पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

खसरा नंबर 662:‘तालाब’ और ‘ग्रीन लैण्ड’ में बसी काॅलोनी के सैकड़ों मकानों का टूटना तय, एफआईआर दर्ज कराई जाएगी

जबलपुरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • विधानसभा में लगा मामला, भेजा गया जवाब, कलेक्टर ने कहा- बिना नक्शा पास कराए तैयार हुए अवैध मकानों को तोड़ने होगी कार्रवाई

खसरा नंबर 662 में बने अवैध मकानों का टूटना तय हो गया है।  इस खसरे पर मेडिकल अस्पताल के पीछे तालाब और ग्रीन लैण्ड सहित अन्य भूमि पर बने सैकड़ों अवैध  मकानों को लेकर कई दिनों से चल रहे विवाद को विधायक लखन घनघोरिया ने विधानसभा में उठाया है।  प्रश्न लगते ही कलेक्ट्रेट  सहित अन्य विभागों में हड़कंप की स्थिति बन गई। रातों रात प्रश्नों के जवाब तैयार किए गए और अब पता चला है कि इन अवैध मकानों को कोई नहीं बचा सकता। 
जानकार  सूत्रों के अनुसार विधानसभा में खसरा नंबर 662 के संबंध में जो प्रश्न पूछे गये हैं उनके जवाब तैयार कर राजस्व आयुक्त को भेज दिये गये हैं। सूत्रों का कहना है कि करीब 6 सौ अवैध निर्माण ऐसे हैं, जिन्हें बचाना संभव नहीं है। इनमें से मात्र 2 रजिस्ट्रियाँ ही हुई हैं, जिनकी जाँच की जा रही है।  ये सभी मकान पूरी तरह से ग्रीन लैण्ड और तालाब पर बने हैं।  
जल्द हटाए जाएँगे अतिक्रमण 
खसरा नंबर 662 में बनाये जा रहे मकानों को तत्काल रोकने के आदेश कलेक्टर भरत यादव ने दिये हैं। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों से कहा है कि बिना नक्शा पास कराये जो भी मकान इस क्षेत्र में बन रहे हैं उन पर रोक लगाकर अग्रिम कार्यवाही की जाये, साथ ही जो मकान अवैध रूप से बने हैं उन्हें तोड़ा जाये। कुछ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश भी कलेक्टर द्वारा निगम के अधिकारियों को दिये गये हैं।
अधिकारी बदलते रहे, जाँच दबती रही
तालाब और ग्रीन बेल्ट की जमीन को बेचने में कई लोगों ने लाभ कमाया। प्लॉट और जमीन बिकती रही और जब भी जाँच की बारी आती तो अधिकारी ही बदल जाते थे। हर बार फाइल को दबा दिया जाता था। इस बार अपर कलेक्टर को जाँच कमेटी में रखकर पूरे मामले की तफ्तीश की गई, जिससे उम्मीद बँधी है कि अवैध प्लाॅटिंग करने वाले और तालाब के साथ ही ग्रीन जोन की भूमि बेचने वाले घेरे में आएँगे। जाँच रिपोर्ट में सभी का काला चिट््ठा सामने आ गया है। अधिकारियों का भी कहना है कि इस मामले में जो भी दोषी हैं उन पर निश्चित तौर पर कार्यवाही होगी।पी-2 
यह भेजी गई जानकारी

  •  कलेक्टर जबलपुर की ओर से कहा गया है कि खसरा नंबर 662 रकबा 220.90 एकड़ जो वर्ष 2009-10 में पानी मद में दर्ज है।
  • वर्ष 1955-56 में पानी मद की भूमि के 13 बटाँक किये गये थे।
  • निजी भूमि स्वामी के नाम दर्ज करने के संबंध में न तो कोई प्रकरण और न ही कोई आदेश का हवाला मिला।
  • वर्ष 1953 से 58 तक का 5 साल का खसरा जीर्ण-शीर्ण होने के कारण जानकारी उपलब्ध नहीं हो पाई।
  • वर्ष 1991-92 में 23.04 भूमि शहरी सीलिंग में अतिशेष घोषित की गई। जो खसरा के कॉलम में शासकीय भूमि दर्ज है।

जाँच पूरी, अब होगी कार्यवाही
^खसरा नंबर 662 के संबंध में जाँच समिति गठित की गई थी, जिसकी जाँच रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है, रिपोर्ट में जो कहा गया है उस पर जल्द ही कार्यवाही की जायेगी।
-भरत यादव, कलेक्टर

0

आज का राशिफल

मेष
मेष|Aries

पॉजिटिव- मेष राशि के लिए ग्रह गोचर बेहतरीन परिस्थितियां तैयार कर रहा है। आप अपने अंदर अद्भुत ऊर्जा व आत्मविश्वास महसूस करेंगे। तथा आपकी कार्य क्षमता में भी इजाफा होगा। युवा वर्ग को भी कोई मन मुताबिक क...

और पढ़ें