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गेहूं उपार्जन:पाटन तहसील में सबसे ज्यादा खरीदी, कुंडम में सबसे कम, 95 फीसदी से अधिक उपज का हुआ परिवहन

जबलपुर25 दिन पहले
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  • 42,036 किसानों से खरीदा 45,24,134 क्विंटल गेहूं

लॉकडाउन में परिवहन की परेशानी के साथ ही पिछले दिनों दो चक्रवाती तूफानों के कारण समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन का शेड्यूल प्रभावित हुआ, लेकिन तिथि बढऩे के बाद खरीदी पर इसका कोई खास असर नहीं दिखा। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की 6 तहसीलों में हुई खरीदी में पाटन मेें सबसे अधिक और कुंडम में सबसे कम गेहूं खरीदा गया। इन सभी तहसीलों में अब तक कुल 42036 किसानों से 4524134 क्विंटल गेहूं का उपार्जन किया गया।

पाटन:11 लाख क्विंटल से अधिक गेहूं की खरीदी- समर्थन मूल्य पर हुई गेहूं खरीदी में पाटन तहसील के किसानों ने सबसे अधिक गेहूं समर्थन मूल्य पर बेचा। यहां के 8971 पंजीकृत किसानों ने 1109309.93 क्विंटल गेहूं की समर्थन मूल्य पर बिक्री की। दूसरी ओर कुंडम में 1530 किसानों का 131140.571 क्विंटल गेहूं ही खरीदा जा सका। शहपुरा और पनागर में गेहूं उपार्जन संतोषजनक ही माना जा रहा है।

सिहोरा: गेहूं के उठाव को प्राथमिकता- प्रदेश सरकार द्वारा जिले में मई माह के दौरान असामयिक वर्षा के कारण उपार्जन कार्य बाधित होने के कारण गेहूं उपार्जन की अवधि बढ़ा दी गई थी, मकसद था कि ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीकृत किसान समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय कर सकें ।

इस संबंध में जिला आपूर्ति अधिकारी ने बताया कि अभी तक जिले के सिहोरा तहसील अंतर्गत 12204 पंजीकृत किसानों से11 लाख 02 हजार 883 क्विंटल गेहूं की खरीदी के विरुद्ध किसानों को देय राशि 215.28 करोड़ में से जिनको 202.03 करोड़ रूपए राशि का सफल भुगतान हो चुका है। खरीदी केंद्रों से परिवहन का प्रतिशत 99.2 है वही मझौली तहसील अंतर्गत 6463 पंजीकृत किसानों से 685921 क्विंटल गेहूं खरीदी के विरुद्ध भुगतान राशि 133.92 करोड़ में 124.69 करोड़ का भुगतान हो चुका है परिवहन का प्रतिशत 98.35 है।

कई समस्याओं से जूझते रहे किसान- किसानों को अपनी गेहूं की खरीदी के लिए अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ा। मई माह के बीच में ताऊ ते तूफान के असर के चलते यहां भी आंधी के साथ बारिश हुई जिससे कई खरीदी केंद्रों में बारिश का पानी भर गया। बारिश होने से खरीदी केंद्रों पर खुले आसमान के नीचे बिकने के लिए रखा सैकड़ों क्विंटल गेहूं भींग गया। हालांकि बार-बार बतातेे रहे कि गेहूं को खास नुकसान नहीं हुआ है लेकिन केेंद्र के पास गुजरने से उठ हीं संड़ांध से गेहूं को हुई क्षति का अनुमान लगाया जा सकता है। इसी प्रकार अनेक खरीदी केंद्रों में पर्याप्त बारदाना नहीं होने से कई बार खरीदी रोकी गई इससे किसानों को खरीदी केंद्र के बाहर तेज धूप में परेशान होना पड़ा। खरीदी केंद्र की अपर्याप्त व्यवस्थाओं ने उनके कष्टों को और बढ़ा दिया।

गांधीग्राम: लक्ष्य से अधिक खरीदी
यहां के हिरदेनगर कछपुरा खरीदी केंद्रों में कहीं कम तो कहीं लक्ष्य के अनुरूप खरीदी हुई। हिरदेनगर ओपन केप प्रभारी भुवनेश्वर तिवारी ने बताया कि केेप में 80 हजार क्विंटल खरीदी का लक्ष्य पूरा हो गया है, वहीं कछपुरा गेहूं खरीदी केंद्र में 50 हजार के लक्ष्य से 20 हजार क्विंटल अधिक खरीदी हुई है। विदित हो कि शासन ने आज से गेहूं खरीदी तुलाई का कार्य केंद्रों में बंद कर दिया गया है।
खरीदी का आज अंतिम दिन
बरेला| शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर की जा रही गेहूं खरीदी का सभी केंद्रों में सोमवार को अंतिम दिन है। सहकारी समिति द्वारा शारदा मंदिर के समीप स्थित शारदा वेयर हाउस में अभी तक लगभग 52,000 क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है। इसी प्रकार सहकारी समिति पड़वार द्वारा पूर्वा स्थित ठाकुर वेयरहाउस में केंद्र एक में 490 किसानों से 52,000 क्विंटल गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। केंद्र 2 में 545 किसानों से 58,000 क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है। सहकारी समिति पिंडरई द्वारा ग्राम कैलवास स्थित अफजल वेयरहाउस में लगभग 50,000 क्विंटल गेहूं की खरीदी की गई है।

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