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महंगे पेट्रोल पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब:7 से 10% तक एथेनॉल मिलाकर 100% पेट्रोल पर टैक्स वसूल रहीं कंपनियां; पेट्रोलियम मंत्रालय और ऑइल कंपनियों को नोटिस

जबलपुर7 महीने पहले
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हाईकोर्ट में हुई डीजल-पेट्रोल कीमतों को लेकर जनहित याचिका पर सुनवाई। - Dainik Bhaskar
हाईकोर्ट में हुई डीजल-पेट्रोल कीमतों को लेकर जनहित याचिका पर सुनवाई।
  • याचिकाकर्ता का दावा- इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल-डीजल पर 5% ही टैक्स लेने का प्रावधान, सरकार वसूल रही 51 प्रतिशत
  • चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक व जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की डबल बेंच में हुई मामले की सुनवाई

हाईकोर्ट ने तेल कंपनियों और पेट्रोलियम मंत्रालय को नोटिस जारी कर पूछा है कि एथेनॉल मिले डीजल-पेट्रोल पर टैक्स लेने का क्या प्रावधान है। क्या एथेनॉल मिले डीजल-पेट्रोल पर पांच प्रतिशत से अधिक टैक्स नहीं लिया जा सकता। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक और जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की डबल बेंच ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए उक्त नोटिस जारी किया है।

दरअसल डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को जबलपुर हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। एक जनहित याचिका के माध्यम से नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच जबलपुर के संयोजक मनीष शर्मा ने पक्ष रखा है कि इथेनॉल मिश्रित डीजल-पेट्रोल पर सरकार ने पांच प्रतिशत ही टैक्स लेने का नियम बनाया था। पर इस पर 51 प्रतिशत टैक्स वसूला जा रहा है। इसी मामले में आज चीफ जस्टिस व विजय कुमार शुक्ला की डबल बेंच में सुनवाई हुई।

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समझिए याचिका का आधार

याचिककर्ता ने बताया एक हजार मिलीलीटर पेट्रोल में वर्तमान में सात से 10 फीसदी यानी लगभग 70 से 100 मिलीलीटर तक एथेनॉल मिलाया जा रहा है। बावजूद सरकार पूरे एक हजार मिलीलीटर पर टैक्स लगा रही है जबकि 51% टैक्स केवल पेट्रोल की मात्रा पर यानी 900 मिलीलीटर पर वसूलना चाहिए। शेष एथेनॉल की 70 से 100 मिलीलीटर मात्रा पर 5% से ज्यादा टैक्स नहीं लेना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं होने से लोगों को महंगा पेट्रोल मिल रहा है। आने वाले समय में एथेनॉल की मात्रा बढ़कर 300 मिलीलीटर तक पहुंच जाएगी। पेट्रोल कंपनियों एथेनॉल की मात्रा बढ़ाती जा रही हैं लेकिन इसे दर्शाया नहीं जाता।

पेट्रोलियम मंत्रालय व ऑइल कंपनियों को बनाया है पक्षकार
याचिकाकर्ता मनीष शर्मा की ओर से अधिवक्ता सुशांत श्रीवास्तव ने पक्ष रखा। इस याचिका में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय सहित सभी ऑइल कंपनियों को पक्षकार बनाया गया है। अधिवक्ता सुशांत श्रीवास्तव ने तर्क रखा कि पांच प्रतिशत टैक्स की बजाय 18 प्रतिशत केंद्र सरकार और 33 प्रतिशत टैक्स राज्य सरकार वसूल रही है। ऑयल कंपनियां अभी सात से 10 प्रतिशत इथेनॉल मिला रही हैं। इसे 2025 तक 20 प्रतिशत और 2030 तक 30 प्रतिशत तक ले जाने का टारगेट रखा गया है।
पांच से छह रुपए सस्ता हो जाएगा पेट्रोल-डीजल
नियमानुसार इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल-डीजल पर महज पांच प्रतिशत टैक्स लिया जाए, तो आम लोगों को चार से छह रुपए सस्ते में डीजल-पेट्रो मिलेगा। सरकार ने 10 वर्षों में इस तरह से खरबों रुपए वसूल चुकी है। सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड ने आज चौथे दिन बुधवार को पेट्रोल व डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आ सकती है कमी
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच अब वित्त मंत्रालय एक्साइज ड्यूटी कम करने के विकल्प पर विचार कर रहा है। इससे आम लोगों को कीमतों से फौरी राहत मिल सकती है। पिछले एक साल में सरकार ने पेट्रोल-डीजल के टैक्स में दो बार बढ़ोत्तरी की है। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का भाव न्यूनतम रिकॉर्ड स्तर पर थी, तब भी आम लाेगों को कीमत में राहत नहीं मिली थी।

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