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जबलपुर STF की वांटेड बनी महिला:फर्जी खसरे पर बैंक से लाखों रुपए के केसीसी लोन लेकर फरार; घर का पता निकला फर्जी, गिरफ्तारी पर 5 पांच हजार रुपए का इनाम

जबलपुर6 महीने पहले
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जबलपुर एसटीएफ ने घोषित कराया 5 हजार का इनाम। - Dainik Bhaskar
जबलपुर एसटीएफ ने घोषित कराया 5 हजार का इनाम।

जबलपुर एसटीएफ ने फर्जी खसरे पर लाखों रुपए केसीसी लोन लेकर बैंक को चपत लगाने वाले महिला आरोपी की गिरफ्तारी पर 5 हजार का इनाम घोषित किया है। महिला ने बैंक में अपना पता गाडरवारा नरसिंहपुर भी झूठा दर्ज कराया था। एसटीएफ पते पर तलाश करते हुए पहुंची तो महिला नहीं मिली। इस फर्जीवाड़े में दो प्रशासनिक अधिकारी सहित 11 आरोपी थे। 10 गिरफ्तार हो चुके हैं।

एसटीएफ डीएसपी ललित कुमार कश्यप ने बताया कि 2017 में ये प्रकरण भोपाल में दर्ज हुआ था। दरअसल गाडरवारा में वर्ष 2009-2010 में लैंड रिकार्ड का कंप्यूटराइजेशन हुआ। उस दौरान तहसीलदारों की मिलीभगत से कुछ लोगों ने फेक खसरा नंबर चढ़वा दिया।

फेक खसरा नंबर के आधार पर लिया था बैंक से 80 लाख रुपए का लोन

बाद में इसी फेक खसरा नंबर के आधार पर आईसीआईसीआई बैंक और सेंट्रल बैंक से केसीसी लोन निकलवाया। ये रकम 80 लाख रुपए थी। जब केसीसी लोन नहीं जमा हुआ तो बैंक सक्रिय हुआ। खसरा नंबर के आधार पर जमीन पर कब्जा करने बैंक वाले पहुंचे तो पता चला कि उक्त खसरा नंबर की कहीं जमीन ही नहीं है। फिर बैंक की ओर से एसटीएफ में शिकायत दर्ज कराई गई थी।

11 लोगों के खिलाफ एसटीएफ ने दर्ज किया था मामला

इस मामले में भोपाल एसटीएफ ने तत्कालीन तहसीलदार वीरेंद्र कुमार कर्ण और भुवन गुप्ता समेत गाडरवारा क्षेत्र के नौ हितग्राहियों मायाबाई गुर्जर, नन्हेलाल गुर्जर, किशोर सिंह गुर्जर, भैया जी गुर्जर, सकुनबाई लोधी, श्यामलाल लोधी, सावित्री बाई गुप्ता, विनोद कुमार गुर्जर, और एक अन्य माया बाई गुर्जर के खिलाफ साजिश रचने और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। प्रकरण की जांच जबलपुर एसटीएफ काे ट्रांसफर की गई थी।

15 दिन पहले दो आरोपी दबोचे गए

डीएसपी कश्यप के मुताबिक इस मामले में तीन आरोपी बचे थे। दो आरोपी श्यामलाल उर्फ सुंदरलाल और उसकी पत्नी शकुन बाई उर्फ सुमन बाई को 14 जुलाई को गिरफ्तार किया था। दोनों ने लोन लेने के लिए श्यामलाल और शकुन बाई नाम से दूसरा आधार कार्ड बनवा लिया था। हैरानी की बात ये है कि सिर्फ एड्रेस चेंज कर दोनों ने उक्त आधार कार्ड केंद्र से बनवाए थे। इसकी भी अलग से जांच की जा रही है। दोनों ने सरपंच के लेटर के आधार पर नया आधार कार्ड बनवाया था। 19 को दाेनों को जेल भेजा गया था।

आखिरी आरोपी की गिरफ्तारी बनी चुनौती

मामले में आखिरी आरोपी सावित्री बाई पति राजकुमार गुप्ता निवासी घाटपिपरिया तहसील गाडरवारा जिला नरसिंहपुर की तलाश जारी है। पुलिस उसके घर के पते पर पहुंची ताे वह नहीं मिली। आशंका व्यक्त की जा रही है कि उसने भी फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनवाया होगा। उसने फर्जी कूटरचित खसरे-दस्तावेजों के आधार पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, शाखा गाडरवारा से केसीसी लोन लिया था। उसकी फरारी और पता फर्जी मिलने के चलते एसटीएफ नीरज सोनी ने इनाम का प्रतिवेदन भोपाल भेजा था। वहां से उसकी गिरफ्तारी पर पांच हजार का इनाम घोषित किया गया है।

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