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रंगदारी नहीं मिली तो किया फायर:जबलपुर में कार सवार बदमाशों ने निर्माणाधीन अस्पताल को जेसीबी से तोड़ा, चौकीदार को डराने किया हवाई फायर

जबलपुर10 महीने पहले
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पनागर पुलिस ने तीन बदमाशों के खिलाफ तोड़फोड़ और धमका कर पैसे मांगने के आरोप में दर्ज किया प्रकरण। - Dainik Bhaskar
पनागर पुलिस ने तीन बदमाशों के खिलाफ तोड़फोड़ और धमका कर पैसे मांगने के आरोप में दर्ज किया प्रकरण।

जबलपुर में कार सवार तीन बदमाशों ने रंगदारी में 20 लाख रुपए नहीं मिलने पर निर्माणाधीन अस्पताल को जेसीबी से लगाकर तोड़फोड़ की और चौकीदार को डराने खातिर हवाई फायर भी किए। चौकीदार की शिकायत पर पनागर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अवैध वसूली, फायरिंग व धमकी सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है।

पनागर टीआई आरके सोनी के मुताबिक गुरुवार दोपहर 12 बजे के लगभग फनवानी मझगवां निवासी चतुर सिंह गौंड़ ने एफआईआर दर्ज कराई। दरअसल वह कंदराखेड़ा गांव में प्रवेंद्र पांडे के निर्माणाधीन हॉस्पिटल में चौकीदारी करता है। बुधवार 08 दिसंबर की देर रात ढाई बजे चतुर सिंह एक अन्य साथी चंद्रकांत ओझा के साथ सो रहा था। तभी वहां करोंदा नाला पनागर निवासी मोहित राजपूत, मझौली निवासी नीरज तिवारी और अंकित राजपूत कार से पहुंचे। उनके साथ एक ड्राइवर जेसीबी भी लेकर पहुंचा था।

जेसीबी से करने लगे तोड़फोड़

तीनों आरोपी जेसीबी से तोड़फोड़ करने लगे। चतुर और चंद्रकांत ने रोकने का प्रयास किया तो मोहित धमकाते हुए बोला कि जब तक उसका सेठ 20 लाख रुपए नहीं देगा, यहां हास्पिटल नहीं बनने देंगे। मोहित ने विरोध कर रहे चतुर के नाक पर घूसा भी मार दिया। शोर सुनकर स्थानीय लोग और रोहित रजक पहुंचे तो मोहित ने पिस्टल से दो हवाई फायर किए।

भीड़ देख, जेसीबी छोड़कर भागे आरोपी

आरोपितयों ने चतुर व चंद्रकांत को धमकाया कि अभी तो बच गए, तेरे सेठ ने पैसे नहीं दिए तो तुम सभी को जान से मार देंगे। भीड़ देख आरोपी जेसीबी मौके पर छोड़कर भाग गए। पुलिस ने जेसीबी जब्त करते हुए आरोपियों के खिलाफ अवैध वसूली, धमकी, एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है।

विवाद की ये है मुख्य वजह

टीआई पनागर सोनी के मुताबिक मुख्य आरोपी मोहित सिंह राजपूत पहले वहां ढाबा चलाता था। जमीन प्रवेंद्र पांडे के नाम पर है। दोनों के बीच कोर्ट में भी प्रकरण चला था। 2006 में कोर्ट ने मोहित को स्टे दिया था कि उसका ढाबा हटाया नहीं जाएगा। पर बाद में प्रवेंद्र पांडे ने इस ढाबे को जबरन तोड़वा दिया। तभी से मोहित सिंह राजपूत प्रवेंद्र पांडे से 20 लाख रुपए की डिमांड कर रहा है। बिना पैसे दिए निर्माण कराने पर यह पूरा विवाद हो रहा है। टीआई सोनी के मुताबिक अभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।