जबलपुर में धूप सेंकते दिखा रसल वाइपर का परिवार, VIDEO:मार्बल फैक्ट्री में एक साथ नजर आए चार सांप, 2 घंटे में पकड़कर जंगल में छोड़ा

जबलपुर3 महीने पहले

जबलपुर के चौकीताल स्थित मार्बल फैक्ट्री में उस समय हड़कंप मच गया, जब गोडाउन में एक नहीं, चार रसल वाइपर नजर आए। स्टाफ ने इसकी सूचना मार्बल फैक्ट्री के मालिक सुरेंद्र सोनी को दी, जिसके बाद उन्होंने सर्प विशेषज्ञ गजेंद्र दुबे को मौके पर बुलाया।

सर्प विशेषज्ञ गजेंद्र दुबे ने 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद इन्हें पकड़ा और जंगल में छोड़ा। गजेंद्र दुबे ने बताया कि पकड़े गए रसल वाइपर में दो नर और दो मादा हैं। ठंड के दिनों में ये धूप सेंकने के लिए बाहर निकलते हैं। उन्होंने बताया है कि वैसे तो रसल वाइपर हमेशा अकेले घूमते हैं। जब इन्हें बच्चों को जन्म देना होता है, उस दौरान नर रसल वाइपर भी साथ रहता है। दुनिया में बहुत कम ऐसे सांप होते हैं जो कि अंडे नहीं देकर बच्चों को जन्म देते हैं, उनमें से रसल वाइपर भी एक है। मादा रसल वाइपर एक बार में 50 से 60 बच्चों को जन्म देती है और जन्म के समय वह पूरी तरह से निष्क्रिय हो जाती है। इतना ही नहीं जब तक मादा रसल वाइपर बच्चों को जन्म नहीं दे देती, तब तक वह भूखी ही रहती है। दुबे का कहना है कि रसल वाइपर भारत में किंग कोबरा के बाद दूसरा सबसे जहरीला सांप है।

गजेंद्र दुबे ने बताया कि रसल वाइपर सांप बहुत ही गुस्सैल स्वभाव का होता है। इसके भीतर हीमोटॉक्सिन नामक जहर पाया जाता है। इसके काटने पर मांसपेशियों को बहुत नुकसान होता है। रसल वाइपर के काटने पर यदि 2 घंटे के भीतर इलाज नहीं मिला तो मौत भी हो सकती है। इसके काटने पर व्यक्ति के शरीर की मांसपेशियां फटने लगती हैं। चमड़ी गलने लगती हैं। मसूड़े, आंख, कान से खून आने लगता है। देश के अलग-अलग राज्यों में रसल वाइपर को अलग-अलग नामों से जाना जाता है।