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400 वर्गफीट में 40 तरह की सब्जी, फल-फूल:जबलपुर में नाले के पानी में उगे पत्तागोभी में कीड़ा निकला, डॉक्टर दंपती ने छत पर बनाया गार्डन

जबलपुर4 महीने पहले

शहर में रहते हैं, तो बाजार की सब्जी लेनी मजबूरी है। पर बाजार की सब्जी में न तो स्वाद रहती है और न ही वे हेल्दी होते हैं। रसायनिक खादाें से उगाए इन सब्जियों को खाकर बोर हो रहे हैं, तो जबलपुर के डॉक्टर दंपती से प्रेरणा ले सकते हैं। आपके पास छत या टेरिस की जगह हो तो आप चार से पांच सदस्यों के लिए भरपूर ऑर्गेनिक सब्जी उगा सकते हैं।

किचन के वेस्ट से मटका खाद बनाकर पौधों की खाद की जरूरत भी पूरी कर सकते हैं। डॉक्टर दंपती ने 400 वर्गफीट छत में 40 तरह के सब्जी, फल व फूल के पौधे ग्रो-बैग में लगा रखे हैं। बाजार से बहुत कम सब्जी खरीदनी पड़ती है। किचन गार्डन में कैसे करें सब्जी की खेती? भास्कर खेती-किसानी सीरीज-35 में आए जानते हैं एक्सपर्ट डॉक्टर दंपती पंकज बुधौलिया व अन्नपूर्णा बुधौलिया से…

ग्रो बैग में उगा रहे जैविक गोभी व नीबू।
ग्रो बैग में उगा रहे जैविक गोभी व नीबू।

पांच साल से छत पर उगा रहे जैविक सब्जी

डॉक्टर दंपती अपने अनुभव सुनाते हुए बताया कि पांच साल पहले बाजार से पत्ता गोभी खरीद कर लाए थे। उसे काटा, तो उसमें कीड़े निकले। बदबू ऐसी कि तुरंत फेंकना पड़ा। बाद में पता चला कि शहर में नालों के पानी से कई लोग सब्जी उगाकर बेच रहे हैं। तब से ये तय किया कि अपने छत पर जैविक तरीके से सब्जी उगाएंगे। बाजार से कम सब्जी लाएंगे। गांव से जुड़ाव होने के चलते खेती-किसानी की जानकारी है। इंटरनेट और दोस्तों की मदद से ग्रो-बैग, मिट्‌टी व गोबर की सड़ी खाद लाई। बस इसके बाद जैविक सब्जी, फल व फूलों को लगाना शुरू कर दिया। अब तो किचन के वेस्ट से मटका खाद भी बना लेते हैं।

बैंगन से लेकर 20 से अधिक सब्जियां लगाई है।
बैंगन से लेकर 20 से अधिक सब्जियां लगाई है।

400 वर्गफीट की जगह में ये लगाया

छत की वाटरप्रूफिंग अधिक नहीं थे। ऐसे में लोहे का स्टैंड बनवाया। कई में पहिए भी लगवा दिए हैं। 400 वर्गफीट की जगह में बरबटी, गिलकी, भटा, पालक, फूल गोभी, पत्ता गोभी, भिंडी, मिर्च, गाजर, टमाटर, सेम, अदरक, सरसों, मूली, रेड कैबेज, ब्रोकली, मेथी, लहसुन, सलाद के पत्ते फल के पौधे नीबू, अनार, चीकू, स्ट्राॅबेरी, अमरूद के साथ ही फूल में गुलाब, गेंदा, गुड़हल, शमी आदि के पौधे लगा रखे हैं। ग्रो-बैग पांच साल चल जाता है। रोज आधा घंटे का समय इनकी देखभाल के लिए देना पड़ता है। इसमें सूखे पत्ते हटाने से लेकर खाद आदि डालना पड़ता है।

सलाद पत्ता से लेकर पालक, मेथी, मिर्च आदि भी उगा रहे।
सलाद पत्ता से लेकर पालक, मेथी, मिर्च आदि भी उगा रहे।

आसान है मटका खाद बनाना

किचन में जो भी वेस्ट निकलता है। उसी से मटका खाद बनाते हैं। इसमें सब्जी, फलों के छिलके, सूखे पत्ते, चाय की पत्ती आदि का प्रयोग करते हैं। एक मटका लें। इसमें चारों ओर नीचे छेद कर दें। सबसे नीचे मिट्‌टी, फिर सूखे पत्ते, किचन वेस्ट और फिर मिट्‌टी, सूखे पत्ते, किचन वेस्ट की क्रमश: परत बिछाते जाते हैं। भर जाने पर उसे दो से ढाई महीने के लिए मुंह बंद कर छाए में रख देते हैं। छह से सात किलो जैविक खाद प्राप्त हो जाती है, जो पौधों के विकास के लिए काफी उपयोगी होती है।

लता वाली सब्जियों में बरबटी, गिलकी, सेम आदि लगाए हैं।
लता वाली सब्जियों में बरबटी, गिलकी, सेम आदि लगाए हैं।

सेहत के लिए जैविक व हेल्दी सब्जी खाइए

हम डॉक्टर हैं। इस कारण अच्छे से जानते हैं कि सेहत खराब होने की सबसे बड़ी वजह रसायनिक खाद से पैदा हुआ भोजन ही है। आपके पास छत या टेरिस है, तो आराम से छह से सात तरीके की सब्जी उगा सकते हैं। इसमें लता वाली सब्जी के लिए तारों का जाल लगा दें। अच्छी सेहत के लिए हेल्दी व जैविक सब्जी खाइए। जैविक सब्जियों का परंपरागत स्वाद महसूस होगा।

भास्कर खेती-किसानी एक्सपर्ट सीरीज में अगली स्टोरी होगी बांस की खेती से अगरबत्ती उद्योग शुरू कर बेरोजगार कमा सकते हैं लाखों ? खेती किसानी से संबंधित आपका कोई सवाल हो तो वॉट्सऐप नंबर 9406575355 पर मैसेज करें।

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