन जनरेशन) सिस्टम में परिवर्तित कर दिया गया है। अब कोचों की बिजली सप्लाई विद्युत इंजन द्वारा की जाएगी। एचओजी (विद्युत) से संचालित ट्रेनों के संचालन से डीजल की बचत होगी। साथ ही ध्वनि व वायु प्रदूषण की समस्या से भी निजात मिलेगी।

गरीब रथ से पावर जनरेटर हटाने से हर साल 3.84 करोड़ रुपए की बचत होगी।
गरीब रथ से पावर जनरेटर हटाने से हर साल 3.84 करोड़ रुपए की बचत होगी।

हर साल 3.84 करोड़ रुपए की होगी बचत

एचओजी सिस्टम के माध्यम से ट्रेन के सभी विद्युत उपकरण बिजली से संचालित किए जाएंगे और बड़ी मात्रा में ईंधन (डीजल) की बचत संभव है। गरीब रथ एक्सप्रेस को एचओजी (विद्युत) सिस्टम में परिवर्तित करने के बाद लगभग 4.68 लाख लीटर डीजल प्रतिवर्ष बचेगा।

इससे रेलवे राजस्व में 3.83 करोड़ रुपए की वार्षिक बचत होगी। अब गरीब रथ एक्सप्रेस में इंजन द्वारा 25 केवीए की लाईन से सीधे लोको में 750 वोल्ट का एसी करंट लेकर ट्रेन के हर कोच में लगे ट्रांसफार्मर द्वारा कोच के एसी, विद्युत वल्ब और चार्जिंग सर्किट आदि को बिजली सप्लाई की जाएगी।